बिल्डर से परेशान HOME BUYER ने आत्महत्या की इजाजत मांगी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पैरामाउंट इमोशंस प्रोजेक्ट में फ़्लेट खरीददार अभय कुमार जैन ने बताया मैं पेरमौंट इमोशन मैं एक फ्लैट बॉयर्स 2010 मैं फ़्लेट बुक कराया था जिसकी कीमत
15, 68, 750 रूपये थी और साइज 810 sqft जो मुझे लकी टावर मैं फ्लैट न० 405 अलाट हुआ था उसके बाद बिल्डर ने 3 बार उसका साइज बदला. पहले 810 से 845 किया फिर 845 से 860 फिर 860 से 940 और कीमत 16,68,750 से 21,76,712 हो गयी. इस फ्लैट के लिए मैंने करोपोरशन बैंक से 14 लाख लोन लिया हैं जिसकी क़िस्त 18,000 रूपये मंथली जाती जो मैं पिछले 6-7 से दे रहा हूँ और यही होप थी की अपना फ्लैट जल्दी  मिल जायेगा.

12 अप्रील 2018 में इन्होने मेरे फ्लैट का पोजेशन लेटर भेजा जिसमे कई सारी इल्लीगल डिमांड थी. जब मैंने कम्पनी के लोगो से बात किया उन डिमांड को लेकर तो कोई भी रिप्लाई देने को तैयार नहीं हुआ इसके अलाबा प्रोजेक्ट भी पूरा कम्पलीट नहीं था पता नहीं इसको प्राधिकरण ने कैसे कम्पलीशन सर्टिफिकेट दे दिया. 

आज भी प्रोजेक्ट इन्कम्प्लीट हैं और कंस्ट्रक्शन चल रहा हैं जब मैंने इनसे पुछा तो कोई रिप्लाई देने को रेडी नहीं था फिर मई इनकी इल्लीगल डिमांड को लेकर रेरा कोर्ट मैं गया जहा पर मेरी 3 हियरिंग हुई  फिर पैरामाउंट नै मुझे बुलाकर 22 जनवरी 2019 को बुलाकर रेरा से केस वापस लेने का प्रेशर बनाया और मुझे बोलै की आप रजिस्ट्री करा लो और केस बंद कर दो हम आपका फ्लैट कम्पलीट हैं. मैं इस स्तिथि मैं नहीं था की और केस लड़ सकूं क्यों की  मुझे बैंक की 19000 क़िस्त देनी पड़ रही थी और मैं 20,000 रूपये रेंट पर रह रहा था. इसके अलावा मुझे बैंक से 14 लाख का लोन मिला था लेकिन इन लोगो ने साइज बढ़ाया और इल्लीगल डिमांड भेजी थी जिनको पूरा करने के लिए मैं गोल्ड लोन लिया था और कुछ लोन मैंने अपने दोस्तों से लिया था मैं पूरी तरह से कर्ज मैं डूबा हूँ मैंने बिल्डर पर विश्वास करके रेरा केस बंद  कर दिया .

जब  मैंने फ्लैट देखा तो उसमे काम चल रहा था और लग रहा था जैसे ये लो सही मैं 4-5 दिन मैं फ्लैट कम्पलीट कर देंगे फिर मैं रजिस्ट्री के लिए रेडी हो गया. बिल्डर ने 31 जनवरि 2019 को मेरी रजिस्ट्री कर दी और बोलै की 5-6 दिन मैं काम कम्पलीट करके मुझे के हैंडओवर कर देंगे.

उसके बाद जब 1 महीने तक पैरामाउंट से हैंडओवर के लिए कोई फ़ोन नहीं आया जब मैंने बिल्डर से कांटेक्ट किया तो बिल्डर के लोगो ने कोई रिप्लाई नहीं किया और मेरा फ़ोन काटने लगे. जब मैं बिल्डर के ऑफिस मैं मिलने गया तो कोई रिप्लाई नहीं देता था केवल ये बोलै जाता था की जल्दी आपको बुलाया जाये और हैंडओवर किया जायेगा.

