बंगाल चुनाव: घायल ममता बनर्जी 15 मार्च से देंगी विपक्ष को ‘चोट’, करेंगी ताबड़तोड़ रैलियां

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमाल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी बीते दिनों नंदीग्राम में चोट लगने की वजह से घायल हो गई थीं। इसके बाद उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में एडमिट कराया गया था। कल उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जब वह अपने घर के लिए अस्पताल से निकलीं तो व्हीलचेयर पर बैठी हुई थीं। उनके पैर में पट्टी भी बंधी थी। इस बात की संभावना अधिक है कि डॉक्टर ने उन्हें आराम की सलाह दी होगी। चुनाव सिर पर हो और एक सत्तारूढ़ पार्टी की मुखिया यूं भला घर में कैसे बैठी रह सकती हैं। खबर आ रही है कि नंदीग्राम में घायल हुई ममता ने 15 मार्च से बंगाल के सियासी अखाड़े में विपक्षी दलों को ‘चोट’ पहुंचाने का मन बना लिया है। इसके लिए कार्यक्रमओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी 15 मार्च से बंगाल के सियासी अखाड़े में हुंकार भड़ती हुई दिखने वाली हैं। उनकी पहली रैली 15 मार्च को पुरुलिया में होने वाली है। इसके अलावा वह 16 मार्च को बांकुरा और 17 मार्च को झारग्राम में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगती हुई दिखेंगी।

सहानुभूनित वोट बटेरने की होगी कोशिश
यह माना जाता है कि राजनेता सियासत में हर घटना को भुनाने की कोशिश करते हैं। ममता बनर्जी तो बीच चुनाव में घायल हुई हैं। वह भी इस मौके को हाथ से जाने नहीं देंगी। उन्होंने खुद इसके संकेत भी दिए थे। ममता बनर्जी का जब कोलकाता के अस्पताल में इलाज चल रहा था तो उन्होंने अपने समर्थकों के लिए एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील तो की ही थी, साथ ही यह भी कहा था कि वह चोट लगने की वजह से व्हीलचेयर पर बैठकर ही प्रचार करेंगी। ममता अगर व्हीलचेयर पर बैठकर चुनावी मंच पर नजर आएंगी तो इसकी प्रबल संभावना है कि सहानुभूति वोट का फायदा टीएमसी को मिल सकता है।

क्या कहा था ममता बनर्जी ने?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अस्पताल से अपने समर्थकों के लिए जो वीडियो जारी किया था, उसमें उन्होंने कहा था, ”मुझे अपने अगले दो से तीन दिनों में जमीन पर वापस लौटने की उम्मीद है। चोट फिर भी बरकरार रह सकती है, लेकिन मैं मैनेज कर लूंगी। मैं एक भी मीटिंग ड्रॉप नहीं करूंगी। हो सकता है कि कुछ दिनों के लिए मुझे व्हीलचेयर की मदद लेनी पड़े। मैं आपका सपोर्ट चाहती हूं।”

ममता पर ‘हमले’ के बाद बंगाल में विपक्षी दल सतर्क
ममता बनर्जी के घायल होने के बाद पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। यह सतर्कता सहानुभूति वोट को लेकर बरती जा रही है। कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में अपने प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के उस बयान से असहमति जाता दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि ममता नंदीग्रास सीट हार रही हैं, इसलिए वह नौटंकी कर रही हैं। कांग्रेस पार्टी को अधीर रंजन के नौटंकी शब्द से आपत्ति थी। इतना ही नहीं, भाजपा और वामदलों ने भी अपनी रणनीति बदल ली है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि ममता बनर्जी जब घायल होने के बाद पहली बार चुनाव मंच पर जनता के सामने होंगी तो वह किस तरह विपक्ष पर हमला करती हैं।

 

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