दूसरा चरण : बसपा पश्चिमी उप्र के 23 जिलों में करेगी विचार संगोष्ठी, 31 जुलाई से आगरा से होगा शुरू
दूसरे चरण में बसपा पश्चिमी यूपी के 23 जिलों में प्रबुद्घ वर्ग विचार संगोष्ठी यानी ब्राह्मण सम्मेलनों का आयोजन करेगी। इसके लिए पार्टी ने कार्यक्रम जारी कर दिया है और कार्यकर्ताओं से सभी जगह तैयारियां शुरू करने को कहा गया है। शुरुआत 31 जुलाई से होगी और 14 अगस्त तक इस चरण में कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
विधानसभा चुनाव 2022 में ब्राह्मणों को साधने के लिए बहुजन समाज पार्टी ने प्रदेश भर में ब्राह्मण सम्मेलनों की शुरुआत की है। 23 जुलाई को अयोध्या से इसका आगाज किया गया था। पार्टी महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्रा की अगुवाई में इन सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। पहले चरण में छह जिलों की योजना तैयार की गई थी। उसी क्रम में बुधवार को प्रतापगढ़ में आयोजन किया गया। 29 जुलाई को सुल्तानुपर में सम्मेलन होगा। उसके बाद दूसरा चरण शुरू होगा जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश को फोकस किया गया है। एक एक दिन में दो दो जिलों में भी सम्मेलन होंगे।
इस चरण में 31 जुलाई को मथुरा में सम्मेलन होगा। एक अगस्त को आगरा एवं फिरोजाबाद, दो को कासगंज और एटा, तीन को अलीगढ़ एवं हाथरस, चार को शाहजहांपुर एवं बरेली, पांच को लखीमपुर खीरी एवं सीतापुर, सात को बदायूं एवं मुरादाबाद, आठ को बिजनौर एवं मुजफ्फरनगर, नौ को अमरोहा तथा संभल, दस को मेरठ (इसमें बागपत भी शामिल होगा) एवं गाजियाबाद, 11 को सहारनपुर एवं शामली, 13 को बुलंदशहर एवं 14 अगस्त को नोएडा में ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
बाकी दलों के ब्राह्मण नेताओं पर डोरे
बसपा दूसरे दलों के कई ब्राह्मण नेताओं केसंपर्क में भी है। खास तौर से उन नेताओं से संपर्क साधा जा रहा है जो अपनी पार्टी में उपेक्षित चल रहे हैं। कोशिश यह है कि इन सम्मेलनों में या उनके बाद कुछ ब्राह्मण नेताओं को बसपा में शामिल कराया जाए। इससे यह संदेश भी जाएगा कि इन सम्मेलनों का असर आने लगा है। चूंकि अभी तक सम्मेलनों में बसपा की ब्राह्मण नेताओं को बसपा ज्वाइन कराने की मुहिम कामयाब नहीं हो पाई है।
ऐसे में इस बार इस पर भी फोकस है। इसके लिए जहां मुख्य जोनल इंचार्जोँ को लगाया गया है तो वहीं पार्टी के ब्राह्मण नेताओं को भी इसकी जिम्मेदारी दी गई है। बसपा के लिए चिंता की बात यह है कि वेस्ट यूपी में उसके पास ब्राह्मण नेताओं का भारी टोटा है। यही कारण है कि बसपा इस चरण में पूरी कोशिश में है कि कुछ ब्राह्मण नेताओं को तोड़ा जाए।
