बेहतर ढंग से अपील और शिकायत का होगा निस्तारण – राज्य सूचना आयुक्त, जन सूचना व अपीलीय अधिकारीयों को दी ट्रेनिंग
ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली-2015 के तहत सूचना देने का कानून को राज्य सूचना आयुक्त ने जिला अधिकारी के दफ्तर पर पहुंचकर तीन घंटे कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि सूचना के अधिकार के तहत अपीलीयकर्ता को और जन सूचना अधिकारी को जबाब देने से पूर्व नियमों का पालन करना आवश्यक होता हैं। राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि एक महीने में 3 हजार सूचना आती हैं जिनका जबाव देना आवश्यक होता हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में जुलाई 2017 तक 41 हजार सूचनाएं लंबित हैं।
सूरजपुर स्थित जिला अधिकारी के दफ्तर पर राज्य सूचना आयुक्त राजकेश्वर सिंह ने सभागार में तीन घंटे सूचना का अधिकार नियमावली 2015 के तहत सूचना देने का कानून पर सभी जन सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीयकर्ता को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण देने के बाद पत्रकार वार्ता में राज्य सूचना आयुक्त राजकेश्वर सिंह ने बताया कि सूचना का अधिकार का नियम 2005 में लागू हो गया था लेकिन उससे जुडे कानूनों पर चर्चा करते हुए संविधान द्वारा नियम 2015 में लागू हुए।
कानून के तहत किसी भी सरकारी दफ्तर के सामने सूचना के अधिकार के तहत समक्ष अधिकारी का नाम होना जरूरी होता हैं। सूचना का अधिकार के तहत किसी अपीलकर्ता को सूचना नहीं दी गई तो उसका जुर्माना पद नाम के हिसाब से वसूला जाना चाहिए। राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि कार्यालय में दी गई नियमों की जानकारी देते हुए अधिकारियों को सुनश्चित कर लेना चाहिए कि कौन सी जानकारी वो दे सकता हैं और कौन सी जानकारी को नहीं देना चाहिए। वो सूचना जिसका सरोकार जनहित से जुडा हो उसकी सूचना देनी चाहिए और किसी अधिकारी की व्यक्तिगत जानकारी नहीं देनी चाहिए। राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में जुलाई 2017 तक 41 हजार मामले लंबित हैं जिसमें 350 सूचनाएं जिला गौतमबुध नगर की हैं।
