सागर हत्याकांड : फ्लैट के किराए को लेकर था सुशील का झगड़ा, गिरफ्तारी पर सवाल 

पुलिस की पूछताछ में सुशील व उसके साथी अजय ने खुलासा किया है कि दोनों गुटों के बीच विवाद फ्लैट के किराए को लेकर था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मॉडल टाउन स्थित यह फ्लैट सुशील की पत्नी के नाम पर है। सुशील ने इसे सागर व अन्य को किराए पर दिया हुआ था। सागर ने फ्लैट का किराया दो माह से नहीं चुकाया था। इसी पर विवाद शुरू हुआ था। पुलिस अब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी है। दूसरी ओर, वरिष्ठ अधिकारी इस हाईप्रोफाइल मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।

 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला है कि 4 मई की रात सुशील कई साथियों के साथ मॉडल टाउन के फ्लैट के नीचे पहुंचा। बताया जाता है कि उसके साथ कुछ अपराधी भी थे। सुशील के साथियों के बुलाने पर सागर और उसके दोस्त बाहर आए तो उन्हें करीब आधा दर्जन कारों में बिठा लिया गया। इसके बाद सभी को छत्रसाल स्टेडियम लाया गया। यहां दोनों गुटों में जमकर विवाद हुआ। बताया जाता है कि यहां काला जठेड़ी गिरोह के कुछ बदमाश भी थे। इन लोगों ने हवा में कई गोलियां चलाईं। सुशील व साथियों ने सागर व अन्य को लाठी, डंडों और हॉकी से पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान सागर के एक साथी ने मौका देखकर पीसीआर को कॉल कर दी। पुलिस पहुंची तो सुशील समेत बाकी पहलवान भाग गए।

 

अगले दिन सागर की मौत का पता चलते ही सुशील मॉडल टाउन स्थ्ति अपने घर से सुबह 9:30 बजे निकल गया। सबसे पहले वह शालीमार बाग इलाके में एक जानकार के पास गया। वहां से वह यूपी के मुजफ्फरनगर निकल गया। इसके बाद वह उत्तराखंड भी गया। फिर वह कभी यूपी, कभी हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में ठिकाने बदलता रहा।

छानबीन में पुलिस को पता चला कि बाहरी दिल्ली में रहने वाले एक शख्स ने सुशील और उसके साथियों को दस सिम उपलब्ध कराए। इनकी मदद से वे लगातार इंटरनेट कॉलिंग कर अपने नजदीकियों के संपर्क में रहे। पुलिस सूत्रों का दावा है कि शनिवार को सुशील के पास रुपये खत्म हो गए थे। रविवार को वह रुपये लेने दिल्ली आया और पुलिस के जाल में फंस गया। उधर, फॉरेंसिक जांच के दौरान प्रिंस दलाल के मोबाइल से मिला वीडियो भी सही पाया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह वीडियो इसलिए बनवाया गया था कि पहलवानों के बीच सुशील की धाक जमी रही।

गिरफ्तारी के तरीके पर उठ रहे सवाल
सुशील और अजय को स्पेशल सेल की टीम ने उसी तरह गिरफ्तार किया है, जैसा बताया जा रहा है, इसे लेकर रविवार को दिनभर चर्चा चलती रही। लोग गिरफ्तारी के तरीके पर तमाम सवाल उठा रहे हैं और पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। घटना को लेकर एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें सुशील एक कार से निकालकर दूसरी में बैठते हुए दिख रहा है। यह वीडियो तड़के का लग रहा है। इससे पूर्व, शनिवार शाम चर्चा चलती रही कि सुशील और अजय ने पंजाब के बठिंडा में आत्मसमर्पण किया है। पंजाब पुलिस ने इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दी। देर रात स्पेशल सेल की टीम सुशील को लेने पंजाब रवाना हुई। इन सब बातों से दिल्ली और पंजाब पुलिस के अधिकारी इनकार करते रहे। रविवार सुबह दिल्ली पुलिस ने बेहद नाटकीय ढंग से सुशील की गिरफ्तारी की जानकारी दी।

सुशील का विवादों से है पुराना नाता
छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के आरोपी ओलंपियन सुशील का विवादों से पुराना नाता रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स के एक क्वालिफायर मुकबले में उसके समर्थक एक दूसरे पहलवान के समर्थकों से भिड़ गए। पुलिस ने सुशील और उसके समर्थकों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया था। इससे पहले रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने के मसले पर सुशील का पहलवान नरसिंह यादव से भी विवाद हुआ था।

दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में कॉमनवेल्थ गेम्स में क्वालिफाई करने के लिए 29 दिसंबर 2017 को कुश्ती का ट्रायल था। 74 किलोग्राम वर्ग में सुशील ने सेमीफाइनल में रेलवे के प्रवीण राणा और फाइनल में जीतेंद्र कुमार को हराया। सेमीफाइनल के बाद सुशील और प्रवीण राणा के समर्थकों में मारपीट हुई। प्रवीण का दावा था कि सुशील के खिलाफ रिंग में उतरने पर उसके समर्थकों ने उन्हें पीटा। उधर, सुशील ने आरोप लगाया कि मुकाबले के दौरान प्रवीण राणा ने उस पर हमला किया था। बाद में प्रवीण, उनके भाई नवीन राणा और एक अन्य व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने प्रवीण की शिकायत पर आईपी एस्टेट थाने में मारपीट का मामला दर्ज किया था।

