शारदा विश्वविद्यालय में भविष्य की तकनीकों और उद्योगोन्मुख शोध पर व्याख्यान
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान एवं जैव रसायन विज्ञान विभाग की ओर से “Future Technologies and Research: An Industry Perspective” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीएसआईआर-आईआईआईएम के पूर्व निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर राम विश्वकर्मा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।
प्रो. राम विश्वकर्मा ने अपने व्याख्यान में भविष्य की उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग तथा समाज एवं उद्योग की जरूरतों से अनुसंधान को जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बहुविषयक अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) और उद्योगोन्मुख शोध के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), हरित प्रौद्योगिकी, उन्नत सामग्री, जैव प्रौद्योगिकी और सतत विकास से जुड़े अनुसंधान वैश्विक प्रगति के प्रमुख आधार बनेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप अपने कौशल और शोध को विकसित करने की सलाह दी।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। प्रो. विश्वकर्मा ने अपने वैज्ञानिक अनुभव और दृष्टिकोण के आधार पर उनके विस्तार से जवाब दिए। इससे प्रतिभागियों को उद्योग की अपेक्षाओं, वर्तमान शोध अवसरों और वैश्विक स्तर पर उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी मिली।
स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस की डीन डॉ. पल्लवी गुप्ता और रसायन विज्ञान एवं जैव रसायन विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपम अग्रवाल ने व्याख्यान को विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम में डॉ. नूपुर श्रीवास्तव, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, डॉ. शशांक शर्मा, डॉ. मृदुला, डॉ. प्रीति जैन, डॉ. आशीष, डॉ. शिवानी प्रिया, डॉ. प्रिया दास, डॉ. परतपर सरकार, डॉ. सयन्ति मंडल, डॉ. सुमन मलिक, डॉ. सुरेंदर, डॉ. कविता खटाना, डॉ. मणिदीपा सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
