फर्जी आइपीएस आइएएस अधिकारी गिरफ्तार, पीएमओ में तैनाती बताकर गांठता था पुलिस अधिकारियों पर रौब, पहले भी जा चुका है जेल

ग्रेटर नोएडा : नोएडा में दो फर्जी अधिकारी गिरफ्तारी किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपित खुद को आइएएस और आइपीएस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करते थे। बताया जा रहा है कि ये लोग प्रधानमंत्री कार्यालय(पीएमओ) में खुद को तैनात बताकर जिले के पुलिस अधिकारियों के सामने रौब जमाते थे और उनसे सीओ और इंस्पेक्टर स्तर के पुलिस अधिककारियों का तबादला करवाते थे।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपित पीएमओ के नाम पर जिले के कई थानेदारों को धमका चुके हैं। मामला एसएसपी के समक्ष पहुंचा तो उन्होंने इसकी गोपनीय जांच करवाई जिसके बाद इनकी हकीकत सामने आयी। इसके बाद एसएसपी ने सेक्टर 27 स्थित कार्यालय में इन आरोपितों को मिलने के बहाने बुलाया। जब ये लोग एसएसपी से मिलने पहुंचे तो पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

भाजपा नेता से की ठगी की कोशिश
जांच में पता चला है कि दोनों फर्जी अधिकारी एक भाजपा नेता से भी ठगी की कोशिश की थी। आरोपित ने भाजपा नेता को धमकी दे रहा था। फिलहाल सेक्टर 20 कोतवाली में आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि ये आरोपित साल 2011 से लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे।आरोपित गौरव मिश्रा अपने जीजा के साथ मिलकर लोगों से ठगी करता था और पत्नी को भी आइएएस अधिकारी बताता था।

नोएडा पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति —
जनपद गौतमबुद्धनगर पुलिस का सराहनीय कार्य।

*(शातिर फर्जी IPS / IAS अभियुक्त व फर्जी भाजपा नेता गिरफ्तार)
1.नाम- आदित्य उर्फ गौरव मिश्रा (फर्जी IPS/IAS)
पिता का नाम- राजकुमार मिश्रा
उम्र – 27 वर्ष, वास्तविक जन्म तिथि- 14.08.1990 थी बाद मे नाम बदलने के समय 14.08.1994 कराई गयी ।
मूल पता- ग्राम भौनी थाना शंकरगढ जिला प्रयागराज
वर्तमान पता- आई- 566 एल्फा-2 ग्रेटर नोएडा व ओरा चिमेरा ई-907 राजनगर एक्सटेंशन गाजियाबाद ।
मो0न0- 8744006566, 9810890327, 8510080087, 7503069870
पिता एक चार्टेड अकाउंटेट है ।
शिक्षा – आई.ई.सी. कॉलेज ऑफ टेक्नोलोजी एवं इन्जीनियरिंग के.पी.- 2, ग्रेटर नोएडा से वर्ष 2012 मे मैकेनिकल लैटेरल एन्ट्री से बी.टेक. किया है ।
पंजीकृत अभियोग-
(1) मु0अ0स0- 597/12 धारा 170/171/419/420/467/468 भादवि थाना सै0- 58 नोएडा
(2) मु0अ0स0- 445/18 धारा 420/406/452/504/506/120-बी भादवि थाना बीटा- 2 ग्रेटर नोएडा ।
(3) मु0अ0स0- 294/18 धारा 420/406/120(बी) भादवि थाना खेडकी धौला गुरुग्राम हरियाणा ।
(4) मु0अ0सं0-930/19 धारा 189/170/419/420/467/468/471 भादवि थाना सैक्टर 20 नोएडा ।

