वाराणसी में ट्रैफिक ड्यूटी के लिए लगाए जाएंगे 45 वर्ष से कम के होमगार्ड, अधिक उम्र के लोग संभालेंगे कार्यालयों की जिम्मेदारी
वाराणसी में कमिश्नरेट की यातायात व्यवस्था से जल्द नई उम्र के 140 होमगार्ड जवानों को जोड़ा जाएगा। वहीं 45 की उम्र पार कर चुके व जिनके पेट निकले हैं उन्हें थानों व पुलिस कार्यालयों का कामकाज देखने का जिम्मा दिया जाएगा। पूरी तरह से फिट रहने वाले ही सड़क पर यातायात व्यवस्था संभालेंगे। इसके लिए अपर पुलिस आयुक्त कानून व व्यवस्था अनिल कुमार सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक विकास कुमार ने होमगार्ड कमांडेंट संग बैठक कर रणनीति बनाई है। कमिश्नरेट बनने के तीन माह बाद भी यातायात संचालन में सुधार नहीं दिख रहा है। प्रतिदिन पुलिङ्क्षसग में हो रहे बदलाव के बाद अब शहर में यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए होमवर्क किया जा रहा है। इसके तहत यातायात नियंत्रण के लिए 45 वर्ष से कम उम्र के होमगार्ड तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही ये सड़क पर दिखाई देने लगेंगे। यातायात नियंत्रण के लिए चपलता की जरूरत होती है। इसके लिए युवा ही उपयुक्त होंगे। शहर में सबसे बड़ी समस्या जाम की रहती है। चौराहों व संकरी सड़कों पर लोग जाम से जूझते रहते हैं। समस्या को दूर करने के लिए यातायात पुलिस ने दो दिनों का एक प्रयोग भी किया। अपर पुलिस उपायुक्त यातायात विकास कुमार ने बताया कि आठ घंटे तक लगातार यातायात ड्यूटी के लिए व्यक्ति को पूर्णत: स्वस्थ होना चाहिए। विभाग का मानना है कि यातायात को नियंत्रित करना अपने आप में बड़ी चुनौती है। ऐसे में 45 पार या भारी पेट वाले होमगार्ड अधिक समय खड़े नहीं रह सकते। सेहत व परिस्थितियों को देखते हुए अपर पुलिस आयुक्त ने यह पहल की। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार का प्रयास हो रहा है। यातायात का संचालन मेहनत का काम है। इसके लिए युवा और ऊर्जावान होना जरूरी है। 45 वर्ष से ऊपर के होमगार्डों की ड्यूटी थाने व कार्यालयों में लगेगी। वहीं 45 वर्ष तक के होमगार्ड ट्रैफिक व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे।
– अनिल कुमार सिंह अपर पुलिस आयुक्त कानून व व्यवस्था, कमिश्नरेट
