Sawan 2021: जानिए सावन महीने की पूजा विधि, जानें कितने हैं सोमवार व्रत

हिन्दू पंचाग के अनुसार, श्रावण मास का प्रारंभ आषाढ़ पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के समापन के साथ होता है। सावन माह हिन्दू कैलेंडर का 5वां माह होता है। इस वर्ष सावन माह 25 जुलाई दिन रविवार को प्रारंभ हो रहा है। इसका समापन 22 अगस्त दिन रविवार को होगा।

श्रावण माह में पड़ने वाले सोमवार व्रत

26 जुलाई को पहला सावन सोमवार व्रत

02 अगस्त को दूसरा सावन सोमवार व्रत

09 अगस्त को तीसरा सावन सोमवार व्रत

16 अगस्त को चौथा सावन सोमवार व्रत।

4 अगस्त बुद्धवार को कामिका एकादशी व्रत। कॉवड जलाभिषेक मुहूर्त। 6 अगस्त शुक्रवार को शुभ समय प्रात:6:31 से 8:52 तक,शांय 7:3 से 9:43 तक। 7 अगस्त शनिवार को शुभ समय प्रात: 6:51 से 8:48 तक। 8 अगस्त रविवार को श्रावण हरियाली अमावस्या। 11 अगस्त बुद्धवार को हरियाली सिंंघारा तीज। 13 अगस्त शुक्रवार को नागपंचमी। 16 अगस्त सोमवार को संक्रान्ति। 18 अगस्त बुद्धवार को पवित्रा एकादशी व्रत। 21 अगस्त शनिवार को पूर्णिमा व्रत। 22 अगस्त रविवार को रक्षाबन्धन (राखी)। सावन माह का महत्व

सावन माह का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस माह में शिव की पूजा से भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं। इस माह में सोमवार के व्रत से शीघ्र फल प्राप्त होता है। इस माह में शिव की पूजा से विवाह में आने वाली दिक्कतें दूर हो जाती हैं। सावन में शिव पूजा से सभी तरह के दुःख की समाप्ति होती है। शिव पूजा से हमारे समस्त पाप का नाश होता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।

जो कोई भी साधक इस माह में भगवान भोले नाथ को साधना के द्वारा खुश करना चाहितें हैं या किसी भी ग्रर्हों के कारण कष्ट में वह किसी ग्रर्हों की पूजा करनी है तो आप हम से बात कर सकते हैं वो हम से जुड भी सकतें हैं ।

सावन माह पूजा- विधि

सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
शिवलिंग में गंगा जल,दूध,दही,घी,शहद,शकर एवं पत्र्चामिर्त्र चढ़ाएं।
भगवान शिव को पुष्प अर्पित करें।
भगवान शिव को वस्त्र, जनेऊ। भगवान शिव को चन्दन,चावल,जो,तिल भगवान शिव को बेल पत्र,भांग,आख,धर्तुरा,दुब्रा अर्पित करें।
भगवान शिव की आरती करें भगवान शिव को फल,मेवा, मिठाई,पान का पता,सुपारी, लौंग,ईलायची भोग लगाएं। भगवान शिव को दक्षिण अर्पण करें। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।
भगवान शिव का अधिक से अधिक ध्यान करें।

शिव अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र

ॐ शिवो महेश्वरः शम्भुः पिनाकी शशिशेखरः |
वामदेवो विरूपाक्षः खट्वांगो विष्णुवल्लभः || १ ||

शङ्करः शूलपाणिश्च खट्वांगो विष्णुवल्लभः |
शिपिविष्टो अम्बिकानाथः श्रीकंठो भक्तवत्सलः || २ ||

भवः शर्वस्त्रिलोकेशः शितिकण्ठः शिवाप्रियः |
उग्रः कपाली कामारि: अंधकासुरसूदनः || ३ ||

गङ्गाधरो ललाटक्षः कालकालः कृपानिधिः |
भीमः परशुहस्तश्च मृगपाणिर्जटाधरः || ४ ||

कैलासवासी कवची कठोरस्रीपुरान्तकः |
वृषांको वृषभारूढ़ो भस्मोद्धूलितविग्रहः || ५ ||

सामप्रियः स्वरमयः त्रयीमूर्तिर्नरीश्वरः |
सर्वज्ञः परमात्मा च सोमसूर्याग्निलोचनः || ६ ||

हविर्यज्ञमयः सोमः पञ्चवक्त्रः सदाशिवः |
विश्वेश्वरो वीरभद्रों गणनाथः प्रजापतिः || ७ ||

हिरण्यनेताः दुर्धर्षो गिरिशो गिरिशोनघः |
भुजङ्गभूषणो गर्भो गिरिधन्वा गिरिप्रियः || ८ ||

कृत्तिवासा पुरारार्तिर्भगवान प्रमथाधिपः |
मृत्युञ्जयः सूक्ष्मतनुः जगदव्यापी जगद्गुरुः || ९ ||

व्योमकेशो महासेनजनकश्चारुविक्रमः |
रुद्रो भूतपतिः स्थाणुः अहिर्बुध्न्यो दिगम्बरः || १० ||

अष्टमूर्तिरनेकात्मा सात्विकः शुद्धविग्रहः |
शाश्वतः खण्डपरशू रजः पश्विमोचनः || ११ ||

मृडः पशुपतिर्देवो महादेवाव्ययो हरिः |
पूषदंतभिदव्यग्रो दक्षाध्वरहरो हरः || १२ ||

भगनेत्रभिदव्यक्तः सहस्त्राक्षः सहस्त्रपात |
अपवर्गप्रदोनन्तस्तारकः परमेश्वरः || १३ ||

|| इति श्री शिवाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रं सम्पूर्णं || ☀ ।।जय माता दी ।।☀
।। ऊँ सर्वस्वरुपे सर्वेसे सर्व शक्ति समन्विते भवभ्यस्त्रहि नो देवी दुर्गेदेवी नमोस्तुते ।।
🌹🍁🌀🌞🍁🌀🍁🌹 🏢 कार्यालय 🌻 जगदम्बा ज्योतिष केन्द्र 🌻 पं.मूर्तिराम,आनन्द बर्द्धन नौटियाल ज्योतिषाचार्य 🌻 (देबी,नृसिंह उपासक गंगौत्रीधाम) 🔰 जन्मपत्री, वर्षफल, हस्तरेखा, वास्तुशास्त्र, नवग्रह रत्न, दुर्गापाठ,नवग्रहपाठ,महामृत्युंज्जंयपाठ,रुदाभिषेक,रामायण पाठ,भागवत कथा,सन्तान गोपालपाठ,कालसर्प दोष निवारण,गृह प्रवेश,सत्यनारायण कथा,जाप,पूजा,पाठ,कर्म काण्ड हेत्तु अवश्य सम्पर्क करें जी । 🏡 पता – मकान नम्बर -C 38,प्रथ्म तल,ओमिक्रोन-3,EWS फ्लैट,ग्रेटर नोएडा,गौतम बुद्ध नगर,उत्तर प्रदेश ☎ +91 93 10 110 914 🌐 www.jagdambajyotish. in आप कार्यालय में आकर ज्योतिष परामर्श ले सकतें हैं जी समय प्रात: 9 से 1 बजे दिन एवं 4 से 7 बजे शांय तक,मिल सकतें हैं।कृपया आने से पहले अपना समय अवश्य निर्धारित कर लें जी। 🦋💫 आप से विन्रम निवेदन है की आप हमारे पेज को अवश्य Like @ Share अवश्य करें जी 🌻🌻🌻🌻🌻🌻

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