राफेल श्रीनगर और लेह लद्दाख के लिए भर रहे उड़ान, निगरानी के लिए अंबाला में डटी फ्रांस की टीम

अंबाला। Rafale Fighter Aircraft: अंबाला एयरबेस पर राफेल की तैनाती के बाद सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया गया है। भारत-पाकिस्‍तान सीमा पर तनाव के बीच राफेल अंबाला से श्रीनगर और लेह लद्दाख के लिए उड़ान भर रहे हैं। इन विमानों की निगरानी के लिए फ्रांस की टीम अंबाला एयरफोर्स स्‍टेशन र तैनात है।

अंबाला एयरबेस पर राफेल के लिए 14 हैंगर का निर्माण पूरा, अन्य का जारी

राफेल लड़ाकू विमान श्रीनगर पाकिस्तान की दूरी करीब 220 किलोमीटर और लेह लद्दाख 427 किलोमीटर है। इसी कारण से राफेल की तैनाती यहां की गई है। अंबाला एयरबेस पर राफेल के लिए करीब 14 हैंगर का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जबकि अन्य का काम जारी है। यहां तक कि फ्रांस की टीम भी तकनीकी मदद के लिए अंबाला एयरबेस पर ही तैनात है।

जम्मू एयरबेस पर हुए ड्रोन हमले के बाद अंबाला में बनने वाले डोमेस्टिक एयरपोर्ट भी लटक सकता है

अंबाला से अभ्यास के लिए राफेल श्रीनगर और लेह लद्दाख तक कुछ ही मिनटों में पहुंच जाएंगे। इसके लिए राफेल उड़ान लगातार भर रहे हैं। अंबाला एयरबेस के पास ही डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनाने की योजना है, लेकिन जम्मू में हुए ड्रोन हमले के बाद यह योजना भी लटक सकती है।

अंबाला एयरबेस में राफेल के अलावा जगुआर की दो स्क्वाड्रन हैं, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से एयरबेस की जमीन का अंतिम निर्णय रक्षा मंत्रालय पर टिका हुआ है। सूत्रों का कहना है कि एयरफोर्स अधिकारी भी इस बात को लेकर रक्षा मंत्रालय तक बातचीत कर एयरपोर्ट व एयरबेस की स्थिति के बारे में बता चुके हैं। एयरफोर्स के आसपास फोटो खींचना, ड्रोन उड़ाना, प्राइवेट व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित है। लेकिन डोमेस्टिक एयरपोर्ट बनने के बाद सुरक्षा का घेरा और मजबूत करना पड़ जाएगा।

10 सितंबर 2020 को राफेल को किया था वायुसेना में शामिल

राफेल को औपचारिक रूप से दस सितंबर 2020 को अंबाला एयरबेस पर हुए समारोह में शामिल किया गया था। पांच राफेल विमान फ्रांस से अंबाला कैंट एयरबेस पर लैंड किए था। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित फ्रांस से उनकी समकक्ष सहित वायुसेना अध्यक्ष आरकेएस भदौरिया भी शामिल हुए थे। राफेल की जिम्मेदारी गोल्डन एरो स्कवाड्रन को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि पूर्व वायुसेना अध्यक्ष बीएस धनोआ ने इस स्कवाड्रन की स्थापना अंबाला एयरबेस पर की थी।

 

1919 में शुरू हुआ अंबाला एयरबेस

अंबाला एयरबेस वर्ष 1919 में एयर ट्रैफिक कंट्रोल से शुरू हुआ था। इस दौरान डीएच-9 व ब्रिस्टर फाइटर एयरक्राफ्ट ने आपरेट किया गया था। बालाकोट एयर स्ट्राइक में जहां अंबाला कैंट एयरफोर्स स्टेशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारत पाक युद्धों के दौरान पाक वायुसेना ने अंबाला एयरबेस को उड़ाने के काफी प्रयास किए, लेकिन हवाई पट्टी को नुकसान नहीं पहुंचा पाए थे।

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