बिजली संकट ; एक्शन में केंद्र, अब इस तरह से होगा राज्यों की समस्या का समाधान, प्लान तैयार
नई दिल्ली । कोयले की कमी से होने वाले बिजली संकट को देखते हुए अब खुद प्रधानमंत्री ने इस मामले में दखल देते हुए एक एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके जरिए जल्द ही राज्यों को हो रही कोयले की कमी और बिजली संकट को दूर कर लिया जाएगा। इसके लिए सरकार पूरी तरह से मुस्तैदी दिखा रही है।
बढ़ेगा उत्पादन और आपूर्ति
मौजूदा समय में ताप बिजली घरों की रोजाना की कोयले की मांग करीब 19 लाख टन है। वहीं सोमवार को 19.5 लाख टन कोयले की आपूर्ति हुई है। इसको एक सप्ताह में बढ़ाकर हर रोज 20 लाख टन किया जाएगा। इस बात की भी उम्मीद है कि इस माह के अंत तक अधिकतर बिजली घरों के पास आठ दिनों के कोयले का भंडार उपलब्ध होगा।
अपना स्टाक ले जाएं राज्य
कोयला मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वो कोल इंडिया के स्टाक से कोयला ले जाएं। केंद्र के मुताबिक बीते चार दिनों में संयंत्रों को होने वाली कोयला आपूर्ति में काफी सुधार हुआ है। सरकार ये भी साफ कर चुकी है कि जो राज्य केंद्र सरकार के बिजली प्लांट से आवंटित बिजली की आपूर्ति अपने ग्राहकों को नहीं करेंगे उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में उन राज्यों को मिलने वाली अतिरिक्त बिजली आवंटन रद कर दूसरे जरूरत मंद राज्यों को कर दिया जाएगा।
