वियतनाम से लेकर जापान, सिंगापुर और ब्रिटेन तक मजबूत हुआ गलगोटियास यूनिवर्सिटी का वैश्विक नेटवर्क
वियतनाम की यूनिवर्सिटीज और सैगॉन हाई-टेक पार्क के साथ समझौते, छात्रों को सेमीकंडक्टर, रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय अवसरों का मिलेगा लाभ
ग्रेटर नोएडा, 2 सितंबर 2026। गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने वियतनाम में शिक्षा, अनुसंधान और हाई-टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां स्थापित करते हुए अपने वैश्विक नेटवर्क को और मजबूत किया है। यूनिवर्सिटी ने हो ची मिन्ह सिटी की दो प्रमुख यूनिवर्सिटीज और सैगॉन हाई-टेक पार्क के साथ सहयोग के लिए समझौते किए हैं।
13 और 14 अगस्त 2026 को वियतनाम में हुई इस अंतरराष्ट्रीय पहल के साथ गलगोटियास यूनिवर्सिटी का वैश्विक सहयोग नेटवर्क अब वियतनाम, जापान, सिंगापुर और यूनाइटेड किंगडम तक विस्तार कर चुका है। इन साझेदारियों का उद्देश्य छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, रिसर्च, सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण, उद्योगों के साथ जुड़ाव और वैश्विक करियर के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
वियतनाम में तीन महत्वपूर्ण समझौते
गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने हो ची मिन्ह सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (HUTECH) के साथ औपचारिक समझौता किया है। इसके तहत दोनों संस्थान छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त अनुसंधान और तकनीक, इंजीनियरिंग तथा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में व्यावहारिक शिक्षा पर काम करेंगे।
इसके अलावा यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस, हो ची मिन्ह सिटी (UEF) के साथ भी रणनीतिक शैक्षणिक सहयोग स्थापित किया गया है। इस साझेदारी के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उद्यमिता, अंतरराष्ट्रीय रिसर्च फंडिंग और फैकल्टी डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।
तीसरी महत्वपूर्ण पहल सैगॉन हाई-टेक पार्क के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में की गई है। हो ची मिन्ह सिटी का सैगॉन हाई-टेक पार्क वियतनाम के प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों में शामिल है, जहां वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां मौजूद हैं।
इस पहल के तहत SHTP ट्रेनिंग, Vietedge और IV Tech Electronics Co. Ltd. के सहयोग से भारत-वियतनाम सेमीकंडक्टर पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें गलगोटियास यूनिवर्सिटी भारतीय शैक्षणिक भागीदार की भूमिका निभाएगी।
यूपी में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संभावना
यूनिवर्सिटी इस साझेदारी के माध्यम से सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण, इंडस्ट्री प्रैक्टिस और वर्कफोर्स डेवलपमेंट के क्षेत्र में नए अवसर विकसित करेगी। साथ ही वियतनाम के हाई-टेक इकोसिस्टम के सहयोग से उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
इन साझेदारियों के माध्यम से गलगोटियास यूनिवर्सिटी के छात्रों को वियतनाम के तेजी से विकसित हो रहे टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर सेक्टर से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
भारत-वियतनाम टेक कॉरिडोर में भी सक्रिय भूमिका
वियतनाम में यह सहयोग गलगोटियास यूनिवर्सिटी की उस सक्रिय भूमिका का विस्तार है, जिसके तहत यूनिवर्सिटी को वियतनाम सरकार के आमंत्रण पर हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-वियतनाम टेक कॉरिडोर समिट में भाग लेने का अवसर मिला था।
इस समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डीप टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत और वियतनाम के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
“हर छात्र को मिले अंतरराष्ट्रीय अनुभव”
गलगोटियास यूनिवर्सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि हो ची मिन्ह सिटी में स्थापित यह सहयोग यूनिवर्सिटी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा, “वियतनाम, जापान, सिंगापुर और यूनाइटेड किंगडम में हमारी साझेदारियां एक स्पष्ट रणनीति का हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि गलगोटियास यूनिवर्सिटी का प्रत्येक छात्र सीमाओं से परे सीखने, रिसर्च करने और नए अवसरों का निर्माण करने में सक्षम बने।”
उन्होंने कहा कि इन समझौतों के माध्यम से छात्रों को प्रमुख यूनिवर्सिटीज, आधुनिक प्रयोगशालाओं और हाई-टेक इंडस्ट्री से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त होगा और उनके करियर के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
जापान, सिंगापुर और ब्रिटेन में भी मजबूत साझेदारी
वियतनाम के अलावा गलगोटियास यूनिवर्सिटी जापान, सिंगापुर और यूनाइटेड किंगडम में भी अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार कर रही है।
जापान में गलगोटियास यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश की एकमात्र यूनिवर्सिटी है, जिसने यामानाशी प्रीफेक्चर के साथ एमओयू और यामानाशी यूनिवर्सिटी के साथ लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यह क्षेत्र एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और क्लीन एनर्जी रिसर्च के लिए जाना जाता है।
सिंगापुर में यूनिवर्सिटी नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (NTU Singapore) के साथ गैलगोटियास स्टूडेंट-सेंटर्ड एक्टिव लर्निंग इकोसिस्टम यानी G-SCALE पहल पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य आधुनिक और सक्रिय शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
यूनाइटेड किंगडम में गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के गिरटन कॉलेज के साथ एमओयू किया है। इसके माध्यम से भविष्य में शैक्षणिक सहयोग और छात्र आदान-प्रदान के अवसर विकसित किए जाएंगे।
छात्रों को मिलेगा रिसर्च, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री एक्सपोजर
यूनिवर्सिटी के अनुसार, इन अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का मुख्य उद्देश्य केवल समझौते करना नहीं, बल्कि छात्रों को वास्तविक अवसर उपलब्ध कराना है।
इन सहयोगों के माध्यम से छात्रों को वैश्विक एक्सपोजर, अकादमिक मोबिलिटी, संयुक्त और बहुविषयक अनुसंधान, आधुनिक प्रयोगशालाओं में काम करने, इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप, प्रोफेशनल नेटवर्क और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
गलगोटियास यूनिवर्सिटी की वियतनाम यात्रा पर गए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य संचार अधिकारी उज्ज्वल प्रताप और इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी अवस्थी ने किया।
प्रतिनिधिमंडल ने हो ची मिन्ह सिटी में विभिन्न यूनिवर्सिटीज, शोध संस्थानों, ट्रेनिंग विशेषज्ञों और इंडस्ट्री प्रतिनिधियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सैगॉन हाई-टेक पार्क सहित शहर के शिक्षा और तकनीकी ढांचे का भी अध्ययन किया।
जल्द शुरू होंगे एक्सचेंज और सेमीकंडक्टर स्किल प्रोग्राम
आने वाले समय में इन अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के तहत छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट, इनोवेशन प्रोजेक्ट, इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप, सेमीकंडक्टर स्किल प्रोग्राम और फैकल्टी डेवलपमेंट जैसी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
गलगोटियास यूनिवर्सिटी का मानना है कि वियतनाम, जापान, सिंगापुर और कैम्ब्रिज के साथ स्थापित ये साझेदारियां उसके वैश्विक शैक्षणिक नेटवर्क के विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन सहयोगों के माध्यम से यूनिवर्सिटी भारत की उच्च शिक्षा और नवाचार क्षमता को एशिया और यूरोप के प्रमुख शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