इससे पहले, सुशील का पहलवान नरसिंह यादव से विवाद सुर्खियों में रहा था। पहले सुशील 66 किलोग्राम वर्ग में खेलता था। 2016 में उसने वजन बढ़ा लिया और 74 किलोग्राम वर्ग में आ गया था। इस वर्ग से ओलंपिक में जाने को लेकर दोनों पहलवानों के बीच विवाद हो गया। मामला अदालत में भी गया था।

 

दो बार कब्जाया ओलंपिक पदक
दो बार ओलंपिक पदक पर कब्जा कर देश का मान बढ़ाने वाले सुशील कुमार का कैरियर बेहद शानदार रहा। उसे पदमश्री सम्मान समेत चार बड़े पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। विदेश में दर्जनों बार पदक जीतकर सुशील ने देश का नाम रोशन किया।

सुशील कुमार को वर्ष 2011 में पद्मश्री सम्मान दिया गया। इससे पहले 2009 में उसे राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड दिया गया था। इससे पूर्व 2005 में अर्जुन और 2001 में राजीव गांधी स्पोर्ट्स स्टेट अवार्ड से नवाजा गया। सुशील ने 2008 में बीजिंग और 2012 में लंदन में हुए ओलंपिक में पदक जीते।

सुशील ने वर्ल्ड चैंपियनशिप 2010 में रूस और 2012 में चीन में गोल्ड मेडल जीते। कॉमनवेल्थ गेम्स 2010, 2014, 2018 में भी उसने सोना कब्जाया। 2006 में कतर में हुए एशियन गेम्स में सुशील ने कांस्य जीता। 2003 से 2012 के बीच एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में सुशील ने पांच बार पदक जीते। कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में सुशील ने 2003 से 2009 के बीच चार बार गोल्ड मेडल जीता। इंटरनेशनल रेसलिंग कप में सुशील ने 2002 से 2014 के बीच 11 बार मेडल जीते। वह वर्ष 1998 से 2008 के बीच 10 बार नेशनल चैंपियन रहा। जूनियर लेवल पर भी सुशील ने 1998 से 2002 के बीच चार बार पदक जीते थे।
सागर के पिता ने कहा दोषियों को दें फांसी
बेटे की हत्या के आरोपी सुशील व उसके साथी अजय की गिरफ्तारी के बाद रविवार को सागर के पिता अशोक कुमार ने मांग उठाई कि मामले के दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने बेहद बेरहमी से उनके बेटे की हत्या कर दी थी। परिवार की मांग है कि सुशील से सभी पदक वापस लिये जाएं।

दिल्ली पुलिस में हवलदार पद पर तैनात अशोक कुमार ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि सुशील ने उनके बेटे को क्यों मारा। रुपयों का कोई लेनदेन था तो वह परिवार को इसकी जानकारी देता। सुशील को सागर की हत्या का कारण बताना ही होगा। उधर, सागर की मां सविता का कहना है कि सुशील ने उनकी गोद उजाड़ी है। उ

से फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए। परिवार का कहना है कि सुशील की पहुंच बहुत ऊंची है। वह केस को कमजोर कर कुछ ही दिन में जेल से बाहर आ जाएगा। सागर के मामा आनंद कुमार ने कहा कि सुशील बेहद अहंकारी है। वह अपने सामने किसी को कुछ नहीं समझता। आनंद ने आरोप लगाया कि गैंगस्टरों के साथ उठने-बैठने के कारण सुशील की सोच भी वैसी ही हो गई है।
अब तक क्या हुआ…
छत्रसाल स्टेडियम में दो पहलवानों के गुटों के बीच विवाद के बाद दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार व उसके साथियों ने सागर धनकड़, सोनू और अमित को अगवा कर उनकी जमकर पिटाई की थी। वारदात में तीनों ही पहलवान बुरी तरह घायल हुए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान सागर धनखड़ की मौत हो गई थी। तब से गिरफ्तारी तक का घटनाक्रम ऐसा रहा।
– 04 मई : छत्रसाल स्टेडियम की पार्किंग में देर रात पहलवानों के दो गुटों में झगड़ा हुआ। सुशील कुमार व उसके साथियों पर सागर धनखड़, सोनू और अमित को बुरी तरह पीटने का आरोप लगा। इलाज के दौरान सागर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
– 05 मई : पुलिस ने सुशील व अन्य के खिलाफ मॉडल टाउन थाने में गैरइरादतन हत्या के प्रयास, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, सरकारी आदेश के उल्लंघन, महामारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। घायलों के बयान और सागर की मौत के बाद हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं भी जोड़ ली गईं। एक आरोपी प्रिंस दलाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
– 05 मई : सुशील साथियों संग फरार हो गया। उसके मोबाइल भी बंद हो गए। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में कई राज्यों में सक्रिय हो गईं।
– 07 मई : पुलिस ने घायल अमित व सोनू के बयान आधिकारिक तौर पर दर्ज किए। दोनों ने सुशील और उसके साथियों पर हमले का आरोप लगाया।
– 09 मई : विदेश भागने की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुशील व उसके साथियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया।
– 15 मई : दिल्ली की एक अदालत ने सुशील कुमार व उसके साथियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया।
– 17 मई : सुशील ने दिल्ली की एक अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। दिल्ली पुलिस ने सुशील पर एक लाख और उसके साथी अजय की गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम रखा।
– 18 मई : अदालत ने सुशील की याचिका पर सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
– 22 मई : सुशील कुमार के बठिंडा में सरेंडर करने की अफवाह रही। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने इसे खारिज कर दिया।
– 23 मई : पुलिस की स्पेशल सेल ने सुशील और उसके साथी अजय उर्फ सुनील को दिल्ली के मुंडका से गिरफ्तार करने का दावा किया।

 

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