किसानों का प्राधिकरण पर सातवें दिन भी धरना, 21 को बंद कराने का ऐलान
ग्रेटर नोएडा। 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, नए भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधान लागू करने और आबादियों के निस्तारण समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसान संघर्ष मोर्चा का ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर धरना सातवें दिन भी जारी रहा। सैकड़ों महिला और पुरुष किसानों ने धरने में पहुंचकर मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। किसानों ने मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने पर 21 सितंबर को प्राधिकरण बंद कराने का ऐलान किया है।
धरने की अध्यक्षता जयप्रकाश आर्य ने की। संचालन किसान सभा के महासचिव संदीप भाटी ने किया। किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान अपने अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ रहे हैं।
भारतीय किसान परिषद के नेता उधर लारिया ने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगों में 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, नए भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधान लागू करना और आबादियों का निस्तारण शामिल है। उन्होंने कहा कि आंदोलन निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। प्राधिकरण ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो किसान भी प्राधिकरण का काम सुचारु रूप से नहीं चलने देंगे।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि आंदोलन के पहले चरण में 10 प्रतिशत विकसित भूखंड और नए कानून से संबंधित प्रस्ताव पास कराए जा चुके हैं। अब शासन स्तर पर दोनों प्रस्तावों का अनुमोदन होना बाकी है। उन्होंने कहा कि किसान अपने अधिकार हासिल किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नगर ने जनप्रतिनिधियों पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। वहीं, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने किसानों के आंदोलन को पार्टी की ओर से समर्थन देने की घोषणा की।
किसान संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी कि 21 सितंबर तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो प्राधिकरण बंद कराया जाएगा।
धरने में गीता भाटी, रीना भाटी, पूनम भाटी, तिलक देवी, अशोक भाटी, गुरप्रीत एडवोकेट, भगत सिंह एडवोकेट, उम्मीद त्यागी, प्रवीण चौहान, बुधपाल यादव, सुरेश यादव, गवरी मुखिया और दुष्यंत सेन समेत बड़ी संख्या में किसान और किसान नेता मौजूद रहे।
