आई.टी.एस. डेन्टल काॅलिज में ”ओरल इम्पलांटोलोजी” पर कार्यशाला का आयोजन

ग्रेटर नोएडा : ओरल इम्पलांटोलोजी से आने वाले समय मे काफी मरीजों को बहुत ही राहत मिलेगी। दंत प्रत्यारोपण की इस तकनीक से एक बार क्रत्रिम दंतरोपण से मरीजों को काफी लम्बे समय न केवल छुटकारा मिलता है बल्कि इससे उसके व्यक्तित्व का विकास होता है यह उदगाार रोमानिया के टीटू माइरोइसकु विश्वविद्यालय के प्रो0 एवं मशहूर इम्पलांटोलोजी डाॅ0 एडी लारोइन ने आई0टी0एस0 डेन्टल काॅलिज में इम्पलांटोलोजी पर आयोजित कार्यशाला में चिकित्सकों और विद्यार्थियो के संयोजित करते हुए कही।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रधानाचार्य डाॅ0 अक्षय भार्गव ने बताया कि इस कार्यशाला मे दिल्ली एन0सी0आर0 के 100 से अधिक चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया जिसमें उनकों इम्पलांटोलोजी की नई तकनीकी के बारे में जानकारी दी गयी जिससे इनका काम अधिक से अधिक मरीजो को मिल सकें।

डाॅ0 एडी लारोइन ने बताया कि मुख गुहा के अंदर निकले हुए दांतों के स्थान पर बिना हड्डी के भी दंत प्रत्यारोपण ’’डेंटल इम्पलांट’’ से कैसे करें। उन्होने सर्जरी के विभिन्न नवीनतम तरीकों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब जहां पर मुख गुहा के अंदर अगर जबडे की हड्डी कम भी हो तो इस तकनीक द्वारा क्रतिम दंत प्रत्यारोपण किया जा सकता है। उन्होने इस बात की भी जानकारी दी कि मुख गुहा के अंदर जिस स्थान पर डेंटल इम्पलांट करते हैं वहां पर हड्डियों को कैसे विकसित किया जाये।
कार्यशाला के सफल आयोजन के लिये आई0टी0एस0 – द एजेकेशन ग्रुप के उपाध्यक्ष श्री सोहिल चड्ढा ने आयोजकों की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान का हमेशा से यही प्रयास रहा है कि दंत चिकित्सकों और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गयी जिससे मरीजों को अधिकतम लाभ मिल सके।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॅा. अक्षय भार्गव ने कहा कि यह वर्कशाॅप संस्थान द्वारा गठित आई0टी0एस0 सैंटर फाॅर एक्सीलेंस द्वारा आयोजित की गइ है। भविष्य में चिकित्सकों और विद्यार्थियों को दंत चिकित्सा क्षेत्र की आधुनिक जानकारी उपलब्ध कराने हेतु इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजत किया जाता रहेगा। भविष्य में भी संस्थान द्वारा अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दंत चिकित्सकों द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा।
संस्थान के डीन-यू0जी0 डाॅ0 सचित आनन्द अरोरा ने आयोजित कार्यशाला पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे चिकित्सकों को दंत चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का पता चलेगा जिससे उन्हे मरीजों का इलाज करने में काफी सुविधा होगी। इस वर्कशाॅप के माध्यम से चिकित्सकों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी की मदद से काफी फायदा होगा।

कार्यशाला में भाग लेने आये सभी चिकित्सकों ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस कार्यशाला से उन्हे काफी कुछ सीखने को मिला है। जिससे वे मरीजों का इलाज आसानी से कर पायेंगे।

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