लोकसभा चुनाव 2019: सीपीआई के खोते जनाधार को कन्हैया का सहारा
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 में हॉट सीट बनी बेगूसराय से सीपीआई उम्मीदवार और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने नामांकन किया. अपने समर्थकों और सीपीआई कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे कन्हैया कुमार ने निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में अपना नामांकन पर्चा भरा. इससे पहले कन्हैया के रोड शो में काफी भीड़ देखने को मिली, जिसमें उनसे समर्थक लाल सलाम और लाल झंडों के साथ उत्साह और जोश से भरे दिखे. दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 में इस बार बिहार का बेगूसराय खासा चर्चाओं में है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बेगूसराय सीट से लोकसभा चुनाव के उम्मीवार कन्हैया कुमार, एनडीए के गिरिराज सिंह और महागठबंधन के तनवीर हसन के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं. कन्हैया कुमार को समर्थन देने के लिए विधायक जिग्नेश मेवानी, शेहला रशीद, गुरमेहर कौर और नजीब की मां अम्मा फ़ातिमा नफ़ीस तमाम लोग बिहार के बेगूसराय में पहुंचे, जो नामांकन के समय रोड शो में भी दिखे. इतना ही नहीं, कन्हैया के समर्थन में सड़कों पर जनसैलाब देखने को मिला. लाल झंडों और लाल सलाम के नारों के साथ समर्थक कन्हैया के साथ नामांकन के लिए जाते दिखे.
बता दें कि इस सीट पर कन्हैया कुमार के सामने बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह हैं तो राजद महागठबंधन की तरफ से तनवीर हसन. बेगूसराय में मुकाबला त्रिकोणीय है, क्योंकि कन्हैया कुमार का मुकाबला सिर्फ गिरिराज सिंह ही नहीं, बल्कि महागठबंधन के राजद उम्मीदवार डॉ तनवीर हसन से भी है. बता दें कि इस सीट पर चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा.
रिपोर्ट की मानें तो बेगूसराय के 19 लाख मतदाताओं में भूमिहार मतदाता करीब 19 फीसदी, 15 फीसदी मुस्लिम, 12 फीसदी यादव और सात फीसदी कुर्मी हैं. भूमिहार वोट यहां की मुख्य कड़ी हैं और इस बात का सबूत है कि पिछले 16 लोकसभा चुनावों में से कम से कम 11 में नौ बार भूमिहार सांसद बने हैं.2009 में अंतिम परिसीमन से पहले बेगूसराय जिले में दो संसदीय सीटें बेगूसराय और बलिया सीट थीं. तब उन दोनों को मिलाकर बेगूसराय कर दिया गया और बलिया सीट खत्म हो गई. बेगूसराय जिले की सात विधानसभा सीटों में से पांच बलिया में आती हैं.
