गलगोटिया विश्विद्यालय : “मनोवैज्ञानिक एवं प्राथमिक चिकित्सा और सामाजिक कल्याण” पर ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित
ग्रेटर नोएडा : गलगोटियाज यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा के स्कूल ऑफ एजुकेशन में शुभेछा ट्रस्ट और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, अयोध्या, यू.पी. के सहयोग से बी.एड., एम.एड. के छात्रों के लिए “मनोवैज्ञानिक एवं प्राथमिक चिकित्सा और सामाजिक कल्याण” पर एक ऑनलाइन एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यशाला पीएच. डी. छात्रों और संकाय के विद्वान सदस्यों के द्वारा ज़ूम मीटिंग प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन आयोजित की गई। जिसमें 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी अयोध्या के स्वयंसेवक और सेंट जॉन एम्बुलेंस (भारत) के आजीवन सदस्य आशीष शर्मा ने भाग लिया। इस कार्यशाला को दैनिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए मनोवैज्ञानिक और मनो-सामाजिक कल्याण के कौशल के बारे में ज्ञान प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया। जिसमें वर्तमान कोविड-19 महामारी की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को खुद को तनाव मुक्त और भावनात्मक रूप से संतुलित रखने के कौशल से अवगत कराया गया। कार्यशाला के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को स्वास्थ्य आयाम के साथ-साथ व्यायाम से शारीरिक कल्याण और तनाव प्रबंधन, बौद्धिक कल्याण, नए कौशल, ज्ञान विस्तार , सामाजिक कल्याण के आयामों के बारे में जानकारी दी गयी। मुख्य वक्ता ने कहा कि इस संकट की घटनाओं ने हम सभी को भावनात्मक, मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से प्रभावित किया है। मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा मनोवैज्ञानिक सहायता का एक रूप है जो संकट में पड़े लोगों को सहायता प्रदान करता है ताकि वे अपनी चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूत हो सकें। उन्होंने कहा पीएफए, चिकित्सा “प्राथमिक चिकित्सा” की तरह, अपने आप में पर्याप्त नहीं है। संकट की घटना में सहायता करने वाले परिवार के सदस्य, पड़ोसी, शिक्षक, समुदाय के सदस्य और (आपातकालीन चिकित्सा दल, पुलिस, अग्निशमन) होते हैं। हम उनकी बुनियादी ज़रूरतें प्रदान करने में मदद कर सकते हैं जैसे कि पानी, कंबल देकर या एक सुरक्षित स्थान तक पँहुचा कर, लोगों को सूचना सेवा और सामाजिक स्थिति का आकलन करने में मदद कर सकते है। इस कार्यशाला को तीन इंटरैक्टिव सत्रों में विभाजित किया गया। प्रत्येक सत्र में प्रश्नोत्तर सत्र को संबोधित किया गया। डॉ. सत्येंद्र गुप्ता डीन स्कूल ऑफ एजुकेशन गलगोटिया विश्वविद्यालय ने स्वागत सत्र में मुख्य वक्ता और सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताया। कार्यशाला का संचालन बी.एड. की छात्रा स्वाति एवं आंचल गुप्ता ने किया। स्कूल ऑफ एजुकेशन के सहायक अध्यापक डॉ. इशरत नाज के द्वारा कार्यशाला का धन्यवाद ज्ञापन दिया गया।
