डीएम मेधा रूपम ने एमएसएमई उद्यमियों से कहा, बड़ा सपना देखें और निर्यात बढ़ाएं
आईआईएलएम विश्वविद्यालय में पीएमएस योजना पर राष्ट्रीय कार्यशाला, 150 से अधिक उद्यमी हुए शामिल
ग्रेटर नोएडा। एमएसएमई उद्यमियों को सरकारी खरीद, विपणन और निर्यात के अवसरों से जोड़ने के लिए बुधवार को आईआईएलएम विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में पीएमएस योजना पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए) की पहल पर एमएसएमई मंत्रालय के विकास एवं सुविधा कार्यालय, ओखला और आईआईएलएम विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में 150 से अधिक उद्यमियों ने हिस्सा लिया। जिलाधिकारी ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि गौतमबुद्धनगर औद्योगिक विकास, परिधान, इलेक्ट्रॉनिक्स और निवेश के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करने तथा नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमी बड़ा सपना देखें और अपने उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास करें। निर्यात बढ़ाने के साथ रोजगार सृजन में भी उद्योग जगत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
डीएम ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, सरकारी खरीद, विपणन सहायता और निर्यात के नए अवसरों से जोड़ने में उपयोगी हैं। उन्होंने उद्योगों के विकास के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने पर भी जोर दिया।
कार्यशाला में एमएसएमई मंत्रालय के अधिकारियों तथा विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी संस्थानों के विशेषज्ञों ने सरकारी खरीद प्रक्रिया, जीईएम पोर्टल, खरीद एवं विपणन सहायता योजना, विक्रेता विकास, निर्यात संवर्धन और बाजार से जुड़ाव की जानकारी दी। उद्यमियों को डिजिटल मार्केटिंग, गुणवत्ता प्रमाणन और सरकारी विभागों में विक्रेता पंजीकरण की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर आईआईएलएम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) नील राय, प्रो वाइस चांसलर राजे मोहन, सीनियर मैनेजर राजकुमार सिंह तथा आईबीए अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय, महासचिव सुनील दत्त शर्मा, उपाध्यक्ष नरेश चौहान, राजेश खन्ना और सुधीर त्यागी समेत अन्य पदाधिकारी, शिक्षाविद और उद्यमी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उद्यमियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि सरकारी खरीद और विपणन से जुड़ी जानकारी मिलने से एमएसएमई इकाइयों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
