शारदा यूनिवर्सिटी में बोले डॉ एम. पी पूनिया, छात्रों को डिग्री होल्डर से ज्यादा स्किल्ड और नॉलेज होल्डर बनाना चाहिए

ग्रेटर नोएडा : आज शारदा यूनिवर्सिटी में एआईसीटीई के उपाध्यक्ष डॉ एम पी पूनिया ने शारदा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग के फैकल्टी तथा शोध छात्रों के साथ बातचीत की और अपना अनुभव साझा किया |सबसे पहले शारदा के प्रो-चांसलर वाई के गुप्ता ने आज के मुख्य अतिथि डॉ एमपी पूनिया का स्वागत और सम्मान किया और कहा की डॉ एमपी पूनिया बहुत ही प्रतिबद्धता,निष्ठा,मेहनती व्यक्ति है जिनका अनुभव हमारे शारदा यूनिवर्सिटी,छात्रों और शिक्षकों को शीर्ष स्थान तक पहुंचने में हमारी सहायता करेगा |
डॉ एमपी पूनिया ने सम्बोधित करते हुए कहा एजुकेशन को नोबेल प्रोफेशन के रूप में माना जाता है और यह हमारा कर्तव्य है जिसका हम सब को सम्मान करना चाहिए | फैकल्टी की ज़िम्मेदारी बनती है कि वे छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बने और क्लास में पूर्ण तैयारी, ऊर्जावान चेहरा और डिलीवर राइट कंटेंट जिस से छात्रों सकारात्मक निर्देश मिले| आज जब छात्र स्नातक होने के बाद नौकरी के लिए जाता है , इंडस्ट्री उन्हें स्वीकार नहीं करती जिसका कारण है छात्रों में प्रतिभा का ना होना | इसलिए यूनिवर्सिटी को नवीन पाठ्यक्रम तैयार करने और उसे प्रभावी तरीके से पढ़ाने पर ज़ोर देना चाहिए| छात्रों को अपने में कौशल, ज्ञान, ऐटिटूड और विकास के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए| उन्होंने शारदा विश्वविधालय को विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराने तथा शोध के उत्क्रिस्ट सुविधाओं को सभी के लिए मुहैया कराने के प्रयास को सराहा |
डॉ पुनिआ ने एआईसीटीई सभी यूनिवर्सिटी से एआईसीटीई के इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टल में शामिल होने का आग्रह किया | एआईसीटीई नई सुविधा जिसमे पाठ्यक्रम का संशोधन,शिक्षक प्रशिक्षण,इंडक्शन प्रोग्राम,नवाचार / स्टार्टअप को बढ़ावा देना,इंटर्नशिप नीति,परीक्षा पैटर्न, पर्सपेक्टिव योजना लेकर आ रही है| हमें छात्रों को डिग्री होल्डर से ज्यादा स्किल्ड और नॉलेज होल्डर बनाना चाहिए|

इसके बाद वाईस चांसलर र रेड्डी ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा आये हुए मेहमानों को धन्यवाद् दिया और कहा की शारदा आप के सुझाव लागू करेगी और सही दिशा में प्रगति करेंगे|

उन्होंने कहा की हर साल 37 लाख आबादी कॉलेज में प्रवेश ले सकती हैं पर हर साल केवल २० लाख आबादी आज कॉलेज में प्रवेश लेती है | जिसमे केवल 7 लाख छात्र कैंपस प्लेसमेंट प्राप्त करते है| आज 75 % लोग उच्च शिक्षा के लिए नहीं जाते | मानव संसाधन विकास की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी रिपोर्ट के अनुसार भारत के स्कूल चीन और रूस के बहुत पीछे हैं और भारत की यूनिवर्सिटी सीखने की वक्र तेज है पर अभी भी हम रूस और चीन से पीछे है | युवा छात्र इन गांव में बच्चे की मदद करे ,उच्च शिक्षा में नामांकन में मदद करे|

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