जीबीयू में 9वें स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का आगाज
76 टीमों के 456 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, एआई से साइबर सुरक्षा तक 18 चुनौतियों पर खोजेंगे तकनीकी समाधान
ग्रेटर नोएडा, 12 सितंबर। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में शनिवार को 9वें जीबीयू आंतरिक स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 का आयोजन किया गया। एआईसी-जीबीयू इन्क्यूबेशन सेंटर के सहयोग से आयोजित प्रतियोगिता में 76 टीमों के 456 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और स्मार्ट शिक्षा समेत 18 विषयों पर आधारित वास्तविक समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय परिसर में हुआ। इस अवसर पर जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह सहित सरकार, उद्योग और नवाचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे। इनमें सीएनएच इंडस्ट्रियल के एजीएम-एचआर आदित्य घिल्डियाल, अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग के इनोवेशन लीड नील कुमार, एसटीमाइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी लीडर डॉ. अमित मिश्रा, सेराडेकोर इंडिया के प्रबंध निदेशक डॉ. राजीव एम. वर्मा, इंडस्ट्रियल एंटरप्राइज एसोसिएशंस ग्रेटर नोएडा के अध्यक्ष संजिव शर्मा सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।
कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों से नवाचार के साथ समस्या-समाधान की सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हैकाथॉन विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान और विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलने का मंच प्रदान करता है। इससे रचनात्मकता, टीमवर्क और उद्यमशीलता की भावना मजबूत होती है।
हैकाथॉन के एसपीओसी डॉ. राजू पाल ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता की प्रक्रिया, समस्या विवरण, मूल्यांकन और टीमों से अपेक्षाओं की जानकारी दी। प्रतियोगिता के लिए समस्या विवरण 21 अगस्त को जारी किए गए थे। इनमें एमएसएमई, विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी संगठनों की वास्तविक चुनौतियों को शामिल किया गया है।
प्रतिभागी टीमों का दो चरणों में मूल्यांकन होगा और विशेषज्ञों द्वारा मेंटरशिप भी दी जाएगी। प्रदर्शन के आधार पर 45 टीमों का नामांकन के लिए चयन किया जाएगा, जबकि पांच टीमों को प्रतीक्षा सूची में रखा जाएगा। इसके बाद चयनित समाधानों की स्क्रीनिंग स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के ग्रैंड फिनाले के लिए होगी।
एआईसी-जीबीयू इन्क्यूबेशन सेंटर के सीईओ अतुल कुमार गर्ग ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम और स्टार्टअप के लिए उपलब्ध अनुदान एवं फंडिंग अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से हैकाथॉन में विकसित विचारों को आगे बढ़ाकर उन्हें स्टार्टअप और उद्यमिता के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. विनय लिटोरिया ने अतिथियों, उद्योग प्रतिनिधियों, मेंटर्स, शिक्षकों, आयोजकों और प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। हैकाथॉन को विद्यार्थियों, अकादमिक जगत, उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
