गांधी-शास्त्री जयंती पर सेंट जोसेफ स्कूल में गूंजा राष्ट्रप्रेम, विद्यार्थियों ने लगाई ज्ञान-विज्ञान की भव्य प्रदर्शनी
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर अल्फा-1 स्थित सेंट जोसेफ विद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत रत्न देश के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती राष्ट्रीय पर्व के रूप में धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने के साथ विभिन्न विषयों पर आधारित भव्य प्रदर्शनी लगाकर अपनी प्रतिभा और ज्ञान का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर जिप्सन पलाटी, मैनेजर फादर एंड्रयू कोरिया के साथ आगरा से पधारे मुख्य धर्माध्यक्ष डा. राफी मंजली मुख्य अतिथि तथा भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी (अप्रत्यक्ष कर उपायुक्त, IRS) सुश्री रुक्मिणी बनर्जी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। अतिथियों और विद्यालय परिवार के सदस्यों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए।
प्रधानाध्यापिका सिस्टर प्रीमा, सिस्टर विजया एवं कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के समन्वयक शाजी के. जे. ने भी दोनों महान विभूतियों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम” और “जय जवान, जय किसान” के नारों एवं धुनों से विद्यालय परिसर में राष्ट्रप्रेम और समर्पण का वातावरण बना रहा।
विशिष्ट अतिथि सुश्री रुक्मिणी बनर्जी ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं से कहा कि सामान्य विद्यार्थी होना लक्ष्य प्राप्त करने में बाधा नहीं है। कठिन परिश्रम असामान्य लक्ष्य को भी हासिल करने योग्य बना देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को वास्तविकता स्वीकार करने, आडंबरों से बनी चमक को पहचानने और उससे सतर्क रहने का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि डा. राफी मंजली ने कहा कि सभी एक ईश्वर की संतान हैं और बिना द्वेष-भाव के एकजुट होकर शिक्षा के चरम तक पहुंचते हुए देश के उत्थान में योगदान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से जुड़े नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की।
20 से अधिक कमरों में सजी ज्ञान-विज्ञान की दुनिया
कार्यक्रम के दूसरे चरण में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने फीता काटकर विद्यार्थियों द्वारा तैयार प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी करीब 20-22 कमरों के अलावा प्रार्थना सभा परिसर के खुले मैदान तक फैली हुई थी। खास बात यह रही कि अधिकांश मॉडल और प्रदर्श कार्यशील थे, जिन्हें अभिभावकों ने खूब सराहा।
प्रदर्शनी में कला विषय के तहत हस्तकला, शिल्पकला और उनके अनुप्रयोग प्रदर्शित किए गए। सामाजिक विज्ञान में प्राचीन काल से वर्तमान तक के समाज, विभिन्न शासकों, सामाजिक बदलावों और आने वाले पड़ावों की झलक दिखाई गई। अंग्रेजी विषय में अंग्रेजी साहित्य के इतिहास और हिंदी में आदिकाल से वर्तमान काल तक की साहित्यिक यात्रा, प्रमुख लेखकों-कवियों तथा उनकी कृतियों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
गणित में आधारभूत जानकारी और उसके अनुप्रयोग, जबकि विज्ञान में भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान की मूलभूत जानकारी, इनके विकास और आधुनिक युग में अनुप्रयोगों को मॉडल के माध्यम से समझाया गया।
कंप्यूटर विज्ञान की प्रदर्शनी में रोबोटिक्स, कंप्यूटर के विभिन्न अनुप्रयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सोचने-समझने की क्षमता को प्रदर्शित किया गया। वाणिज्य एवं बहीखाता विषय में विद्यार्थियों ने विषय की वास्तविकता और दैनिक जीवन में उसके महत्व को समझाया। वहीं अर्थशास्त्र में मूलभूत आर्थिक अवधारणाओं से लेकर शेयर बाजार तथा राष्ट्र को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए आवश्यक औद्योगिक दक्षताओं तक की जानकारी प्रदर्शित की गई।
अभिभावकों ने सराहा विद्यार्थियों का हुनर
शुक्रवार को नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के प्रथम सत्रीय परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। इसके साथ ही अध्यापक-अभिभावक बैठक भी आयोजित हुई, जिसके चलते मुख्य रूप से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के अभिभावक विद्यालय पहुंचे और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
विद्यालय के अनुसार शनिवार, 3 अक्टूबर को कक्षा छह से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के अध्यापकों एवं अभिभावकों की बैठक होगी और प्रथम सत्रीय परीक्षा के परीक्षाफल वितरित किए जाएंगे। प्रदर्शनी शनिवार को भी जारी रहेगी, जिससे इसमें और अधिक अभिभावकों के पहुंचने की संभावना है।
