यूपीआईटीएस में काशी के स्वाद का जलवा, 100 किलो से ज्यादा बिकी लौंगलता और तिरंगा बर्फी
जौनपुर की इमरती और चंदौली के काला चावल ने भी जीता लोगों का दिल, लाइव काउंटर पर बनारसी पान का दिखा क्रेज
ग्रेटर नोएडा/वाराणसी, 29 सितंबर। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में इस बार प्रदेश के पारंपरिक खानपान ने भी लोगों का ध्यान खींचा। देशी-विदेशी खरीदारों और आगंतुकों ने वाराणसी, जौनपुर और चंदौली के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। काशी की लौंगलता और तिरंगा बर्फी की 100 किलो से अधिक बिक्री हुई। वहीं, जौनपुर की इमरती और चंदौली के काला चावल की भी खूब मांग रही। ट्रेड शो में बनारसी पान का लाइव काउंटर भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
काशी की लौंगलता और तिरंगा बर्फी की मांग
ट्रेड शो में वाराणसी की लौंगलता, तिरंगा बर्फी और बनारसी पान से जुड़े चार उद्यमी पहुंचे हैं। लौंगलता कारोबारी चंद्रबली यादव ने बताया कि अब तक करीब एक क्विंटल लौंगलता की बिक्री हो चुकी है। लोगों का रुझान देखते हुए आगे भी बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। तिरंगा बर्फी के कारोबारी राजीव सिंह ने बताया कि उन्हें ट्रेड शो में इतनी बिक्री की उम्मीद नहीं थी।
जौनपुर की इमरती भी खूब पसंद आई
जौनपुर की प्रसिद्ध इमरती ने भी ट्रेड शो में लोगों का स्वाद जीता। कारोबारी आशीष गुप्ता के मुताबिक, अब तक करीब 100 किलो इमरती की बिक्री हो चुकी है। मांग अधिक होने के कारण इमरती कम पड़ गई। उन्होंने ट्रेड शो की व्यवस्थाओं और स्थानीय प्रशासन के सहयोग की सराहना की। उनका कहना है कि यहां नए ग्राहकों और कारोबारियों से संपर्क हुआ है, जिससे भविष्य में कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।
75 किलो काला चावल की बिक्री
चंदौली का काला चावल और इससे तैयार की गई खीर भी लोगों को पसंद आ रही है। कारोबारी रामाश्रय कुमार पाल ने बताया कि काला चावल की खेती गो-आधारित प्राकृतिक तरीके से की जाती है। ट्रेड शो में अब तक करीब 75 किलो काला चावल की बिक्री हो चुकी है। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार की ओर से विभिन्न स्तरों पर सहयोग मिल रहा है।
लाइव काउंटर पर बनारसी पान का क्रेज
ट्रेड शो में बनारसी पान का लाइव काउंटर भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देशी-विदेशी कारोबारी और आगंतुक यहां बनारसी पान का स्वाद लेते नजर आ रहे हैं। काशी के पारंपरिक खानपान को अलग-अलग उत्पादों के जरिए एक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे स्थानीय कारोबारियों को नए बाजार और खरीदारों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
पहली बार एक जनपद-एक व्यंजन को मिला मंच
उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि इस वर्ष यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओपी) के तहत विभिन्न जिलों के पारंपरिक व्यंजनों को भी प्रदर्शित किया गया है। इसके तहत उद्यमियों को निशुल्क काउंटर उपलब्ध कराया गया है। ट्रेड शो के जरिए पारंपरिक उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और नए खरीदारों से जोड़ने का अवसर मिल रहा है।
