UP ELECTION 2022: जातीय सियासी रंग गुर्जर बनाम ठाकुर में उलझता जेवर, निर्णायक हुए जाटव, जाट ,मुस्लिम और ब्राम्हण

ग्रेटर नोएडा: ठाकुर बाहुल्य गांव रोनिजा में आज गठबंधन प्रत्याशी अवतार भड़ाना का विरोध किया गया। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले गुर्जर बाहुल्य कासना में भाजपा के प्रत्याशी और वर्तमान विधायक धीरेंद्र सिंह का विरोध किया गया था। गुर्जर बाहुल्य रिलखा, इमलिया में भी विरोध किया जा चुका है।

 

क्यों हो रहा है, गुर्जर बाहुल्य गांव में धीरेंद्र सिंह का विरोध?

जेवर विधानसभा से जुड़े हुए लोगों से जब संवाद किया तो लोगों का कहना है कि जेवर विधानसभा में हाल में हुए सम्राट मिहिर भोज प्रकरण का असर है, जिसमें गुर्जर समाज के कुछ लोगों का मानना है कि भाजपा के द्वारा हमारे समाज को अपमानित किया गया है, जिसके कारण भाजपा प्रत्याशी का अलग-अलग गांव में विरोध किया जा रहा है।

क्यों हो रहा है ,ठाकुर बाहुल्य गांव में अवतार सिंह भड़ाना का विरोध?

जेवर से जुड़े लोगों का मानना है कि जब भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह का गुर्जर बाहुल्य गांव में विरोध किया जा रहा है ,तब इसका कुछ गांव में प्रतिक्रिया देखने को मिल रहा है, इस प्रतिक्रिया के क्रम में रोनिजा गांव में अवतार सिंह भड़ाना जोकि गुर्जर समाज से आते हैं उनका विरोध किया गया है।

जातीय सियासी रंग में निर्णायक हुए जाटव, जाट ,मुस्लिम ब्राह्मण व अन्य

क्या है जाटवो का मिजाज?

जेवर से जुड़े हमारे संवाददाता के अनुसार जाटव बहुजन समाज पार्टी के पारंपरिक वोटर रहे हैं और मौजूदा स्थिति में भी 60 फ़ीसदी जाटव बहुजन समाज पार्टी के साथ जाता हुआ दिख रहा है शेष 40 फ़ीसदी वोटरों का झुकाव गठबंधन प्रत्याशी और भाजपा के प्रत्याशी और अन्य प्रत्याशियों के बीच भी देखने को मिल रहा है।

 

क्या है जाटों का मिजाज?

जेवर से जुड़े हमारे संवाददाता के अनुसार लगभग 70 फ़ीसदी जाट गठबंधन प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना के साथ जाते हुए दिख रहे हैं, इसका मुख्य कारण है कि अवतार सिंह भड़ाना राष्ट्रीय लोक दल के चुनाव चिन्ह पर मैदान में है जिसके नेतृत्वकर्ता जयंत चौधरी हैं जिनका जाट समाज में मजबूत पकड़ माना जाता है। शेष 30 फ़ीसदी मतदाता में ज्यादातर का झुकाव भाजपा प्रत्याशी के तरफ देखने को मिल रहा है। कुछ अन्य दलों के प्रत्याशियों के तरफ भी लोगों का झुकाव है।

 

क्या है मुस्लिम मतदाताओं का मिजाज?

हमारे जेवर से जुड़े संवाददाता के अनुसार 60 फ़ीसदी मुस्लिम मतदाता गठबंधन प्रत्याशी के तरफ जाते हुए दिख रहे हैं, जबकि 10 से 20 फ़ीसदी मतदाता कांग्रेस के तरफ जाते हुए दिख रहे हैं, वहीं बसपा ,भाजपा और कुछ अन्य प्रत्याशियों के तरफ भी लोगों का झुकाव है।

 

क्या है ब्राह्मण मतदाताओं का मिजाज?

हमारे संवाददाता के अनुसार ब्राह्मण मतदाता पिछले कई चुनावों से भाजपा को वोट करते रहे हैं लेकिन वर्तमान चुनाव में समीकरण बदलता हुआ दिख रहा है ,जिसका मुख्य वजह बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय सांसद डॉ महेश शर्मा और वर्तमान विधायक धीरेंद्र सिंह के बीच आपसी खींचतान है। इस आपसी खींचतान के वजह से लगभग ज्यादातर ब्राह्मण मतदाता गठबंधन को समर्थन देने की बात कर रहे हैं। वहीं कम संख्या में मतदाताओं का रुझान भाजपा और अन्य दलों के प्रति भी दिख रहा है।

लोकसभा चुनाव 2019 में धीरेंद्र ने नहीं किया था खुलकर समर्थन 

ब्राह्मण समाज से जुड़े एक व्यक्ति ने हमसे बातचीत के दौरान दावा किया कि लोकसभा चुनाव 2019 में धीरेंद्र सिंह ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में डॉ महेश शर्मा का खुलकर समर्थन नहीं किया था। जो ब्राह्मण समाज के विरोध का सबसे बड़ा वजह है ।

जेवर में अटकलों का बाजार गर्म

जेवर विधानसभा में सभी पक्ष अपने-अपने तरफ से समीकरण समझा रहे हैं। अपने समर्थकों को भरोसा दिला रहे हैं कि जीत हमारी हो रही है। आने वाले 10 मार्च को ही अब तय होगा कि कौन किसके साथ कितने मजबूती से खड़ा रहा।

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