मंदिर पर हमला: पाक प्रधानमंत्री इमरान खान बोले- सरकार मंदिर की मरम्मत कराएगी, दोषियों का बख्शा नहीं जाएगा
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सादिकाबाद जिले में मंदिर में की गई तोड़फोड़ पर प्रधानमंत्री इमरान खान का बयान आया है। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि उनकी सरकार मंदिर की मरम्मत कराएगी। दरअसल, भोंग शरीफ गांव के सिद्धिविनायक मंदिर में बुधवार शाम को उपद्रवियों की भीड़ घुस गई थी। इस दौरान मंदिर के अंदर जमकर तोड़ फोड़ की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
इमरान खान ने ट्वीट कर लिखा कि रहीम यार खान के भोंग में गणेश मंदिर पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैंने पहले ही आईजी पंजाब को सभी दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए कहा है। मामले में अगर पुलिस की किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारत ने भी जताई कड़ी आपत्ति
मंदिर में तोड़फोड़ के विरोध में गुरुवार को पाकिस्तानी हिंदुओं ने रहीम यार खान जिले में घटना का विरोध किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भारत सरकार ने भी मंदिर पर हुए हमले की निंदा की। भारत में विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी को तलब किया और इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
Strongly condemn attack on Ganesh Mandir in Bhung, RYK yesterday. I have already asked IG Punjab to ensure arrest of all culprits & take action against any police negligence. The govt will also restore the Mandir.
— Imran Khan (@ImranKhanPTI) August 5, 2021
पाक सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर लिया संज्ञान
इससे पहले पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब सूबे के मुख्य सचिव और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को शुक्रवार को कोर्ट में पेश होने का हुक्म सुनाया है।
पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। मुख्य न्यायाधीश को इस हमले की जानकारी पाकिस्तानी सांसद और पाकिस्तान हिंदू परिषद के संरक्षक डॉ. रमेश कुमार वांकवानी ने दी।
आए दिन होती हैं ऐसी घटनाएं
इससे पहले पिछले साल दिसंबर में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सौ से अधिक लोगों की भीड़ ने एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी थी। घटना करक जिले के टेरी गांव की थी, जहां स्थानीय मौलवियों की अगुवाई में भीड़ ने मंदिर को नष्ट कर दिया था। इस मामले में कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी के नेता रहमत सलाम खट्टक समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
