सुमित गुर्जर एनकाउंटर मामला : सीबीआई जांच के लिए अड़े परिजन , राजनीतिकरण शुरू
बागपत/नोएडा। थाना कासना क्षेत्र में मंगलवार की रात को पुलिस एनकाउंटर में मारे गये बदमाश सुमित गुर्जर के परिजनों ने आज भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। जिला बागपत के चिरचिटा गांव में परिजन सुमित के शव को रखकर धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि निर्दोष सुमित को पुलिस ने फर्जी तरीके से एनकाउंटर में मार गिराया। परिजनों की मांग है कि इस मामले की जांच सीबीआई से करायी जाये।
गांव चिरचिटा में राष्ट्रीय लोकदल के विधायक वीरपाल राठी पहुंचे। उन्होंने भी पुलिस की कार्यवाही की आलोचना की। बताया जा रहा है कि आसपास के क्षेत्र के कई सपा, बसपा नेता भी गांव में पहुंच रहे हैं। गांव में हजारों की संख्या में लोग पहुंच गये हैं।
मृतक के भाई सुनील के अनुसार जब तक इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश नहीं होते वे सुमित के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उनकी मांग है कि फर्जी मुठभेड़ में सुमित की हत्या करने वाले पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो। परिजन उसके शव का दोबारा से पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहे हैं। मालूम हो कि शराब व्यापारी के दो कर्मचारियों की हत्या कर 20 सितंबर को खेड़ा चैगानपुर के पास हुई चार लाख रूपए की लूट के मामले में थाना कासना पुलिस ने सुमित गुर्जर को मंगलवार की रात को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस ने इसके पास से शराब व्यापारियों से लूटी गयी राइफल, अवैध हथियार आदि बरामद किया था। इस मामले में तीन लोगों को पुलिस ने सोमवार के दिन एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।
सुमित के परिजनों द्वारा मुठभेड़ का विरोध अब राजनैतिक रंग लेने लगा है। विपक्षी पार्टी के नेता अपनी-अपनी राजनीति चमकाने के लिए चिरचिटा गांव पहुंचने लगे हैं।
