गांधी-शास्त्री जयंती पर नन्हक फाउंडेशन के बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, 8 वर्षीय रोहन ने बनाई गांधी जी की खूबसूरत स्केच
ग्रेटर नोएडा। इटा-1 स्थित बिगनिंग मिशन एजुकेशन सेंटर में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं स्वतंत्र भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर नन्हक फाउंडेशन के बच्चों ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों महान विभूतियों को याद किया। बच्चों ने गांधी जी और शास्त्री जी के जीवन, विचारों और देश के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। गीत और कविताओं की प्रस्तुतियां भी दी गईं।
नन्हक फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर, दलित एवं वंचित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रहा है। फाउंडेशन की ओर से बच्चों को शिक्षा के साथ नृत्य, संगीत, कला और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों के लिए भी तैयार किया जाता है। बच्चों को ड्रेस, जूते, मौसम के अनुकूल गर्म कपड़े, पाठ्य सामग्री, कलात्मक सामग्री और पौष्टिक आहार भी उपलब्ध कराया जाता है।
फाउंडेशन की ओर से सामान्य बच्चों के साथ विशेष एवं दिव्यांग बच्चों के लिए भी कार्य किया जा रहा है। संस्था का मानना है कि उचित सहयोग, अतिरिक्त मेहनत और सामान्य बच्चों के साथ समान अवसर मिलने पर विशेष बच्चों की प्रतिभा को भी निखारा जा सकता है और वे परिवार व समाज में सम्मान के साथ अपना स्थान बना सकते हैं।
कार्यक्रम में बच्चों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर अपने विचार रखे। छात्रा रजनी ने गांधी जी के तीन बंदरों के संदेश का विस्तार से वर्णन किया। बच्चों ने गीत और कविताएं प्रस्तुत कर कार्यक्रम में देशभक्ति का रंग भर दिया।
फाउंडेशन की फाउंडर प्रेसिडेंट साधना सिंहा ने बच्चों को संबोधित करते हुए गांधी जी के अहिंसक आंदोलन के महत्व और लाल बहादुर शास्त्री के सरल व्यक्तित्व एवं दृढ़ इरादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने अहिंसा के माध्यम से संघर्ष का रास्ता दिखाया, वहीं शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन और दृढ़ संकल्प आज भी प्रेरणा देता है।
आठ वर्षीय रोहन की प्रतिभा ने चौंकाया
कार्यक्रम के दौरान आठ वर्षीय रोहन तन्मय होकर महात्मा गांधी की स्केच बनाने में जुटा रहा। सामने रखी गांधी जी की तस्वीर को देखकर उसने बिना हाथ उठाए लगातार स्केच बनाई। जब उसकी बनाई तस्वीर सामने आई तो मौजूद लोग उसकी प्रतिभा देखकर हैरान रह गए।
साधना सिंहा ने कहा कि प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें उचित मंच और अवसर देने की है। नन्हक फाउंडेशन ऐसी अज्ञात प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें आगे लाने का लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने लोगों से संस्था के साथ जुड़ने और सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रतिभावान बच्चे की प्रतिभा व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। उसे ऐसा अवसर मिलना चाहिए जिससे वह अपने साथ देश के विकास में भी योगदान दे सके।
उन्होंने कहा कि सम्मानित जीवन जीना हर नागरिक का अधिकार है और इसी उद्देश्य के साथ नन्हक फाउंडेशन बच्चों को शिक्षा, हुनर और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
