SSC GD परीक्षा में धांधली कराने वाला हैकर STF के हत्थे चढ़ा
ग्रेटर नोएडा। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की GD कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर और सर्वर हैकिंग के जरिए धांधली कराने वाले सॉल्वर गैंग के कथित हैकर अरुण कुमार उर्फ डेविल को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने उसके कब्जे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी 22 सितंबर को करीब शाम छह बजे दिल्ली के शाहबाद डेयरी क्षेत्र से की गई।
एसटीएफ के मुताबिक आरोपी अरुण कुमार उर्फ डेविल पुत्र तेजा यादव, निवासी 354 शाहबाद डेयरी, थाना बेगमपुर, दिल्ली है। उसका मूल निवास ग्राम पालीगंज, थाना दादरी, पटना, बिहार बताया गया है।
12 स्क्रीन और दो लैपटॉप समेत उपकरण बरामद
एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से 12 TFT स्क्रीन, दो लैपटॉप, एक हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर, आठ VGA स्विच, 11 रास्पबेरी पाई डिवाइस, 14 HDMI वीडियो कैप्चर डिवाइस, नौ USB टू टाइप-C एडॉप्टर, 13 HDTV VGA एडॉप्टर, नौ TP-Link USB ब्लूटूथ डोंगल, चार VGA टू HDTV एडॉप्टर, एक Excitel ब्रॉडबैंड डिवाइस और दो आयरन सोल्डर मशीन बरामद की हैं।
मई में पकड़े गए गिरोह से जुड़े तार
एसटीएफ के अनुसार 22 मई 2026 को गौतमबुद्धनगर की टीम ने ग्रेटर नोएडा के बालाजी डिजिटल जोन में आयोजित SSC GD कांस्टेबल परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर लगाकर और सर्वर हैक कर अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को नियंत्रित करने वाले गिरोह का खुलासा किया था। उस कार्रवाई में मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा समेत सात आरोपियों को 50 लाख रुपये नकद, प्रॉक्सी सर्वर और अन्य उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में थाना नॉलेज पार्क में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी संख्या में रास्पबेरी पाई डिवाइस, मॉडिफाइड TFT और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए।
सर्वर की सोर्स फाइल डिकोड कर कराते थे नकल
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि हैकर अमित राणा और अरुण कुमार उर्फ डेविल ने सर्वर की सोर्स फाइल को डिकोड कर उसमें आवश्यक बदलाव किए थे। इसके जरिए प्रॉक्सी सर्वर से परीक्षा में नकल कराना संभव बनाया गया। परीक्षा केंद्र के बाहर से अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी उपकरणों और स्क्रिप्ट का इस्तेमाल किया जाता था।
कई राज्यों में परीक्षा धांधली से जुड़ा नेटवर्क
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी उम्र करीब 30 वर्ष है और वह बीए पास है। उसने जहांगीरपुरी स्थित आईटीआई से कंप्यूटर फंडामेंटल का एक वर्षीय कोर्स किया था। वर्ष 2019 में मुखर्जी नगर, दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उसका संपर्क बिहार के दरभंगा निवासी मनोज से हुआ। इसके बाद वह ऑनलाइन परीक्षाओं में होने वाली धांधली के काम से जुड़ गया और धीरे-धीरे सर्वर हैकिंग में दक्ष हो गया।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखंड और नॉर्थ ईस्ट के विभिन्न राज्यों में आयोजित परीक्षाओं में धांधली कराने वाले लोगों के संपर्क में था।
सीतापुर के परीक्षा मामले में भी तलाश थी
जांच में वर्ष 2024 में सीतापुर में नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाले गिरोह का भी उल्लेख सामने आया। उस मामले में आरोपी अरुण कुमार उर्फ डेविल की तलाश की जा रही थी। आरोप है कि उसने परीक्षा में धांधली के लिए प्रॉक्सी सर्वर लगाकर रिबूट करने के लिए पेन ड्राइव में सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया था।
एसटीएफ के मुताबिक मई-जून 2026 में आयोजित SSC GD कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में धांधली के मामले में भी हैकर अमित कुमार उर्फ अमित द्वारा अरुण कुमार उर्फ डेविल को महत्वपूर्ण फाइल डिक्रिप्ट करके दी गई थी। दोनों ने मिलकर क्लाइंट को प्रॉक्सी सर्वर से कनेक्ट करने वाली स्क्रिप्ट तैयार की थी, जिसके माध्यम से परीक्षा में धांधली की गई।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना नॉलेज पार्क, गौतमबुद्धनगर में दर्ज मुकदमे में धारा 318(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस, 65/66 आईटी एक्ट तथा सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम और The Public Examination (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ आरोपी की अन्य गतिविधियों और नेटवर्क के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
