शारदा अस्पताल में 700 से ज्यादा महिलाओं का उपचार
- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर प्रबंधन ने पुख्ता इंतजाम किया
- कुछ महिलाओं में खून की कमी, खानपान का ध्यान रखने और हेल्दी खाना खाने की सलाह
ग्रेटर नोएडा : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शारदा अस्पताल में मंगलवार को सामान्य ओपीडी में 700 से ज्यादा महिलाओं और युवतियों को देखा गया। इसमें जनरल मेडिसीन, आंख, गायनी, दंत रोग और अन्य विशेषज्ञों से उपचार कराया। आज फ्री में करीब 500 से ज्यादा जरूरतमंद महिलाओं का फ्री में सीबीसी, चेस्ट एक्सरे, ईसीजी, ब्लड शुगर रैंडम आदि की जांच की गई। जांच में पाया गया कि कुछ महिलाओं में खून की कमी है। ऐसे मरीजों को खानपान का ध्यान रखने और हेल्दी खाना खाने की सलाह दी गई।
शारदा अस्पताल के वाइस प्रेजिडेंट ऋषभ गुप्ता ने बताया कि हम सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए विशेष दिवसों पर इस तरह के आयोजन करते हैं। आज महिला दिवस के उपलक्ष्य में अस्पताल परिसर को विशेष रूप से सजाया गया। महिलाओं को किसी प्रकार दिक्कत न हो, इसके लिए गेट से लेकर तमाम प्रमुख जगहों पर स्टाफ की तैनाती की गई। सबसे ज्यादा भीड मेडिसीन ओपीडी में रही। इसके अलावा गायनी और आई ओपीडी में भी काफी संख्या में महिलाओं ने अपना उपचार कराया। हमलोग नारी शक्ति के सम्मान में अगले दो दिन तक ओपीडी में आने वाली महिलाओं को डॉक्टरी परामर्श के साथ साथ कई तरह के जांच फ्री में करेंगे। इससे यह फायदा होगा कि महिलाएं आगे आकर अपने स्वास्थ को लेकर सजग होंगी।
उधर, स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस की ओर से भी महिला दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें आईपीएस अधिकारी और एसीपी अंकिता शर्मा, एमएसएमई की महिला विंग की जिलाध्यक्ष ने छात्राओं को आगे बढकर काम करने और विश्वास के साथ जीवन जीने को लेकर प्रेरित किया। मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. मनीषा जिंदल ने आज के हालात में महिलाओं की भागीदारी पर अपने विचार रखे। वहीं, नर्सिंग कॉलेज में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने बच्चों को सेवा का संकल्प दिलाया। इंजीनियरिंग और आर्किटेक्ट विभाग में भी महिला दिवस पर कार्यक्रमों की धूम रही। इस दौरान बेहतर सेवा, आर्किटेक्ट में महिलाओं के योगदान और तकनीकी दुनिया में आधी आबादी का पूरा सच सामने लाया गया। छात्राओं ने कल्पना चावल और सुनीता विलियम्स को यादकर उनसे प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