2.नाम- आशूतोष राठी (अभियुक्त गौरव मिश्रा का रिश्तेदार)
पिता का नाम- सत्यवीर राठी
उम्र – 34 वर्ष, जन्म तिथि- 10.04.1985
मूल पता- ग्राम लुहसाना थाना बुढाना जिला मुजफ्फरनगर
वर्तमान पता- जे बलाक एच 4/201 कलासिक रेजिडेन्सी राजनगर एक्सटेंशन गाजियाबाद
मो0न0- 8375921414, 8448764290
पंजीकृत अभियोग-
(1)मु0अ0स0- 445/18 धारा 420/406/452/504/506/120-बी भादवि थाना बीटा- 2 ग्रेटर नोएडा ।
(2)मु0अ0सं0-930/19 धारा 189/170/419/420/467/468/471 भादवि थाना सैक्टर 20 नोएडा ।
(3)अभियुक्त वर्ष 2011 में थाना मसूरी जनपद गाजियाबाद से धारा 420/467/468 भादवि में जेल गया था ।
शिक्षा – चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी बी. काम किया है ।

प्रयुक्त नाम- अभियु्क्त स्वयं का परिचय एक पश्चिम बंगाल कैडर के सीनीयर IPS अधिकारी के रुप मे देता है तथा पत्नी का परिचय एक आईएएस के रुप मे देता है ।

अभियु्कत द्वारा इसके अतिरिक्त पीएमओ का वरिष्ठ IAS अधिकारी के रुप मे भी अपना परिचय देकर वरिष्ठ अधिकारियो से फोन करके उचित / अनूचित काम करने का दबाव बनाता था ।
विवरणः-
दिनांक 26.07.2019 को थाना सैक्टर 20 नोएडा पर वादी राजीव कुमार शर्मा द्वारा सूचना दी गयी कि एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश महासचिव (संगठन) का नाम लेकर आशुतोष राठी नाम का एक व्यक्ति अधिकारियों को 8375921464 नं0 से काल करके दवाब बना रहा है । इस सूचना पर थाना सैक्टर 20 नोएडा पर मु0अ0सं0 930/19 धारा 419 भादवि पंजीकृत हुआ था ।

इसी विवेचना के संदर्भ में व0उ0नि0 हरिन्द्र सिंह द्वारा मुखबिर की सूचना के आधार पर सैक्टर 18 मेट्रो के पास से एक होण्डा एमेज गाडी नं0 UP16BH6566 को पकडा जिसमें दो व्यक्ति बैठे हुये थे जिसमें से एक व्यक्ति आशुतोष राठी था जो भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव (संगठन) का नाम लेकर लोगो को ठगता था को पकडा गया । दूसरा व्यक्ति गौरव मिश्रा था जिसने पकडे जाने पर पुलिस टीम पर दवाब बनाने के लिये अपने आप को पश्चिम बंगाल कैडर का सीनियर आईपीएस अधिकारी बताया । पुलिस टीम को शक होने पर गौरव मिश्रा तथा आशुतोष राठी से विस्तृत पूछताछ की गयी तथा उनके मोबाइल फोन की डिटेल चैक की गयी जिसमें कई सनसनीखेज बाते पता चली ।

पूछताछ में अभियुक्त गौरव मिश्रा द्वारा बताया गया कि वह मोबाइल नं0 8744006566, 9810890327, 8510080087, 7503069870 से फर्जी आईपीएस / आईएएस अधिकारी बनकर अधि्कारियों पर अनुचित दवाब डलवाता था । गौरव मिश्रा द्वारा सन 2012 में गूगल पर पूर्वोत्तर भारत में पोस्टेड एक महिला आईपीएस का वर्दी मे फोटो देखा तो उसी से प्रेरित होकर अभियुक्त फर्जी आईपीएस बनना चाहा । इसी बीच वह चंडीगढ गया और चंडीगढ से ही आईपीएस की वर्दी तैयार करायी । वापस आने के बाद उसके द्वारा ग्रेटर नोएडा स्थित एक यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार से सम्पर्क किया जिन्हे अपना परिचय आईपीएस के रुप मे दिया और दिल्ली मे पोस्टिंग बतायी तथा यूनिवर्सिटी में एक एडमिशन MBBS कोर्स में कराने के लिये सिफारिश किया था । रजिस्ट्रार से फोन पर बात होती रहती थी । रजिस्ट्रार से परिचय होने के बाद एक बार उस यूनिवर्सिटी में अभियुक्त फर्जी आईपीएस की वर्दी पहनकर चीफ गेस्ट बनकर गया था ।

