विस्तृत खबर >> मंत्री समूह ने कहा – 60 हजार से ज्यादा बायर्स को दो साल में मिलेगा घर, रजिस्ट्री से पहले नहीं करना होगा भुगतान

ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा बायर्स के लिए बनाई गयीं उच्च स्तरीय समिति ने आज गौतमबुद्ध विश्विद्यालय में प्रेस कांफ्रेंस किया है। कांफ्रेंस को समिति में शामिल मंत्री सुरेश खन्ना, सतीश महाना,संजय राणा ने सम्बोधित किया।

मंत्रियों के समूह ने नोएडा–ग्रेटर नोएडा के सबसे ज्यादा प्रभावित खरीदारों को राहत देते हुए बीच का रास्ता निकाल लिया है । इससे 60 हजार से ज्यादा खरीदारों को अगले दो सालो अपना मकान मिल जाएगा। मंत्रियों की समूह के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, सतीश महाना व सुरेश राणा ने आज को आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुये बताया की पहले चरण मे तीन बिल्डरों के खरीदारों को घर देने का रास्ता निकाला गया है जिसके अनुसार आम्रपाली ग्रुप के प्रोजेक्ट को-डेवलपर से आगे बढ़ाया जाएगा और दो साल में सभी खरीदारों को कब्जा दे दिया जाएगा। रजिस्ट्री से पहले किसी खरीदार को पैसा नहीं देना पड़ेगा। जेपी ग्रुप नवंबर से हर माह 600 फ्लैट लोगों को सौंपेगा। यूनिटेक बिल्डर की जमीन प्राधिकरण ले लेगा और फिर खरीदारों को राहत दी जाएगी।

ग्रेटर नोएडा के गौत्तमबुध यूनिवर्सिटी मे आयोजित प्रेसवार्ता में बिल्डर और खरीदारों से दो दिन तक मीटिंग करने के बाद अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि समिति ने 200 से अधिक खरीदारों की समस्याओं को सुना है। इससे निकल कर आया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सबसे अधिक समस्याएं आम्रपाली, जेपी व यूनिटेक ग्रुप से जुड़ी हैं। पहले चरण में इनके खरीदारों के लिए समाधान निकाला गया है। अगर इस समाधान से कोई संतुष्ट नहीं है तो एफआईआर दर्ज करा सकता है। इसके लिए एसएसपी से कह दिया गया है।

इसे खरीदारों के लिए यह सबसे बेहतर विकल्प है बताते उन्होंने कहा कि दूसरे विकल्पों में समय अधिक लगेगा।आम्रपाली के प्रोजेक्टों में एक महीने में निर्माण शुरू होगा आम्रपाली ग्रुप के सभी प्रोजेक्टों में करीब 40 हजार लोगों को फ्लैट दिए जाने हैं। ग्रुप के प्रोजेक्ट को-डेवलपर के जरिये आगे बढ़ाया जाएगा। को-डेवलपर इसके लिए तैयार हैं। वह निवेश करेंगे और सरकार इनकी निगरानी करेगी। खन्ना ने बताया कि अगले एक महीने में सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। दो साल में सभी खरीदारों को कब्जा दे दिया जाएगा। रजिस्ट्री तक लोगों को बचा हुआ पैसा नहीं देना होगा लेकिन रजिस्ट्री कराने से पहले सारा पैसा जमा करना होगा।

जेपी इंफ्रा और जेपी एसोसिएट के प्रोजेक्ट में करीब 25 हजार लोगों का पैसा फंसा है। उनको फ्लैट नहीं मिल पा रहे हैं। जेपी ग्रुप नवंबर से हर माह 600 लोगों को कब्जा देंगे। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। अगर जेपी ग्रुप अपने वायदे पर खरा नहीं उतरता है तो यहां भी आम्रपाली वाला फार्मूला अपनाया जाएगा।

यूनिटेक ग्रुप के प्रोजेक्ट नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हैं। इनकी जमीन खाली पड़ी है। यहां पर करीब 300 लोगों ने प्लॉट और 2500 से अधिक ने फ्लैट बुक कराए हैं। प्रोजेक्ट सेटलमेंट पॉलिसी के तहत यूनिटेक जमीन सरेंडर करेगा। बिल्डर के इस आवेदन का प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड में पास होगा। यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। खन्ना ने कहा कि सरकार को इसको मंजूरी दे देगी। जमीन कब्जे में लेने के बाद लोगों को प्लॉट व फ्लैट देने की कार्रवाई शुरू होगी। यह काम जल्द किया जाएगा। अब आगामी 14 और 15 सितम्बर को कमिटी फिर नोएडा आएगी। बायर्स के साथ मंत्रियों की कमेटी फिर बैठक करेगी।

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