17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, 4.19 करोड़ परिवारों तक पहुंचेगा सेवा का संदेश
एक माह तक चलेंगे 12 प्रमुख कार्यक्रम, 25 लाख लाभार्थियों की सफलता की कहानियां होंगी डिजिटल
लखनऊ, 16 सितंबर। उत्तर प्रदेश में सेवा, सुशासन, जनकल्याण और विकास की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह तक चलने वाले इस राज्यव्यापी अभियान में केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से लाभान्वित लोगों की सफलता की कहानियों को सामने लाने के साथ नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प से जोड़ने पर जोर रहेगा।
अभियान के प्रभारी एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मार्गदर्शन में शासन से लेकर जनपद स्तर तक त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है। अभियान के तहत कुल 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के 3.51 करोड़ परिवार और 13.01 करोड़ लाभार्थी, जबकि शहरी क्षेत्र के 68 लाख परिवार और 2.73 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं।
12 प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए होगा आयोजन
अभियान के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसे 12 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ के साथ अभियान की शुरुआत होगी। शाम सात बजे घरों और प्रतिष्ठानों पर दीप प्रज्वलित कर सेवा एवं विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने का आह्वान किया जाएगा। अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा जयंती पर टूल किट वितरण तथा चयनित विकास एवं अवस्थापना परियोजना स्थलों पर दीप प्रज्वलन भी होगा।
स्कूलों में होंगी चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं
‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’ कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर से सात अक्टूबर तक विद्यालयों में कक्षा पांच से आठ तक चित्रकला तथा कक्षा नौ से 12 तक चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिला स्तरीय प्रदर्शनी के बाद सात अक्टूबर को राज्य स्तरीय प्रदर्शनी होगी। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे।
‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत प्रत्येक जनपद में 18 से 20 कलाकारों की सांस्कृतिक टोलियां गठित की जाएंगी। प्रत्येक विधानसभा में सात कार्यक्रम होंगे। ग्राम पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी।
25 लाख लाभार्थियों की डिजिटल कहानियां होंगी तैयार
‘सेवा की कहानी’ डिजिटल एवं रील अभियान के तहत 25 लाख लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव पर 60 सेकंड की रील तैयार की जाएंगी। इनमें आवास, विद्यालय, पंचायत भवन, पुस्तकालय, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड पोर्ट, मेट्रो, आरआरटीएस और विश्वविद्यालयों से जुड़ी विकास की कहानियां शामिल होंगी।
25 सितंबर से सात अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय उत्सव एवं संवाद आयोजित होंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, स्वास्थ्य और महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी देने के साथ बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित होंगी।
10 नदियों के जल के साथ काशी से वडनगर तक यात्रा
सात अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’ आयोजित होगी। प्रमुख चौराहों पर सेवा कलश स्थापित किए जाएंगे और पैदल, साइकिल एवं बाइक रैलियों के माध्यम से नागरिक मुख्य आयोजन स्थल तक पहुंचेंगे।
‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’ के तहत 17 सितंबर से सात अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का जल लेकर 10 टोलियां काशी से वडनगर, गुजरात जाएंगी। यात्रा के मार्ग में चौपाल, जनसंवाद और विकास यात्रा पर आधारित फिल्म प्रदर्शन होंगे।
सेवा गतिविधियों से जुड़ेंगे नागरिक
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत नागरिकों को 25 सेवा गतिविधियों में से किसी एक से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इनमें रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, योग-ध्यान, महिला स्वास्थ्य, शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल साक्षरता, अंगदान, पोषण, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता और वोकल फॉर लोकल जैसी गतिविधियां शामिल हैं। प्रत्येक विधानसभा में न्यूनतम दो स्थलों के कायाकल्प का लक्ष्य भी रखा गया है।
सेवा सेतु शिविरों में मौके पर होगा योजनाओं का लाभ
‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंड और नगरीय निकाय स्तर पर पांच से सात दिवसीय बहुउद्देशीय शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्र नागरिकों के आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर रहेगा। स्वास्थ्य मेले, दिव्यांग कल्याण शिविर और मतदाता पंजीकरण अभियान भी आयोजित किए जाएंगे।
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में ओरिएंटेशन एवं मोटिवेशन कार्यक्रम होंगे।
17 अक्टूबर को होगा अभियान का समापन
17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। ग्राम प्रधान, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि सेवा एवं सुशासन के 25 वर्षों के अवसर पर प्रधानमंत्री का सम्मान करेंगे तथा ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प लेंगे। करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों द्वारा संकल्प लेने और वंदे मातरम् गायन की योजना है।
इस दौरान ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर विकास यात्रा दर्शाने वाले लेजर शो आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख तीर्थस्थलों और शक्तिपीठों में महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान भी प्रस्तावित हैं।अगर इसे और ज्यादा अखबार की खबर जैसा, करीब 500–600 शब्दों में छोटा करना हो, तो मैं उसी हिसाब से कसा हुआ संस्करण भी बना सकता हूं।