इसी प्रकार से फर्जी IPS/IAS बनकर लोगो के साथ धोखाधडी करने के आरोप में नोएडा पुलिस द्वारा 9 जुलाई 2012 को पुलिस ने आईपीएस की वर्दी पहने हुये अभियुक्त गौरव मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था ।

जब बाहर आया तो ग्रेटर नोएडा मे अपने घर से डेयरी प्रोडक्टस स्पलाई का काम किया उसके बाद वर्ष 2014 मे गुजरात निवासी सुजीत जो प्राईवेट लाईजनिंग व अधिकारियों तथा नेताओं से मिलता जुलता रहता था, से मुलाकात हुई । उसके साथ मे अभियुक्त 7-8 महीने रहा । उसी से गौरव ने सीखा कि कैसे अधिकारियों तथा नेताओं से काम कराया जाता है। सुजीत के सम्बन्ध एक आईएएस अधिकारी जो उस समय पीएमओ में तैनात थे । सुजीत के जरिये ही अभियुक्त एक IAS अधिकारी से मिला और धीरे-धीरे मंत्रालय मे विभिन्न अधिकारियों तथा मंत्रियों के प्राईवेट सैक्रेटेरी से मुलाकात हुई तथा इन्ही लोगो का नाम लेकर अभियुक्त कई लोगो का काम कराने लगा । इन्ही सब संबंधो का दुरपयोग करते हुये कई प्रतिष्ठित विद्यालयो मे चार-पांच एडमिशन कराये और कई लाख रुपये एडमिशन कराने के नाम पर लिये जिसके संबंध में उनको कोई जानकारी नहीं हुई ।
सुजीत ने अभियुक्त की मुलाकात अपने मित्र आलोक से करायी । इसका भी काम नेताओं व अधिकारियों से मेल जोल बढाकर कार्य कराना था लेकिन ये लोग कोई फर्जी आईपीएस या आईएएस नहीं बनते थे । अभियुक्त आलोक के साथ लाइजनिंग का काम करने लगा । आलोक ने अभियुक्त को यू.पी कैडर के एक आईपीएस अधिकारी से दिल्ली मे मिलवाया और इनके द्वारा ही अभियुक्त को दिल्ली मे ही अपने बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अधिकारी से मिलवाया । इसी के बाद अभियुक्त अपने आप को पश्चिम बंगाल कैडर का आईपीएस अधिकारी बताने लगा। अभियुक्त ने अपना परिचय आईपीएस अधिकारी के रुप मे देकर विभिन्न लोगो को फोन किया और लोगो के उचित-अनुचित काम कराकर उनसे रुपया प्राप्त किया करता था । अभियुक्त द्वारा विभिन्न नामों से अपने पासपोर्ट तथा आधार कार्ड बनवा रखे है ।

अपराध कारित करने का तरीका (MODUS OPERANDI)

अभियुक्त स्वयं को सीनियर IAS/IPS बताकर अधिकारीयो से संपर्क करता था तथा उन्हें प्रभाव में लेकर अपने अनूचित कार्य करने का दबाव बनाता था । फिर उन्ही अधिकारियों के माध्यम से अन्य अधिकारियों से संपर्क करता था । क्योंकि अधिकारियों को अन्य अधिकारी द्वारा अभियुक्त का नंबर एक सीनियर IPS/IAS के रूप में बताया जाता था इसलिए अधिकारियों को इस पर संदेह नहीं होता था । इस प्रकार इसने अपने धोखाधडी का यह पूरा जंजाल बिछाया । अभियुक्त ने कई कान्सटेबिल/उप-निरीक्षक/निरीक्षक से ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर पैसे ऐठे है ।

अभी तक अभियुक्त द्वारा इस प्रकार से धोखाधडी/ठगी कर लाखों रूपये वसूले जा चुके है । अभियुक्त का साला आशुतोष राठी विभिन्न अधिकारियो को जानता है जिनके नाम का सहारा लेकर अभियुक्त लोगो से पैसा लेकर उनके काम कराता था । इसी क्रम में अभियुक्त आशूतोष राठी द्वारा एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश महासचिव (संगठन) के नाम पर विभिन्न अधिकारियों को फोन करके अनुचित दबाव बनाता था तथा ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर पैसे ऐठता था। मीडिया सेल
गौतमबुद्धनगर पुलिस

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