सुमित अंतिल ने नीरज चोपड़ा के साथ अभ्यास कर 15 मिनट में 3 बार तोड़ा वर्ल्ड रिकार्ड, गोल्ड मेडल जीत रच दिया इतिहास,
भारतीय खिलाड़ियों का पैरालिंपिक में शानदार खेल जारी है। भारत के एथलीट सुमित अंतिल ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। भालाफेंक इवेंट में एफ 65 में उन्होंने महज 15 मिनट के अंदर में तीन बार वर्ल्ड रिकार्ड को तोड़ते हुए इतिहास रच दिया। भारत को गोल्ड मेडल दिलाने के साथ ही सुमित ने पैरालिंपिक इतिहास में एक ही इवेंट में तीन बार वर्ल्ड रिकार्ड बनाने का नया कमाल कर दिखाया। सुमित ने पहले प्रयास में 66.95 मीटर भाला फेंक कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया। इसके कुछ मिनट बाद ही उन्होंने दूसरे प्रयास में 68.08 मीटर भाला फेंकते हुए अपने हुए कुछ मिनट पहले बनाए रिकार्ड तो तोड़ डाला। पांचवें प्रयास में उन्होंने 68.55 मीटर भाला को फेंकते हुए इस इवेंट में तीसरी बार वर्ल्ड रिकार्ड बनाया।भारत के लिए यह दिन का दूसरा गोल्ड मेडल आया।
कोच नवल सिंह का मानना है कि सुमित ने अपने खेल स्तर को बढाने के लिए पैरा एथलीट नहीं, बल्कि सामान्य एथलीट नीरज चोपड़ा, शिवपाल सिंह के साथ स्पर्धा करते पैरा जगत का सर्वश्रेष्ठ मुकाम हासिल किया। इतना ही नहीं, उन्होंने पहले ही भारत में आयोजित इंडियन ग्रांप्रि में विश्व रिकार्ड तोड़ दिया था।
नवल ने कहा, “सुमित इंडियन ग्रांड प्रिक्स से पहले कोरोना संक्रमित भी हो गए थे। उससे वह उबर ही रहे थे कि पटियाला में टोक्यो ओलिंपिक से पहले एथलेटिक्स की इंडियन ग्रांप्रि प्रतियोगिता होने वाली थी। मैंने सुमित से इसमें भाग लेने के लिया कहा तो फिर यह राजी हो गए थे। इस प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा, शिवपाल जैसे खिलाड़ी भी भाग ले रहे थे। वहां सुमित ने सामान्य एथलीटों के बीच भाले को 66.43 मीटर की दूरी पर फेंका और यह सामान्य एथलीटों के टूर्नामेंट में एक पैरा एथलीट का विश्व रिकार्ड था, लेकिन मैंने इसे एथलेटिक्स फेडरेशन से आगे भेजने के लिए मना कर दिया और कहा कि नहीं, हम इसे छुपा कर रखेंगे और आगे तोड़ेंगे।”
बचपन में पहलवान बनना चाहते थे सुमित
हरियाणा के रोहतक में वर्ष 1998 को जन्मे सुमित बचपन से ही पहलवान बनना चाहते थे, लेकिन पांच जनवरी 2015 के दिन भयानक सडक दुर्घटना में वह अपना एक पैर घुटने के नीचे से गंवा बैठे। कोच नवल ने कहा, “बचपन से ही पहलवान बनने की चाहत की वजह से सुमित के अंदर शुरू से ही अनुशासन और कुछ करने का जज्बा था। मैं जो भी कहता था वह तुरंत करने को तैयार हो जाते थे। उन्होंने एक तरीके से कमांडो ट्रेनिंग कर रखी है। इन्हीं सब कारणों से वह बहुत जल्दी सब-कुछ सीखते चले गए।”
सुमित अंतिल की उपलब्धियां
विश्व रैंकिंग (भाला फेंक, एफ 64 वर्ग) -1
रजत पदक, पेरिस ओपन हांडीस्पोर्ट, 2019
रजत पदक, विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप दुबई, 2019
