84 वर्षीय हार्ट फेलियर मरीज का बिना ओपन सर्जरी हुआ सफल इलाज, फोर्टिस ग्रेटर नोएडा ने पहली बार की मित्राक्लिप प्रक्रिया
कमजोर हृदय और एक ही गुर्दा काम करने के कारण मरीज के लिए ओपन-हार्ट सर्जरी थी बेहद जोखिमपूर्ण
ग्रेटर नोएडा, 25 अगस्त। फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा ने गंभीर हार्ट फेलियर से जूझ रहे 84 वर्षीय मरीज का मित्राक्लिप (MitraClip) प्रक्रिया से सफल इलाज किया है। अस्पताल के अनुसार, क्षेत्र में यह अपनी तरह का पहला मामला है। मरीज का हृदय केवल 30-35 प्रतिशत क्षमता से काम कर रहा था और उनका सिर्फ एक गुर्दा काम कर रहा था। ऐसी स्थिति में पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी काफी जोखिमपूर्ण मानी जा रही थी।
मरीज को अस्पताल पहुंचने पर सांस फूलने, अत्यधिक कमजोरी और बार-बार हार्ट फेलियर की शिकायत थी। जांच में सामने आया कि उनके हृदय का माइट्रल वाल्व ठीक से बंद नहीं हो रहा था, जिसके कारण रक्त पीछे की ओर रिस रहा था। इससे पहले से कमजोर हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था।
मरीज की हृदय धमनियों में फरवरी 2026 में दो स्टेंट भी डाले गए थे। इसके अलावा उनका एक ही गुर्दा काम कर रहा था, प्रोस्टेट बढ़ा हुआ था और गंभीर यूरिनरी इंफेक्शन भी था। उम्र और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए डॉक्टरों के लिए ओपन-हार्ट सर्जरी करना चुनौतीपूर्ण था।
सीने में चीरा लगाए बिना हुई प्रक्रिया
इस हाई-रिस्क मामले में कार्डियोलॉजी टीम ने मित्राक्लिप प्रक्रिया का विकल्प चुना। यह एक मिनिमली इनवेसिव यानी कम चीरे वाली प्रक्रिया है, जिसमें ओपन-हार्ट सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती।
फोर्टिस ग्रेटर नोएडा के सीनियर कंसल्टेंट-कार्डियोलॉजी डॉ. हरनीश सिंह भाटिया के नेतृत्व में टीम ने पैर की रक्त वाहिका के रास्ते एक छोटी क्लिप को हृदय तक पहुंचाया। 3डी इमेजिंग तकनीक की मदद से MitraClip XTW G4 को लीक कर रहे माइट्रल वाल्व पर लगाया गया। इसके बाद वाल्व के रिसाव में कमी आई और प्रक्रिया बिना किसी बड़ी जटिलता के पूरी हुई।
प्रक्रिया के बाद मरीज के लक्षणों में सुधार देखा गया। उन्हें स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और कार्डियोलॉजी टीम लगातार उनका फॉलोअप कर रही है।
ओपन सर्जरी की जगह कम इन्वेसिव विकल्प
डॉ. हरनीश सिंह भाटिया ने कहा कि मरीज की उम्र, गंभीर हार्ट फेलियर, हाल में हृदय की धमनियों में हुए उपचार और एक ही गुर्दा काम करने के कारण यह बेहद चुनौतीपूर्ण मामला था। ऐसे हाई-रिस्क मरीज में ओपन-हार्ट सर्जरी सुरक्षित तरीके से करना मुश्किल हो सकता है। मित्राक्लिप ने बिना सीने में चीर-फाड़ किए लीक कर रहे वाल्व के उपचार का विकल्प दिया।
उन्होंने कहा कि इस सफलता से पता चलता है कि उचित मरीज चयन और उन्नत कार्डियक प्रक्रियाओं के माध्यम से ऐसे मरीजों का भी इलाज संभव है, जिनके लिए पारंपरिक उपचार के विकल्प सीमित होते हैं।
फोर्टिस ग्रेटर नोएडा की फेसिलिटी डायरेक्टर बिंदु शर्मा ने कहा कि जटिल हृदय रोगों के उपचार के लिए क्लीनिकल अनुभव के साथ उन्नत तकनीक और टीमवर्क जरूरी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल मरीजों को उनके घर के नजदीक उन्नत कार्डियक उपचार उपलब्ध कराने के लिए अपनी सेवाओं को लगातार मजबूत कर रहा है।
