जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर से गलगोटियास यूनिवर्सिटी का एमओयू, सीएम योगी ने की सराहना
ग्रेटर नोएडा। जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर और यामानाशी यूनिवर्सिटी के साथ गलगोटियास यूनिवर्सिटी के हुए सहमति पत्र (एमओयू) की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सराहना की है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की गलगोटियास यूनिवर्सिटी द्वारा जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ किया गया एमओयू प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी तरह की साझेदारियां प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों और जापान के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के बीच भी होंगी।
यह एमओयू जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोतारो नागासाकी के नेतृत्व में आए 200 से अधिक सदस्यों वाले उच्चस्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल के गलगोटियास यूनिवर्सिटी दौरे के दौरान हुआ। उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन 2026 के तहत आए प्रतिनिधिमंडल ने अपने आधिकारिक संस्थागत दौरे के लिए गलगोटियास यूनिवर्सिटी को चुना।
ग्रीन हाइड्रोजन, ईवी और सेमीकंडक्टर पर सहयोग
एमओयू के तहत भारत और जापान के बीच ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहन और सेमीकंडक्टर जैसी उभरती तकनीकों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा संयुक्त शोध, तकनीकी आदान-प्रदान, फैकल्टी एवं छात्र एक्सचेंज तथा विश्वविद्यालय-उद्योग साझेदारी को भी बढ़ावा देने की योजना है।
गलगोटियास यूनिवर्सिटी के चांसलर सुनील गलगोटिया ने कहा कि जापान का उत्तर प्रदेश में निवेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच और प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था एवं निवेश के अनुकूल माहौल का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी निवेश से करीब 10 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
सुनील गलगोटिया ने जापानी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान जेवर में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कभी अपराध के लिए चर्चित जेवर आज विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के कारण देश के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हो रहा है। उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इसका उदाहरण बताया।
यूनिवर्सिटी की सुविधाओं से प्रभावित हुए जापानी गवर्नर
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने गलगोटियास यूनिवर्सिटी की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और कक्षाओं का निरीक्षण किया। विश्वविद्यालय की सुविधाओं और शैक्षणिक वातावरण से प्रभावित यामानाशी के गवर्नर कोतारो नागासाकी ने कहा कि यदि वह 30 वर्ष छोटे होते तो गलगोटियास यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेकर यहीं से पढ़ाई करते।
गलगोटियास यूनिवर्सिटी के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि यामानाशी प्रीफेक्चर और यामानाशी यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश दोनों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी सतत तकनीकों, अनुसंधान और उद्योग आधारित नवाचार को नई दिशा देगी।
उन्होंने कहा कि जापानी प्रतिनिधिमंडल की ओर से दिखाया गया विश्वास और सहयोग भविष्य में दोनों देशों के बीच शैक्षणिक एवं औद्योगिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
50 हजार से अधिक विद्यार्थी
गलगोटियास यूनिवर्सिटी के अनुसार, विश्वविद्यालय में 50 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि इसके वैश्विक एलुमनाई नेटवर्क में एक लाख से अधिक स्नातक शामिल हैं। विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस, सेमीकंडक्टर, बिजनेस, लॉ, मीडिया, डिजाइन, हेल्थ साइंसेज और अन्य क्षेत्रों में पाठ्यक्रम संचालित करता है।
विश्वविद्यालय के मुताबिक वर्ष 2026 में विद्यार्थियों को 1,250 से अधिक कंपनियों से 5,500 से ज्यादा जॉब ऑफर मिले हैं। विश्वविद्यालय ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ उद्योग एवं नवाचार संबंधी साझेदारियां भी स्थापित की हैं।
