ग्रेटर नोएडा के छात्र मनीष कुमार त्रिपाठी  इंडिया इंटरनेशनल साराभाई स्टूडेंट साइंटिस्ट अवार्ड प्रोग्राम 2021 अवार्ड से सम्मानित

ग्रेटर नोएडा के छात्र मनीष कुमार त्रिपाठी,  इंडिया इंटरनेशनल साराभाई स्टूडेंट साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित
ग्रेटर नोएडा : यहाँ के एक छात्र मनीष कुमार त्रिपाठी को इंडिया इंटरनेशनल साराभाई स्टूडेंट साइंटिस्ट अवार्ड प्रोग्राम 2021 के तहत स्टूडेंट साइंटिस्ट के रूप में मेरिट कंसोलेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

बता दें मनीष कुमार त्रिपाठी, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में स्कूल फॉर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (SAME) कॉलेज में कोर्स ऑफ एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग के छात्र हैं।  उन्हें   इंडिया इंटरनेशनल साराभाई स्टूडेंट साइंटिस्ट अवार्ड  2021   30 दिसंबर 2021 को virtually : youtube.com/user/anjanwriter पर किया गया था।

यह अवार्ड डॉ विक्रम साराभाई के जन्मदिन पर 12 अगस्त 2021 को शुरू किए गए अवार्ड कार्यक्रम के माध्यम से भविष्य में वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ विक्रम ए साराभाई की जयंती पर प्रदान किया जाता है। यह अवार्ड कार्यक्रम पूरी तरह से साइंस मैथ एस्ट्रोनामी स्पेस साइंस ओरिएंटेड असाइनमेंट और ऑनलाइन क्विज इवेंट आधारित है, जिसका उद्घाटन 20 सितंबर 2021 को मून लैंडिंग डे पर डॉ. विपिन कुमार, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन के निदेशक,  जिनको  इंस्पायर  MANAK अवार्ड के लिए जाना जाता है (विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार) की उपस्थिति में किया गया।

इस दूसरे इंडिया इंटरनेशनल साराभाई स्टूडेंट साइंटिस्ट अवार्ड 2021 के आयोजक DASA इंडिया हैं, जिसका मुख्यालय त्रिपुरा से संबंधित है l और नेशनल काउंसिल ऑफ स्टूडेंट साइंटिस्ट इंडिया की प्रेरणा से -जिसमे  एक विपनेट हैं, जिसका  संबद्ध क्लब विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार से है।

अवार्ड समारोह इसरो के Dr. Bharatbhai Chaniara पूर्व वरिष्ठ Space Scientist  ,Government of India और डॉ प्रभाकर शर्मा वरिष्ठ वैज्ञानिक इसरो जिनके पास भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और डॉ विक्रम ए साराभाई के साथ भी  काम करने का   अनुभव प्राप्त है ,  की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

यह अवार्ड पुरस्कार डॉ. जयंत जोशी से प्रेरित था जो कि  मिशन मंगलयान के पूर्व इसरो वैज्ञानिक और टीम सदस्य वैज्ञानिक  हैं , जो इसके उद्घाटन समारोह और अन्य शैक्षिक वेबिनार में भी मौजूद रहे l इस प्रतिष्ठित अवार्ड पुरस्कार का आयोजन त्रिपुरा राज्य के अंजन बानिक द्वारा किया गया है, जो आयोजन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और फ्रंटलाइनर साइंस कम्यूनिकेटर हैं, जो  त्रिपुरा राज्य से संबंधित हैं। उन्होंने कार्यक्रम की मेजबानी भी की और भारत के विभिन्न स्थानों के सभी 21 स्टूडेंट साइंटिस्ट अवार्ड विजेताओं को बधाई दी।

अवार्ड  पुरस्कार विजेता मनीष कुमार त्रिपाठी पुत्र शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी ,सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश से हैं। और वर्तमान में मनीष कुमार त्रिपाठी ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में स्कूल फॉर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (SAME) कॉलेज में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग का कोर्स कर रहे हैं।

मनीष कुमार त्रिपाठी ने विजेता होने के नाते भारत और विदेश के सभी छात्रों को अगले साल 2022 में इस पुरस्कार कार्यक्रम के लिए विज्ञान गणित एस्ट्रो असाइनमेंट को पूरा करने के लिए आमंत्रित किया जो कि   http://sites.google.com/view/sarabhaissa पर ऑनलाइन उपलब्ध है और youtube.com/user/anjanwriter पर भी विस्तार से बताया गया है क्योंकि यह अवसर भविष्य में भारत के इसरो , डीएसटी साथ ही साथ नासा  में वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित करता है।  साथ ही उन्हें  वर्ष  होने वाले  कार्यक्रम 2022 के लिए  आयोजन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और  फ्रंटलाइनर साइंस कम्युनिकेटर  ( त्रिपुरा राज्य )के  अंजन मानिक द्वारा मनीष त्रिपाठी को एम्बेसडर  के रूप में चुना  गया है l

मनीष कुमार त्रिपाठी  के  बारे में –

नाम – मनीष कुमार त्रिपाठी पुत्र शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी।
निवासी –  सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश।
वर्तमान में  ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में स्कूल फॉर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (SAME) कॉलेज में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग का अपना कोर्स कर रहे हैं ।

अपने अनुभव को साझा करते हुए मनीष ने बताया – इस कार्यक्रम के बारे में मेरा अनुभव अद्भुत रहा  है।   मैं इस कार्यक्रम में भाग लेने से बेहद खुश हूं।  मुझे इसरो वैज्ञानिक द्वारा वेबिनार में मिशन मंगलयान, चंद्रयान जैसे विभिन्न मिशन उपलब्धि के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।   नासा के वैज्ञानिक के साथ बातचीत करने का भी अवसर मिला जिनका नाम  जॉर्ज ए सालाजार है l जेएससी – नासा यूएसए। और साथ ही इसरो में एक वैज्ञानिक के रूप में काम करने का अलग-अलग वैज्ञानिकों के साथ  अनुभव  कैसा रहा ये भी  जानने को मिला l और साथ ही साथ इसरो में वैज्ञानिक के रूप में कैरियर कैसे बनाया जाए इसके बारे में भी  जानकारी मिली l  साथ ही साथ विभिन्न मिशन  उपलब्धियों के बारे में भी  जानकारी मिली l

मैं अन्य छात्रों को सलाह देता हूं कि 2022 में छात्र वैज्ञानिक अवार्ड पुरस्कार के लिए योग्यता प्राप्त करने के लिए इस कार्यक्रम में शामिल हों, वेबिनार और इस कार्यक्रम के विभिन्न चरणों में भाग लें। प्रोग्राम की मदद लेने के लिए वेबसाइट- https://sites.google.com/view/sarabhaissa

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