राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे बाबा दरबार में, षोडशोपचार पूजन के बाद उतारी आरती

देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश की सुख-समृद्धि के लिए श्री काशी विश्वनाथ दरबार में दुग्धाभिषेक किया। शनिवार की शाम राष्ट्रपति 5:50 बजे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। पांचों पंडवा प्रवेश द्वार होते हुए राष्ट्रपति के काफिले ने परिसर में प्रवेश किया। रानी भवनी उत्तरी गेट से होते हुए बद्रीनाथ प्रवेश द्वार से राष्ट्रपति सपरिवार गर्भगृह में पहुंचे।

मंदिर के अर्चक श्रीकांत महाराज, टेक नारायण महाराज और संजय पांडेय ने षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन कराया। दर्शन-पूजन के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति को अंगवस्त्र, रुद्राक्ष की माला, प्रसाद के साथ ही पीतल का शंख भेंट किया।

राज्यपाल ने राष्ट्रपति की पत्नी को सम्मानित किया। इस मौके पर मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा, विनोद सिंह, ओएसडी उमेश कुमार सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी निखिलेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी उपस्थित रहे।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को काशी विश्वनाथ धाम का नक्शा दिखाया। इस दौरान उनकी पत्नी सविता कोविंद और पुत्री स्वाति कोविंद मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने यहां होने वाले निर्माण कार्य और श्रद्धालुओं की सहूलियतों के बारे में राष्ट्रपति को बताया।

इस पर राष्ट्रपति ने कहा कि भविष्य में काशी विश्वनाथ धाम का भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा। राष्ट्रपति ने श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माणाधीन भवनों को भी देखा। चुनार के लाल बलुआ पत्थर से बन रहे मंदिर परिसर की नक्काशी देखकर उन्होंने सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के बारे में राष्ट्रपति को पूरी जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में काशी आने वाले श्रद्धालु गंगा स्नान करके सीधे मंदिर में दर्शन करने पहुंच सकेंगे। परियोजना में श्रद्धालुओं की हर एक सुविधा का ध्यान रखा गया है। भवनों का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस दौरान राष्ट्रपति ने नक्शे में बने अलग-अलग तरह के भवनों के बारे में भी जानकारी ली।

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने राष्ट्रपति को बताया कि गंगा से लगभग 350 मीटर दूरी पर बाबा विश्वनाथ का मंदिर है। इस बीच में अलग-अलग उद्देश्य से अलग-अलग भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण की गुणवत्ता के लिए अलग-अलग संस्थाओं को शामिल किया गया है।

कमिश्नर ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम का काम 15 जनवरी 2019 को आरंभ हुआ था। सुरक्षा के बीच कारीगर, इंजीनियर और मजदूर 5.3 लाख वर्गफीट में 24 घंटे लगातार धाम को आकार देने में लगे हैं। 345.27 करोड़ रुपये की लागत से काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो रहा है। धाम का गुलाबी स्वरूप अब धीरे-धीरे आकार ले रहा है।

जमीन से 15 मीटर ऊपर तक निर्माण कार्य अब नजर आने लगा है। एक साथ 19 भवनों के निर्माण कार्य चल रहे हैं। इसमें मंदिर परिसर, मंदिर चौक, जलपान केंद्र, गेस्ट हाउस, यात्री सुविधा केंद्र, म्यूजियम, आध्यात्मिक पुस्तक केंद्र, मुमुक्षु भवन अस्पताल का निर्माण शुरू हो चुका है।

मंदिर चौक का हिस्सा सी सेप में निर्मित किया जाएगा। यहां से सीधे मां गंगा के दर्शन किए जा सकेंगे। उड़ीसा और चुनार के गुलाबी पत्थरों की आभा अब दर्शनार्थियों को भी नजर आने लगी है। पीतल की प्लेट से पत्थर जोड़े जा रहे हैं। 34 फीट के चार गेट होंगे। जलासेन टैरेस से गंगा के दर्शन होंगे।

 

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