फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

*देश की सुरक्षा को ताक पर रखकर चलाए जा रहे फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार, तीन फरार*

— साथ दूरसंचार विभाग और टाटा कंपनी को हर महीने लगा रहे, थे 20 से 25 लाख का चूना लगा रहे

नोएडा की कोतवाली 58 पुलिस ने देश की सुरक्षा को ताक पर रखकर सेक्टर 62 में चलाए जा रहे फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो फर्जी कंपनी का सेटअप तैयार कर डिपार्टमेंटल ऑफ कम्युनिकेशन को हर महीने 20 से 25 लाख का चूना लगा रहे थे पुलिस ने इनके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल होने वाले लाखों रुपए के इलेक्ट्रोनिक उपकरण बरामद किए हैं। देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी जांच इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) की टीम भी कर रही है।

पुलिस की गिरफ्त में खड़े मुरादाबाद निवासी ओवैस आलम राज निवासी पुष्पेंद्र कुमार और पवन कुमार कोतवाली 58 पुलिस ने फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चलाने और सरकार के साथ दूरसंचार विभाग और टाटा कंपनी को करोड़ों का चूना लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है । एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि टाटा टेलीकॉम सर्विसेज के नोडल अधिकारी की तरफ से कोतवाली पुलिस में शिकायत दी गई थी कि कुछ लोग फर्जी कंपनी में ठगी का सेटअप तैयार कर डिपार्टमेंट आफ टेलीकम्युनिकेशन (डीओटी) को प्रतिमाह 20-25 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा रहे थे। शिकायत में कहा गया था कि कुछ लोग इंटरनेशनल वाइस काल को निजी सर्वर से लैंड कराकर भारतीय नंबरों पर कालिग करा रहे थे। जबकि इन नंबरों पर दूसरी जगह से कभी भी कोई काल रिसीव नहीं हो रही थी। जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपित ने एक ही नंबर से अलग-अलग शहरों में कालिग कराई। इसके बाद पुलिस के साथ की गई जांच में ठगी का पूरा नेटवर्क सामने आया।

एडिशनल डीसीपी नोएडा रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी पिछले वर्ष नवंबर से ठगी कर रहे थे। वर्ष 2020 में इबाद सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम से आइथम टावर में टाटा का पीआरआई कनेक्शन लिया था, दफ्तर का सारा काम पुष्पेंद्र देखता था। वहीं आरोपित पवन सेक्टर-80 स्थित एक टेलीकाम कंपनी में कार्यरत है। आरोपी फर्जी दस्तावेज पर सिम दिलाता था। फरार रिषी ने ओवैस को फरार संजय के भाई विक्रम सिंह की आइडी पर सिम बाक्स उपलब्ध कराया था। ओवैस इस सेटअप की सभी गतिविधियों पर मुरादाबाद स्थित घर में लगे कैमरे के माध्यम से नजर रखता था।

एडीसीपी ने बताया कि आरोपी खाड़ी देश के लोकल कनेक्शन से भारत के अलग-अलग राज्य खासतौर से दिल्ली-एनसीआर में विभिन्न नंबरों पर काल लैंड करा रहे थे। पूरा सेटअप मुंबई में बैठे सह सरगना मोसीन के इशारे पर चल रहा था। जांच में कई संदिग्ध गतिविधि मिली हैं। ओवैस ने ठगी के पैसे से गाजियाबाद में करीब एक करोड़ रुपये की कीमत का फ्लैट खरीदा है। दिल्ली के ओखला में 22 लाख में 650 गज का फ्लैट खरीद रखा है। इसके साथ ही आरोपी के पास से करोड़ों रुपये की अन्य संपति भी मिली है। अन्य लोगों की संपति की जानकारी जुटाई जा रही है।इसलिए मामले की जांच इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) की टीम भी कर रही है

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