राज्यसभा में पीएम मोदी की किसानों से अपील- आंदोलन खत्म करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पर सदन को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य सभा में करीब 13-14 घंटे तक 50 से अधिक माननीय सदस्यों ने अपने बहुमूल्य विचार रखे। इसलिए मैं सभी आदरणीय सदस्यों का हृदय पूर्वक आभार व्यक्त करता हूं।
★ सम्बोधन के मुख्य बिंदु :—
● कुछ लोग पंजाब के भाइयों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं: पीएम मोदी
कुछ लोग हैं जो भारत को अस्थिर-अशांत देखना चाहते हैं। हमें नहीं भूलना चाहिए कि पंजाब के साथ क्या हुआ। आजादी मिली तो सबसे ज्यादा पंजाब को नुकसान हुआ। इसके पीछे कौन ताकतें हैं, हर सरकार ने इसको जाना है, परखा है और जांचा है। कुछ लोग हमारे सिख भाइयों के दिमाग में गलत चीजें भरने में लगे हैं। ये देश हर सिख भाई पर गर्व करता है। देश के लिए क्या कुछ नहीं किया उन्होंने।
● आंदोलनकारियों को समझाते हुए हमें देश को आगे ले जाना होगा: PM
संसद में पीएम मोदी बोले- आंदोलनकारियों से सरकार की बात चल रही है। कोई तनाव पैदा नहीं हुआ है। आंदोलनकारियों को समझाते हुए हमें देश को आगे ले जाना होगा। एमएसपी है, एमएसपी था और एमएसपी रहेगा…मेहरबानी कर के भ्रम न फैलाएं।
● लोकतंत्र की जननी है मां
पीएम मोदी ने विपक्ष पर किया हमला- लोकतंत्र को लेकर बहुत उपदेश दिए, भारत का लोकतंत्र बहुत मजबूत है। भारत राष्ट्रवाद संकीर्ण नहीं है। हमें अपने युवा पीढ़ी को सीखाना होगा कि भारत लोकतंत्र की जननी है।
● पीएम मोदी ने सुनाई मैथिलीशरण गुप्त की कविता :-
पीएम मोदी ने कहा, संसद में भाषण के दौरान मैथिलीशरण गुप्त की एक कविता भी सुनाई। उन्होंने कहा, मैथिलीशरण गुप्त जी ने कहा था, ‘अवसर तेरे लिए खड़ा है, फिर भी तू चुपचाप पड़ा है। तेरा कर्मक्षेत्र बड़ा है, पल-पल है अनमोल अरे भारत उठ, आंखे खोल।’ पीएम मोदी ने आगे कहा कि अगर आज मैथिलीशरण गुप्त होते तो वह कविता कुछ ऐसे लिखते, ‘अवसर तेरे लिए खड़ा है। तू आत्मविश्वास से भरा पड़ा है, हर बाधा, हर बंदिश को तोड़..अरे भारत आत्मनिर्भरता के पथ पर दौड़।’
