पीएम मोदी का एक से 69 पर निशाना, दिल्‍ली में बैठ बंगाल तक पहुंचाई बात, पहले ही कर चुके 18 रैलियां

कोलकाता: कोरोना महामारी के इस संकटकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिरी दो चरणों में चुनाव प्रचार के लिए बंगाल नहीं आ सके। चुनावी मौसम में पीएम मोदी सात फरवरी से लेकर 12 अप्रैल तक 12 बार बंगाल की यात्रा पर चुके हैं। 23 जनवरी को भी पीएम कोलकाता आए थे, लेकिन वह राजनीतिक दौरा नहीं था। शुक्रवार को पीएम मोदी को बंगाल के चार शहरों में चार रैलियां करनी थी, लेकिन कोरोना महामारी से निपटने को लेकर बैठकों की वजह से वह बंगाल नहीं आए। परंतु, अंतिम दो चरणों में जिन 69 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है वहां के लोगों तक दिल्ली से बैठकर ही अपनी बात पहुंचा दी।

पीएम मोदी पहले ही कर चुके हैं 18 रैलियां

बंगाल में सात फरवरी सात से लेकर 12 अप्रैल तक प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के 23 में से 14 जिलों में 18 रैलियां कर चुके हैं, उनकी चार और रैलियां व दो रोड शो होने की बात थी। पर, कोरोना की वजह से हालत बिगड़ गई है और उनकी संभावित रैलियां व रोड शो रद हो गए। प्रदेश भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री मोदी की और भी अधिक रैलियों की मांग की गई थी। पहले जो 20 ही रैली होनी थी लेकिन बाद में दो और बढ़ा दिया गया था। सातवें व आठवें चरण में सूबे की छह जिलों की 69 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। मुर्शिदाबाद की दो सीटों पर 16 मई को मतदान होगा। क्योंकि, दो सीटों के प्रत्याशियों की कोरोना से मौत हो गई है।

ममता ने उठाए थे सवाल

पीएम मोदी की रैली नहीं होने से मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और उनके रणनीतिकार प्रशांत किशोर के लिए जरूर राहत की बात होगी। क्योंकि, उन्हें पता है कि मोदी की रैली का प्रभाव क्या होता है। यही वजह है कि पीएम के दौरे को लेकर ममता और उनके पार्टी के नेता लगातार उन पर हमला बोल रहे थे। ममता ने तो यहां तक कह दिया था कि मतदान के दिन आते हैं और रैली कर रहे हैं। आयोग उस पर रोक लगाए मैं भी मतदान के दिन रैली नहीं करूंगी।

पीएम की बातें पहुंचाने था पूरा प्रबंध

पर, भाजपा की पीएम मोदी की सभा को लेकर जो रणनीति थी उसे कोरोना की वजह जरूर थोड़ा झटका लगा है। क्योंकि, अंतिम दो चरणों में पीएम मोदी की चार सभाएं नहीं हो सकी। बावजूद इसके इस विकट परिस्थिति में भी पीएम ने समय निकालकर वर्चुअल रैली कर बता दिया कि वह अपनी बातें पहुंचाना जानते हैं। इसके लिए प्रदेश भाजपा ने भी सातवें चरण के प्रचार के अंतिम दिन अंतिम घड़ी में चुनाव वाले 69 विधानसभा क्षेत्रों में बड़े-बड़े स्क्रीन लगा दिए ताकि पीएम के संबोधन लोगों तक पहुंच सके।

यही नहीं लाउडस्पीकर भी जगह-जगह लगा दिए गए थे ताकि सड़क, बसों, ऑटो व टैक्सी में चलते लोगों के कानों तक पीएम की बातें पहुंच सके। कोलकाता में शहीद मीनार में पीएम की रैली होनी थी। यहां से कोलकाता की 11 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं तक पीएम की बातें पहुंचानी थी। परंतु, जब वह नहीं आए ते मंच पर विशाल एलईडी स्क्रीन लगाए गए। भीड़ अधिक जुटने नहीं दी गई क्योंकि, कोरोना नियम का पालन करना था। परंतु, वहां पहुंचे भाजपा समर्थकों के हाथों में पार्टी झंडा, मुंह पर मास्क और दो गज की दूरी देखी गई। कुछ पीएम के कटआउट भी हाथों में ले रखे थे। कुछ ऐसा ही नजारा मालदा जिले के बीएड कॉलेज मैदान से 12 और दक्षिण दिनाजपुर की छह विधानसभा सीटें, मुर्शिदाबाद जिले के बहरमपुर स्टेडियम से 20 विधानसभा सीटें, बीरभूम जिले से 11 और पश्चिम ब‌र्द्धमान जिले की नौ विधानसभा सीटों के मतदाताओं तक बात पहुंचाने की कोशिश की गई।

लोस चुनाव में मोदी ने की थी 17 रैलियां

लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने बंगाल में 17 जनसभाएं की थी, जो उत्तर प्रदेश के बाद किसी राज्य में सर्वाधिक था।

बिहार चुनाव में मोदी की हुई थी 12 रैलियां

पिछले वर्ष बिहार विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी ने बिहार में 12 रैलियां की थी। वहीं बंगाल में उन्होंने 18 रैलियां और एक वर्चुअल रैली की है।

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