नॉन रेजीडेंसियल आवंटी जीएसटी में करा लें अपना पंजीकरण, पंजीकृत आवंटियों को खुद से ही आरसीएम के तहत जीएसटी विभाग में जमा करना होगा जीएसटी

ग्रेटर नोएडा। अगर आप ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आवंटी हैं और आपने अभी तक जीएसटी पंजीकरण नहीं कराया है, तो शीघ्र करा लें और बकाया जीएसटी जमा करा दें। आवासीय संपत्ति को छोड़कर शेष सभी को जीएसटी पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
हाल ही में जीएसटी विभाग ने प्राधिकरण से कहा है कि रिहायशी संपत्ति को छोड़कर शेष सभी (व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत, आईटी, बिल्डर आदि ) आवंटियों को लीज रेंट व प्रीमियम पर जीएसटी देना अनिवार्य है। अगर आवंटी जीएसटी में पंजीकृत है तो उसे जीएसटी की धनराशि को सीधे जीएसटी विभाग में खुद से ही आरसीएम (रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म) के तहत जमा करना होगा। ऐसे आवंटियों की जीएसटी प्राधिकरण में जमा नहीं होगी। अगर आवंटी अपंजीकृत है तो वह जीएसटी की धनराशि प्राधिकरण के खाते में जमा कर सकता है, लेकिन जीएसटी में अपंजीकृत आवंटियों को तय समय के लिए ही यह सुविधा है। इस बीच आवंटी को जीएसटी विभाग में पंजीकरण कराना होगा। तय समय के बाद प्राधिकरण जीएसटी की धनराशि को विभाग में ही जमा कराने को कहेगा। किस्त का ऑनलाइन भुगतान करने वाले आवंटियों के लिए भी प्राधिकरण अपनी वेबसाइट पर जीएसटी जमा करने का विकल्प देने जा रहा है। प्राधिकरण की ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग ) सिस्टम पर भी जीएसटी जमा करने की सुविधा होगी। बैंकों के चालान में भी जीएसटी का कॉलम होगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने चालान में इसे अंकित करने के लिए बैंकों को पत्र जारी कर दिए हैं। आवंटियों के जीएसटी न जमा करने के कारण करीब 22 करोड़ रुपये की धनराशि की देयता प्राधिकरण पर आ गई है। अब प्राधिकरण इसे जमा करा रहा है। प्राधिकरण इसकी रिकवरी अपने उन आवंटियों से करेगा, जिन्होंने जीएसटी एक्ट लागू होने की तिथि 01 जुलाई 2017 से 24 जनवरी 2018 तक लीज रेंट तो जमा करा दिया है, लेकिन जीएसटी जमा नहीं की गई है। बता दें, कि 25 जनवरी 2018 से जीएसटी विभाग ने प्राधिकरणों से नॉन रेजीडेंसियल के सभी आवंटियों से लीज रेंट व प्रीमियम पर जीएसटी लेने को कहा है, सिर्फ प्राधिकरण से सीधे तौर पर आवंटित रिहायशी संपत्तियों के आवंटी ही इसके दायरे से बाहर हैं। अगर पंजीकृत आवंटी प्राधिकरण में जीएसटी जमा कराते हैं तो प्राधिकरण उनके द्वारा जमा जीएसटी की धनराशि जब्त करने या बकाया देयता में समायोजन करने की कार्रवाई कर सकता है।

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