मैं पैरामाउंट इमोशन जाकर देखा तो मेरा फ्लैट लॉक पड़ा था मैं रिक्वेस्ट करके खुलवाया तो पाया की मेरा फ्लैट बिकलुक जर्जर हालत मैं पड़ा हुआ हैं, किचिन के स्लैब तोड़ दी सारा सामान जो उसमे लगा था निकाल लिया, बालकनी के गेट का ग्लास भी तोड़ दिया वायरिंग भी नहीं थी फर्श की टाइल्स भी टूटी पड़ी थी बाथरूम की फिटिंग भी नहीं थी देखकर ऐसा लग रहा था जैसे इसको जानबूझकर तोडा गया हो.

जब मैंने साइट इंचार्ज संगम त्रिपाठी से पुछा तो वह लोगो गुंडागर्दी करने लगे और मुझे धमकी देने लगे उसके बाद मैं पीएमओ ऑफिस मैं और कई  बरिष्ठ अधिकारीयो को मेल लिखी और उनसे विनती की मेरा फ्लैट दिलवा दो .

मैंने नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान से भी बिनती की उसके बाद 22 मई 2019 को मेरे पास सीओ बिसरख़ ऑफिस से फ़ोन आया और मुझे मिलने को बुलाया मैं 24 अप्रैल को सपरिवार उनसे मिलने गया लेकिन सीओ साहब से बात नहीं हो पाई और उनके ऑफिस मैं किसी सर से बात हुई जिनको मैं पूरी बात बताई मैंने उनसे कानूनी कार्यवाही करने को बोला फिर उन्होंने मुझसे एक एप्लीकेशन ले ली और बोला को बो कोई कानूनी कार्यवाही नहीं कर सकते इसके लिए या तो आपको कंस्यूमर कोर्ट जाना पड़ेगा या सिविल कोर्ट .

मेरी माननीय प्रधान मंत्री जी से बिनती हैं की या तो मेरा फ्लैट एवं रजिस्ट्री डेट के लेकर अभी तक मेरी बैंक इसललमेंट  दिला दो या  मुझे सुसाइड करने की इजाजद दे दो क्यों की  मेरी आर्थिक स्तिथि बहुत ख़राब हो चुकी हैं और मेरे ऊपर बहुत जिम्मेदारी हैं मेरा परिवार( मेरे माता, पिता, पत्नी और २ बच्चे ) मेरे ऊपर निर्भर हैं. 

मेरी मंथली इनकम 50000 हैं जिसमे 19000 बैंक इन्सटॉलमेंट, 20000 रेंट  और 10000 दोनों बच्चो के फीस जाती हैं इसके अलावा मैंने इस फ्लैट के बड़े हुए साइज,इल्लीगल डिमांड और रजिस्ट्री के लिए और भी कर्ज ले रखा हैं, मैंने सोचा था की कम  से कम अपना फ्लैट मिल जायेगा तो रेंट के 200000 बचेंगे जिससे मैं अपने कर्ज चूका सकूंगा  लेकिन न तो मुझे फ्लैट मिला ऊपर कर कर्जा और हो गया आज मैं खाने को भी मोहताज हूँ और अपने लोगो से ही छिप रहा हूँ. अब मेरी ये कंडीशन भी  नहीं हैं की मैं कोर्ट केस कर सकूं .

मुझे मालूम हैं की सुसाइड करना अपराध हैं इसी लिए मैं आपसे इजाजद मांग रहा हूँ और बिनती कर रहा हूँ  या तो अप्प बिल्डर पर कानूनी कारवाही की जाये और मुझे मेरा फ्लैट, और बैंक इन्सटॉलमेंट दिला दी जाये या मुझे सुसाइड करने के अनुमिति दी जाये .

बॉयर्स पैरामाउंट इमोशंस अभय जैन
+91 96505 12346

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