द्रोण मेले में सजी कवियों की महफ़िल , देशभक्ति की कविताएं सुनाकर युवाओं में भरा जोश
ग्रेटर नोएडा । दनकौर में चल रहे प्रसिद्ध द्रोण मेले में गुरुवार की रात विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेश टिकैत ने किया। इस बारे मे मीडिया प्रभारी पवन खटाना ने बताया कवी सम्मलेन का खूब रंग जमा। दस बजे शुरू हुआ कवि सम्मलेन सुबह 4 बजे तक जाकर समाप्त हुआ। कवियों को सुनने बड़ी तादाद में श्रोता पहुंचे थे।
कवियों में पवन दीक्षित, बलबीर सिंह खिचड़ी , प्रशांत अग्रवाल, चिराग जैन, पद्मिनी शर्मा, अर्जुन शिशोदिया, विनीत चौहान और हास्य कवि शम्भु शिखर ने अपनी रचना सुनकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं ।
हास्य रास के कवि बलबीर सिंह खिचड़ी के लतीफे और व्यंग सुनकर श्रोता लोटपोट हो गए। अर्जुन शिशोदिया की देशभक्ति रस कविताओं ने युवाओं में जोश भर दिया। इसके अलावा दनकौर के ही मशहूर कवि पवन दीक्षित की रचना “माँ रोज जेब देखे बेरोजगार की, बेटे की जेब मे कहीं सल्फास तो नहीं ” ने लोगों के मन को छू लिया। उनके द्वारा दनकौर कसबे पर सुनाए गए रचना को सुन श्रोता झूम उठे। कवयित्री पद्मिनी शर्मा ने श्रृंगार रस की कविताएं और चिराग जैन की व्यंगात्मक शैली को श्रोताओं ने पसंद किया।
बता दें दनकौर मे पिछले कई वर्षों से कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाता रहा है। इस बार भी कवि सम्मेलन मे भारी भीड़ जुटी। इस मौके पर मेला कमेटी अध्यक्ष रजनीकांत, महिपाल गर्ग, वेदप्रकाश अग्रवाल, कमल चौधरी, ध्रुव गर्ग, संदीप जैन, पवन खटाना, राकेश गर्ग, नंदकिशिर गर्ग , डॉक्टर रहमत अली, नासिर अब्बासी, संदीप गर्ग इंद्रजीत कसाना सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। — रिपोर्ट : शफी मोहम्मद सैफी
