एचआईएमटी में “आरंभ 2026” ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन, नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हुआ स्वागत
ग्रेटर नोएडा, 8 सितंबर। एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत और उनके शैक्षणिक जीवन की नई यात्रा के शुभारंभ के लिए ‘आरंभ 2026’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति, मूल्यों, अनुशासन, कौशल विकास और उज्ज्वल भविष्य के प्रति प्रेरित करना रहा।
एचआईएमटी ग्रुप के सेक्रेटरी अनिल कुमार बंसल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें नई शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संस्थान के साथ जुड़ाव विद्यार्थियों को सफलता, अनुभव और सीखने के अनेक अवसर प्रदान करेगा।
ज्वाइंट सेक्रेटरी अनमोल बंसल ने शिक्षा, कौशल और मूल्यों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ज्ञान देती है, कौशल पेशेवर काबिलियत विकसित करते हैं, जबकि मूल्य यह सिखाते हैं कि ज्ञान और काबिलियत का जिम्मेदारी से उपयोग कैसे किया जाए।
ग्रुप डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) सुधीर कुमार ने कहा कि एचआईएमटी में मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मेसी, एजुकेशन और लॉ जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थी एक साथ अध्ययन करते हैं। इससे विद्यार्थियों को संवाद, सहयोग और एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिलता है।
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. विक्रांत चौधरी ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि धैर्य, निरंतरता और सकारात्मक सोच के साथ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) मुरलीमनोहर पाठक, कुलपति, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने विद्यार्थियों से अपनी अंतर्निहित क्षमता को पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता की शुरुआत स्वयं को पहचानने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने से होती है।
विशिष्ट अतिथि आशीष सोनकर, वैज्ञानिक ‘एफ’ एवं अपर निदेशक, एसएजी, डीआरडीओ, नई दिल्ली ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सफलता के लिए समर्पण, प्रतिबद्धता और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहते हुए निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया।
के.पी. सिंह, चेयरमैन, बीआईएस एवं स्किल डेवलपमेंट समिति, एफसीबीएम इंडिया तथा ब्रांच चेयरमैन, आईआईएमएम, ग्रेटर नोएडा ने कहा कि वर्तमान औद्योगिक परिवेश में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन, लीडरशिप, प्रॉब्लम सॉल्विंग और अन्य इंडस्ट्री ओरिएंटेड स्किल्स को लगातार विकसित करना होगा।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्रसिद्ध रेडियो जॉकी, एंटरटेनर और कंटेंट क्रिएटर आरजे नावेद रहे। उन्होंने अपने प्रेरक और मनोरंजक संबोधन से विद्यार्थियों में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि उसके भविष्य का निर्धारण नहीं करती और विद्यार्थियों को बड़े सपने देखकर उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
डायरेक्टर मैनेजमेंट प्रो. (डॉ.) पंकज कुमार ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एचआईएमटी ग्रुप की स्थापना से लेकर अब तक की उपलब्धियों और विकास यात्रा की जानकारी दी। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) अनुज मित्तल, निदेशक, एचआईएमटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, प्रो. (डॉ.) रमा दत्त, प्राचार्या, हरलाल स्कूल ऑफ लॉ, डॉ. मनोरमा, प्राचार्या-एजुकेशन, नरेंद्र उपाध्याय, एचओडी-आईटी, डॉ. दिनेश कुमार, एचओडी-बायोटेक्नोलॉजी, कविता चौधरी, प्रशासनिक अधिकारी, भूपेंद्र नागर, सिस्टम एडमिन सहित संस्थान के संकाय सदस्य और स्टाफ मौजूद रहे।
