शारदा विश्वविद्यालय में “निरंतर चिकित्सा शिक्षा” कार्यक्रम

शारदा विश्वविधालय के स्कूल ऑफ़ मेडिकल एंड रिसर्च के रेडियोलोजी विभाग द्वारा शारदा न्यूरो इमेजिंग अपडेट 2019 नाम से “निरंतर चिकित्सा शिक्षा” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भाग लेने के लिए दिल्ली -एनसीआर से प्रसिद्ध और विशेषज रेडियोलाजिस्ट अपने अनुभवों तथा रिसर्च से रुबरु कराएँगे | इस कार्य्रक्रम का मुख्य उद्देश्य निरंतर चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ नवीनतम टेक्नोलॉजी की जानकारी को भी साँझा करना था। जिसमे खोपड़ी और चेहरे का आघात, संवेदनशीलता भारित छवियों की क्लिनीकल उपयोगिता, आकस्मिक स्ट्रोक में न्यूरो इमेजिंग में रेडियोलाजिस्ट की भूमिका पर विस्तृत चर्चा किया जायेगा । पहली बार हो रहे इस कार्यक्रम के लिए शारदा विश्वविधालय का पूरा रेडियोलोजी विभाग खासा उत्साहित है

स्कूल ऑफ़ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च के रेडियोलोजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विशाल गुप्ता का कहना है की इस कार्यक्रम के माध्यम से शारदा मेडिकल कॉलेज के पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल के छात्रों के साथ साथ आसपास के रेडियोलॉजिस्टों को भी इस क्षेत्र में हो रहे नए नए रिसर्चों के बारे में जानकारी मिलेगा | ग्रेटर नॉएडा में इस तरह का यह पहला आयोजन है जिसमे देश के नामी गिरामी रेडियोलोजिस्ट इतने अधिक संख्या में भाग ले रहे हैं | डॉ सुजीत कुमार जैन को कार्यक्रम का संयोजक बनाया गया है | उत्तर प्रदेश मेडिकल फैकल्टी द्वारा शारदा विश्वविधालय के रेडियो डायग्नोसिस विभाग के इस कांफ्रेंस के लिए चार क्रेडिट घंटे को निर्गत किया गया है |

डॉ विशाल गुप्ता के अनुसार न्यूरो में बुनियादी अवधारणा को सुदृढ़ करने और नए इमेजिंग अनुप्रयोगों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए निरंतर इस कार्यक्रम का होना आवश्यक है। रेडियोलॉजी चिकित्सा विज्ञान का वह विशेषज्ञता-क्षेत्र है जिसमें एक्स-किरण एवं अन्य विकिरणों से सम्बन्धित छबिकरण तकनीकों (इमेजिंग टेक्निक्स) एवं उनके चिकित्सकीय निदान एवं उपचार में अनुप्रयोग का अध्ययन किया जाता है। दरअसल किसी भी बीमारी के सफल और सही इलाज के लिए पहले बीमारी की पहचान जरुरी है इसमें रेडियोलॉजी की अहम् भूमिका है । रेडियोलॉजी एक ऐसी तकनीक है जो चिकित्सा के क्षेत्र में डॉक्टरों और मरीजों दोनों को सही और तेजी से इलाज में मदद कर रही है । इसके द्वारा की डॉक्टर सही निदान खोज पाते है । रेडियोलोजी ने डायग्नॉस्टिक तकनीकों से आज पूरे चिकित्सा जगत का स्वरूप बदल गया है।

शारदा विश्वविधालय के चांसलर पी के गुप्ता ने डॉ विशाल गुप्ता तथा उनके पुरे टीम को बधाई देते हुए कहा है की इस तरह के उपयोगी कार्यक्रम के आयोजन से युवा डॉक्टरों को काफी कुछ सिखने को मिलेगा | श्री गुप्ता का कहना है की रेडियोलाजिस्ट की मांग सरकारी अस्पतालों, के अलावा प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम्स, क्लीनिक्स, इमेजिंग सेंटर्स, आर्मी के मेडिकल कोर, रिसर्च फील्ड तथा शैक्षणिक संस्थानों में हमेशा डिमांड रहती है। रेडियोलॉजिस्ट के लिए विदेशों में भी जॉब के बहुत अच्छे अवसर हैं।

डॉ अजीत कुमार

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