कैसे पता चलेगा कि आपके फोन में पेगासस है, पांच सवाल -जवाब से समझिए इस वायरस के बारे में

रविवार की रात से देश में एक रिपोर्ट को लेकर हंगामा मचा हुआ है। द गार्जियन और वाशिंगटन पोस्ट समेत 16 मीडिया संस्थानों की एक संयुक्त रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत सरकार ने 2017 से 2019 के दौरान करीब 300 भारतीय मोबाइल नंबरों की जासूसी की है। इन लोगों में पत्रकार, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, विपक्ष के नेता और बिजनेसमैन शामिल हैं। सरकार ने पेगासस स्पाईवेयर के जरिए इन लोगों के फोन हैक किए थे। इस रिपोर्ट के बाद सरकार ने सफाई देते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है और पेगासस को तैयार करने वाली कंपनी ने भी इस रिपोर्ट को आधारहीन बताया है।

सवाल- किसी के फोन में कैसे पहुंचता है पेगासस?
जवाब- पेगासस को किसी के भी फोन या किसी अन्य डिवाइस में रिमोटली इंस्टॉल किया जा सकता है। सिर्फ एक मिस्डकॉल करके भी आपके फोन में पेगासस को इंस्टॉल किया जा सकता है। इसके अलावा व्हाट्सएप मैसेज, टेक्स्ट मैसेज, एमएएस और सोशल मीडिया के जरिए भी यह आपके फोन में जा सकता है।

सवाल- कैसे पता चलेगा कि आपके फोन को पेगासस के जरिए ट्रैक किया जा रहा है?
जवाब- यदि आपके फोन में कुछ ऐसी हरकतें हो रही हैं जो थोड़ी अजीब हैं तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। आपके फोन के प्रोसेस को मॉनिटर करके भी इस वायरस का पता लगाया जा सकता है, हालांकि यह काम आप खुद नहीं कर सकते। इसके लिए आपको किसी लैब की मदद लेनी होगी। प्रोसेस मॉनिटरिंग से यह पता लगाया जा सकता है कि आपके फोन का ट्रैफिक कितना है और डाटा कहां ट्रांसफर हो रहा है। फोन में पेगासस के होने की जानकारी प्रोसेस मॉनिटरिंग से ही संभव है या फिर फॉरेंसिक लैब आपकी मदद कर सकते हैं, क्योंकि यह सॉफ्टवेयर बड़ी ही चालाकी से जासूसी करता है। प्रोसेस मॉनिटरिंग का मतलब फोन के काम करने की प्रक्रिया को मॉनिटर करना है। प्रोसेस मॉनिटिंग से आप यह जान सकते हैं कि आपके फोन में ऐसा क्या हो रहा है जिसे आप नहीं कर रहे हैं।

सवाल -क्या पेगासस को किसी अन्य सॉफ्टवेयर के जरिए ट्रैक किया जा सकता है?
जवाब- पेगासस को किसी अन्य सॉफ्टवेयर के जरिए मॉनिटर नहीं किया जा सकता है। पेगासस को सभी तरह के वायरस का बाप कहा जा सकता है। पेगासस की कोडिंग इतनी जबरदस्त है कि यह एंटीवायरस को भी बायपास कर सकता है।

सवाल- फोन में क्या-क्या कर सकता है पेगासस?
जवाब- पेगासस आपके फोन में वह सारे काम कर सकता है जो कि आप करते हैं। यह आपके कैमरे को ओपन करके फोटो क्लिक कर सकता है। मैसेज भेज सकता है, कैलेंडर चेक कर सकता है। ई-मेल से लेकर बैंक एप तक की पूरी जानकारी ले सकता है। यह माइक्रोफोन को आराम से एक्सेस कर सकता है। यह व्हाट्सएप और आईमैसेंजर जैसे एंक्रिप्टेड एप का चैट भी पढ़ सकता है। यह अपना काम इतनी सफाई से करता है कि प्रोसेस मॉनिटरिंग या फॉरेंसिक लैब की मदद के बिना इसका पता ही नहीं लगाया जा सकता।

सवाल- पेगासस से बचने का तरीका क्या है?
जवाब- इससे बचने का कोई तरीका नहीं है। इसे सिर्फ फर्मवेयर अपडेट के जरिए ही मारा जा सकता है। इसके लिए एप और डिवाइस को अपडेट करना बहुत जरूरी है। जब भी कोई अपडेट आए तो फोन को अपडेट जरूर करें, सिक्योरिटी पैच को अपडेट करें, अनजान नंबर से आने वाले लिंक, मैसेज, आदि को ना ओपन करें, विदेशी नंबर से आने वाले कॉल का रिप्लाई ना करें, ना रिसीव करें ना ही कॉल बैक करें। सोशल मीडिया पर आने वाले संदेह वाले मैसेज से दूर रहें। बढ़िया एंटीवायरस रखें जो कि फोन के प्रोसेस को मॉनिट कर सके, ताकि आपको अनचाहे बिहैवियर को लेकर जानकारी मिल सके।

 

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