श्री राम मित्र मंडल नोएडा रामलीला : राम जन्म से “अयोध्या ” में दौड़ी ख़ुशी की लहर

नोएडा। श्रीराम मित्र मण्डल द्वारा आयोजित रामलीला मंचन सेक्टर-62 आज रामलीला मंचन वर्षा के व्यवधान के कारण सेक्टर-62, के स्थान पर सेक्टर-55, बारात घर मे हुआ के दूसरे दिन दीप प्रज्जवलन के साथ लीला का शुभारंभ हुआ। महाराज दशरथ जी अपने दरबार में बैठकर विचार करते हैं ‘‘ एक बार भूपति मन माहीं। भै गलानि मोरेसुत नाहीं’’ ऐसा विचार करके दशरथ जी गुरू वशिष्ठ के पास जाते हैं। गुरू वशिष्ठ जी राजा दशरथ को आश्वस्त करते हैं कि ‘‘ धरहु धीर होइहहिं सुतचारी। त्रिभुवन विदितभगत भयहारी’’ ऐसा कहकर वशिष्ठ जी श्रृंगी रिषी को बुलाते हैं और पुत्रेष्ठि यज्ञ कराते हैं। यज्ञ से अग्निदेव प्रकट होकर चारूफल तीनों रानियों को देते हैं।

कुछ समयउपरांत भगवान राम सहित चारों भाईयों का जन्म होता हैं‘‘नौमी तिथि मधुमास पुनीता। सुकल पच्छ अभिजित हरि प्रीता’’। राम जन्म सुनकर पूरे अयोध्या में खुशी की लहर दौड़ जाती है और दशरथ के दरबार में मंगल गीत गाये जाते हैं‘‘ पुत्र भइले चार ओ दशरथ के अॅगनवा, होइहे खुशी अपार हो दशरथ के अॅगनवा’’। बाल स्वरूप भगवानराम से मिलने शंकर जी योगी का भेष बनाकर आते हैं और अपने आराध्य से मिलते हैं‘‘ शिव पूजें श्रीराम को राम कहें शिव ईश, भक्त सभी विषमय करें कौन बड़ाजगदीश’’। इसके बाद चारों भाइयों का नामकरण गुरू वशिष्ठ द्वारा किया जाता हैं। चारों भाइयों की शिक्षा दीक्षा होती हैं। अगले दृश्य में विश्वामित्र का राजा दशरथ केदरबार में आगमन होता हैं और वह अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राम लक्ष्मण को साथ ले जाने के लिए कहते हैं। दशरथ जी बोले हे मुनि‘‘ सब सुत मोहि प्रान की नाईं। रामदेत नहिं बनइ गोसाईं’’। इसके बाद वशिष्ठ जी के समझाने पर दशरथ जी राम लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं। रास्ते में जाते समय विश्वामित्र भगवान राम कोराक्षसी ताड़का को दिखाते हैं। ताड़का क्रोध करके विश्वामित्र व राम लक्ष्मण के ऊपर आक्रमण करती हैं भगवान राम ने धनुष उठाकर‘‘ एकहि बान प्रान हर लीन्हा। दीनजानि तेहि निज पद दीन्हा’’। ताड़का का वध कर देते हैं और अपने परम धाम पहुंचा देते है। विश्वामित्र जब यज्ञ करने लगते हैं तब मारिच अपने साथियों के साथ यज्ञ परधावा बोलता हैं। भगवान राम उसको एक बाण से सौ योजन पार पहुंचा देते हैं। इसके बाद राक्षस सुबाहु का भी वध कर देते हैं। देवता व रिषी मुनि भगवान की स्तुति करतेहैं। इसके साथ ही दूसरे दिन की लीला का समापन होता हैं ।

श्रीराम मित्र मंडल के महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया कि 23 सितंबर को अहिल्या उद्धार , पुष्पवाटिका में राम सीता का मिलन, धनुष यज्ञ, लक्ष्मण परशुराम संवाद आदि लीलाओं का मंचन किया जायेगा। इस अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष बीपी अग्रवाल,अध्यक्ष धर्मपाल गोयल, महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सतनारायण गोयल, मीडिया प्रभारी मुकेश गोयल ,सह-कोषाध्यक्ष अनिल गोयल, अनिल गोयल, रविंद्र चौधरी, डॉ0 एस0के0 त्यागी, प्रशांत झा, अशोक चौहान, उमाशंकर, सलाहकार मनोजशर्मा, सह-सलाहकार मुकेश गुप्ता, विजय भारद्वाज, मुकेश सिंघल, मीडिया प्रबंधक चंद्रप्रकाश गौड़, अरविंद मिश्रा , जे0एम0 गुप्ता,राजन श्रीवास्तव, श्रीकांत बंसल, गजेंद्र बंसल, विजय भारद्वाज, यशवीर त्यागी, जे0पी0 मंडल, अर्जुन प्रजापति, तरुण राज, प्रशांत झा, पूनम गोयल, सोनू यादव,पवन गोयल, रामरूप गोयल, ओ0पी0 गोयल, सहित श्रीराम मित्र मण्डल के पदाधिकारी व शहर के गणमान्यलोग मौजूद रहे।

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