साहित्य, समाज और मीडिया एक दूसरे के प्रर्याय – डा. नीलम कुमारी

नोएडा। 01 मार्च 2021 प्रेरणा शोध संस्थान न्यास द्वारा प्रकाशित केशव संवाद पत्रिका के मार्च अंक साहित्य, समाज और मीडिया का आनलाइन विमोचन किया गया। विमोचन कार्यक्रम में रायबरेली उत्तर प्रदेश की विधायक अदिति सिंह, केशव संवाद पत्रिका की प्रमुख डा. प्रियंका सिंह, केशव संवाद पत्रिका के संपादक मंडल की सदस्य डा. नीलम कुमारी व केशव संवाद पत्रिका के इस अंक की संपादक डा. उर्विजा शर्मा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डा. नीलम सिंह जी ने कहा कि साहित्य, समाज और मीडिया यह तीनों शब्द एक दूसरे के पर्याय हैं,एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन तीनों में परस्पर गहरा संबंध है। जहां एक और साहित्य समाज का दर्पण है वहीं दूसरी ओर मीडिया लोकतांत्रिक समाज का सबसे मजबूत स्तंभ है। साहित्य का उद्देश्य मात्र मनोरंजन करना ही नहीं बल्कि समाज को दिशा देना भी है वही मीडिया का मात्र उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं बल्कि समाज को जागृत करना भी है। जहां एक ओर मीडिया का अभिप्राय समाचार पत्र, पत्रिकाओं, टेलीविजन, रेडियो, इंटरनेट आदि से लिया जाता है वहीं दूसरी ओर लिखित शब्द, कविता, कहानी, उपन्यास एवं नाटक साहित्य की विधा है। अगर देखा जाए तो मीडिया साहित्य और समाज में सेतु निर्माण करने का कार्य करता है। इन तीनों का मिश्रण ही राष्ट्र को गति प्रदान करता है और समाज के सतत् विकास के लिए सकारात्मक साहित्य और मीडिया दोनों का ही विशेष महत्व है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अदिति सिंह जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि युवा नेता एक अलग तरह की राजनीति कर रहे हैं। युवा पीढ़ी अपने रास्ते पर अच्छे से चल रही है और लोग उन्हें सपोर्ट भी कर रहे हैं। युवा नेताओं को अच्छी शिक्षा मिली है जिससे वे अपना कार्य अच्छे से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई नेता समाज के लिए अच्छा काम करता है तो उसे मीडिया में बहुत कम जगह मिलती है जबकि नेता द्वारा कुछ गलत हो जाए तो उसे बहुत बड़ी जगह मीडिया में मिलती है। मीडिया समाज का आइना होता है इसलिए मीडिया का सकारात्मक होना बहुत जरूरी है।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही डा. प्रियंका सिंह जी ने कहा कि साहित्य से राष्ट्र की गरिमा, उसकी संस्कृति, उसकी सभ्यता, उस राष्ट्र की प्राचीन परंपरा, रहन-सहन आदि सभी की जानकारी हमें प्राप्त होती है। मानव के विकास में साहित्य का योगदान अहम है मानव का भौतिक विकास तो स्वभावतः ही हो जाता है लेकिन उसके बौद्धिक विकास के लिए साहित्य की भूमिका अहम है। साहित्य हमें एक दृष्टि प्रदान करता है जिससे हम सामाजिक व्यक्तिगत घटनाओं को विचार पूर्वक संपूर्णता और समग्रता से देखते हुए महसूस कर सकते हैं और इन्हीं सभी पहलुओं को समाहित करता हुआ यह केशव संवाद का अंक है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए साहित्य, समाज और मीडिया अंक की संपादक डा. उर्विजा शर्मा जी ने कहा कि साहित्य अपने समाज, अपने समय और अपनी संवेदना को व्यक्त करता है। मीडिया माध्यम मात्र है।

यह भी देखे:-

शौर्य बने मिस्टर तो प्रेरणा बनी मिस गलगोटिया
श्री रामलीला साईट - 4 रामलीला मंचन : प्रभु राम ने खाए शबरी के जूठे बेर
आईएएस रानी नागर प्रकरण जन आन्दोलन संगठन ने सीएम खट्टर को लिखा पत्र
Small Savings Schemes: सरकार ने वापस लिया ब्‍याज दर घटाने का फैसला, PPF, NSC और SSY पर पुरानी दरें र...
पुण्यतिथि पर चौधरी चरण सिंह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, याद किए गए किसानों के मसीहा
देश में दिसंबर तक पूरा हो जाएगा कोरोना टीकाकरण का काम, स्वास्थ्य मंत्रालय ने तैयार किया पूरा रोडमैप
कोरोना संक्रमण की दर में गिरावट के बाद अब स्थगित स्पेशल ट्रेनों की होगी पुनर्बहाली, मिलेगी राहत
गलगोटिया के छात्र ने अनुभव STUDENT बनाया "निर्भया सुरक्षा कवच, ऐसे करेगा महिलाओं की सुरक्षा, पढ़ें पू...
सदी के युगपुरुष हैं अटल जी : अनु पंडित
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पीएम मोदी ने फि‍र बुलाई बैठक, मुख्‍यमंत्रियों के साथ 17 मार्च को हालात...
राहत की बात : टीका लगवा चुके लोगों पर कोरोना का वायरस बेदम, खतरा हुआ कम
यूपी : सीएम योगी आज करेंगे कैबिनेट बैठक, वाराणसी व कानपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली पर भी विचार संभव
मुझे अभी नहीं होगी फांसी -शबनम का प्रेमी सलीम ,वजह जान अधिकारी भी हैरान
भारत की पहली विश्व स्तरीय रोबोटिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उदघाटन, मेक इन इंडिया मेक फार वर्ड के तर्...
Poster making , Nurturing plants on world Environment day celebrated in Ryan International School
ONLNE CME, LEPROSY UPDATE 2021 HELD IN SHARDA UNIVERSITY