महाशिवरात्रि 2022: जग कल्याण को महादेव नीलकंठ कहलाए

लेख-परम शैव्य डॉ. एन. सी शर्मा: आदिदेव शिव जन के कल्याण को हलाहल का पान कर नीलकंठ कहलाए महाशिवरात्रि के ही दिन महादेव ने लिंग रूप में अपना प्रकटीकरण किया था महाशिवरात्रि के दिवस ही संसार के तारणहार महादेव शिव ने जगत जननी जगदंबा आदिशक्ति माता पार्वती से विवाह किया था जहां विश्व आज विश्व युद्ध के कगार पर खड़ा है इस समय महादेव का चिंतन मनन पूजन एवं उनके आदर्शों को आत्मसात करना विश्व के कल्याण के लिए शांति के लिए एक मार्गदर्शन सिद्ध होगा आज मैंने परिवार सहित बिसरख स्थित अष्टभुजी शिवलिंग के दर्शन प्राप्त कर जो कि रावण की जन्मस्थली भी है जाकर विश्व कल्याण की प्रार्थना की , एवं कामना है कि विश्व सुख शांति एवं समृद्धि के मार्ग पर प्रशस्त होता रहेगा ।

“जिनका दिया अमृत जग पीता काल कूट जिनका आहारन

मन उन्हें मेरा शत बारनी

लकंठ हैं ओ घड दानी

पशुपति हैं महाकाल भी भस्म रमैया , जय हो पार्वती पति”.
महाशिवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामना सहित -परम शैव्य

— डा. एन. सी.शर्मा

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