देश में पहली बार “गरीब की जाति” स्वीकार, रास में सवर्ण आरक्षण बिल पारित
सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पास होने के बाद बुधवार को राज्यसभा में रखा गया जहाँ ये दो तिहाई वोट के साथ पास हुआ. सदन में कुल 172 सदस्य मौजूद थे. इसके पक्ष में 165 और विपक्ष में 7 वोट पड़े. संसद के दोनों सदनों से बिल पास हो चुका है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा – बिल पास होना सामाजिक न्याय की जीत है. राज्यसभा से मिले समर्थन से बेहद खुश हूँ. संविधान निर्माता और स्वंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि.
इस दौरान बीजेपी सहित एनडीए के तमाम इस बिल का समर्थन करते हुए समाज की जरूरत बताय. वहीं विपक्षी पार्टियां इस बिल की टाइमिंग और इसके पीछे सरकार की मंशा पर सवाल उठाया.
इससे पहले मंगलवार को लोकसभा में इस आरक्षण विधेयक पर घंटों तक चली बहस के बाद लगभग सभी पार्टियों ने इसका समर्थन किया था. इस बिल के पक्ष में 323 वोट पड़े थे जबकि विपक्ष में महज 3 सदस्यों ने वोट डाला था. हालांकि राज्यसभा में संख्याबल न होने के कारण सरकार के लिए यहां इस बिल को पास कराना मुश्किल माना जा रहा था लेकिन अंत में आखिरकार बिल पारित हो गया . अब बिल को संसद से सीधे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. राष्ट्रपति से मंजूरी मिलते ही बिल कानून बन जायेगा.
