वेल्दी फिशर की 147वीं जयंती पर मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति
यूपी बोर्ड के प्रदेश टॉपरों समेत 41 मेधावी विद्यार्थियों और दो उत्कृष्ट शिक्षिकाओं का सम्मान
लखनऊ, 18 सितंबर। कानपुर रोड स्थित साक्षरता निकेतन में इण्डिया लिटरेसी बोर्ड की संस्थापिका डॉ. वेल्दी फिशर की 147वीं जयंती पर छात्रवृत्ति वितरण एवं मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में यूपी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2026 के प्रदेश स्तर के टॉपर विद्यार्थियों के साथ वेल्दी फिशर चिल्ड्रेन्स अकादमी के मेधावी छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. पार्थ सारथी सेन शर्मा रहे। अध्यक्षता इण्डिया लिटरेसी बोर्ड के अध्यक्ष एवं यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय आर. भूसरेड्डी ने की। दीप प्रज्ज्वलन और डॉ. वेल्दी फिशर के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में 97.60 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश स्तर पर टॉपर रहीं शिखा वर्मा को डॉ. वेल्दी फिशर छात्रवृत्ति के तहत प्रथम छमाही के लिए 30 हजार रुपये का चेक, स्मृति-चिह्न और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। हाईस्कूल परीक्षा में 97.83 प्रतिशत अंक हासिल कर संयुक्त रूप से प्रदेश टॉपर रहीं अंशिका वर्मा और कशिश वर्मा को प्रथम छमाही के लिए 9-9 हजार रुपये के चेक, स्मृति-चिह्न और प्रशस्ति-पत्र दिए गए।
वेल्दी फिशर चिल्ड्रेन्स अकादमी की हाईस्कूल परीक्षा में 88.80 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉपर रहीं उम्मे हबीबा को प्रथम छमाही के लिए 18 हजार रुपये का चेक, स्मृति-चिह्न और प्रशस्ति-पत्र छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान किया गया। इन छात्राओं को छात्रवृत्ति लगातार दो वर्ष तक दी जाएगी।
समारोह में अकादमी की नर्सरी से कक्षा 11 तक के 41 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी प्रशस्ति-पत्र और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले प्रियांशी वर्मा, अक्षत द्विवेदी, वैश्नवी गुप्ता और वंशिका पाल को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। अकादमी की उत्कृष्ट अध्यापिकाओं दिव्या श्री गौतमी और फरहीन को भी प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वेल्दी फिशर चिल्ड्रेन्स अकादमी के विद्यार्थियों ने प्रार्थना गीत और संस्था का थीम सांग प्रस्तुत किया। कक्षा 12 की छात्रा नन्दनी और कक्षा 10 की छात्रा अरीवा खान ने डॉ. वेल्दी फिशर के जीवन और साक्षरता के क्षेत्र में उनके कार्यों पर क्रमशः हिन्दी और अंग्रेजी में प्रकाश डाला।
इण्डिया लिटरेसी बोर्ड की निदेशक सन्ध्या तिवारी ने डॉ. वेल्दी फिशर के जीवन-परिचय पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों का स्वागत किया और बोर्ड की गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी।
अध्यक्ष संजय आर. भूसरेड्डी ने साक्षरता निकेतन के इतिहास और शिक्षा, कौशल विकास तथा आधुनिक कृषि के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों से डॉ. वेल्दी फिशर के जीवन, सिद्धांतों और आदर्शों से प्रेरणा लेकर ऐसा कार्य करने का आह्वान किया, जिससे अकादमी और देश का नाम रोशन हो।
मुख्य अतिथि डॉ. पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि इण्डिया लिटरेसी बोर्ड और साक्षरता निकेतन की स्थापना के समय भारत की साक्षरता दर लगभग 18 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर लगभग 83 प्रतिशत हो चुकी है। उन्होंने साक्षरता के क्षेत्र में डॉ. वेल्दी फिशर के योगदान को उल्लेखनीय बताया। उन्होंने छात्रवृत्ति एवं सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा, संस्कार और अनुशासन जीवन में सफलता की कुंजी हैं।
कार्यक्रम में इण्डिया लिटरेसी बोर्ड के सदस्य गोपबन्धु पटनायक, सीतापुर एवं बाराबंकी के डीआईओएस, सम्मान प्राप्त विद्यार्थियों के अभिभावक, मीडिया कर्मी तथा बोर्ड, राज्य संसाधन केन्द्र और जन शिक्षण संस्थान, लखनऊ के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
