शाहबेरी काण्ड के आरोपी बिल्डर पर लगा एनएसए

नोएडा। शाहबेरी में अवैध और घटिया निर्माण करने वाले एक बिल्डर पर जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी बिल्डर 47 वर्षीय शहाबुद्दीन पुत्र स्वर्गीय महमूद खान है। वह फिलहाल जेल में है। विशेष अदालत से उसकी जमानत रद्द हो गई है और उसने हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की है। उसकी सुनवाई चार सितंबर-2019 को है। यह जानकारी बुधवार को सेक्टर-27 स्थित कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी बीएन सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने प्रेस कान्फ्रेंस में दी। इससे पहले जिला प्रशासन पांच लोगों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई कर चुका है।

डीएम और एसएसपी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के शाहबेरी में वर्ष-1994 में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उस प्रक्रिया के तहत वर्ष-2009 में 155.058 हेक्टेयर भूमि पर प्राधिकरण ने कब्जा प्राप्त कर लिया। लेकिन, किसानों की याचिका पर हाईकोर्ट ने 12 मई-2011 को अधिग्रहण रद्द कर दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी प्राधिकरण की याचिका रद्द कर दी। उसके बाद वर्ष-2013 में एक बार फिर 157.96 हेक्टेयर भूमि पर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई। उसमें 16 अक्टूबर-2014 को शाहबेरी स्थित उस भूमि पर स्टे आर्डर पास हो गया। इस बात की सभी संबंधित पक्षों का जानकारी थी। इसके बावजूद शाहबेरी में किसानोंने वर्ष-2011 में अधिग्रहण रद्द होने के बा से निजी तरीके से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के इस अधिसूचित क्षेत्र में अवैध बिल्डरों के हाथों बेचनी शुरू कर दी। बिल्डरों ने बिना नक्शा पास कराए, बिना सुरक्षा गारंटी और अन्य जरूरी मानकों का पालन किए बिना अवैध रूप से भवन निर्माण शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, बिल्डरों ने उन फ्लैटों को बेचकर उनमें रहने वाले लोगों के जीवन के लिए भीषण खतरा पैदा कर दिया।

उन्होंने बताया कि न्यायिक प्रक्रिया में लग रहे समय का अनुचित लाभ उठाते हुए अवैध और अपंजीकृत बिल्डरों ने 431 भवन बना डाले, जिसकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं ली जा सकती है। इस निर्माण को रोकने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से अनेक बार अभियान चलाए गए, लेकिन अवैध भवन बनाने वाले बिल्डर बाज नहीं आए। नतीजतन, 17 जुलाई-2018 को दो अवैध भवनों के गिरने से 09 लोगों की मौत हो गई थी। इस मंजिली बिल्डिंग का निर्माण शहाबुद्दीन ने ही खसरा नंबर-5 में कराया था। अवैध बिल्डर्स पर प्राधिकरण की ओर से कुल 71 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, जिनमें 257 व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया है। वहां के बायर्स खुद को असुरक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर अवैध बिल्डर्स कुछ अराजक तत्वों को एकत्र करके ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करा रहे हैं और गेट पर ताला लगाकर सरकारी कार्यों में बाधा पैदा कर रहे हैं।

डीएम और एसएसपी ने बताया कि शहाबुद्दीन ने अपने सहयोगियों के साथ शाहबेरी के खसरा नंबर-5 पर छह मंजिला टावर का निर्माण कराया था। उसे इस बात की भी जानकारी थी कि भवन निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है और यह कभी भी ध्वस्त हो सकता है। यही बिल्डिंग 17 जुलाई-2018 की रात भरभराकर गिर गई थी और उसमें 9 लोगों की जान चली गई थी।

इस मामले में जेल में बंद शहाबुद्दीन पर पहले गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। वह फिलहाल जेल में है और विशेष अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की है। उस पर चार सितंबर को सुनवाई होनी है। डीएम ने कहा कि स्पष्ट है कि जेल से बाहर आने के बाद शहाबुद्दीन तत्काल ऐसे काम फिर करेगा, जिससे लोक व्यवस्था प्रभावित हो। इसी आधार पर शहाबुद्दीन पुत्र स्वर्गीय महमूद खान को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा-3(2) के तहत निरुद्ध किया गया है।

यह भी देखे:-

व्यापारी से रंगदारी मांगने वाले मामा-भांजे समेत तीन गिरफ्तार
नोएडा : शातिर भूमाफिया गिरफ्तार
लापता बुजुर्ग का रेलवे ट्रैक पर मिला शव
युवती को धक्का देकर मोबाईल  लूट 
बिजनेसमैन पर हमला कर लाखों की लूट
दूध व्यापारी ने फांसी लगाकर की ख़ुदकुशी
कंपनी से लैपटॉप चोरी करने के आरोप में गार्ड गिरफ्तार
पड़ोसी ने मांगी पड़ोसी से रंगदारी
बड़ी कार्यवाही, इन दो दर्जन आपराधिक प्रवृति लोगों पर लगा गैंगस्टर
देखें VIDEO, रोडरेज के बहाने कार लूटने वाले शातिर बदमाश गिरफ्तार
रिटायर्ड फौजी ने पत्नी व बेटे को मारी गोली, हालात नाजुक
लग्जरी गाड़ियों से हो रही थी अवैध शराब की तस्करी, दादरी पुलिस ने पकड़ा
दादरी पुलिस ने शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लूट का किया खुलासा
यूपी पुलिस में तैनात दरोगा के घर चोरों ने लाखों पर किया हाथ साफ़
पुलिस एनकाउंटर में घायल हुआ 25  हज़ार का ईनामी बदमाश 
लूटी गयी कैब बरामद , तीन गिरफ्तार