NBCC के निर्माण शुरू न करने और RERA से पूरी छूट की मांग पर नेफोवा नाराज
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, 17 अगस्त। सुपरटेक की 16 परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी मिलने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर नेफोवा (NEFOWA) ने NBCC के खिलाफ नाराजगी जताई है। संगठन ने NBCC द्वारा सुप्रीम कोर्ट में RERA के प्रावधानों से पूरी तरह छूट की मांग किए जाने पर भी चिंता व्यक्त की है।
NEFOWA अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा कि NCLAT ने 12 दिसंबर 2024 को सुपरटेक की 16 परियोजनाओं को पूरा करने और होमबायर्स को फ्लैट सौंपने की जिम्मेदारी NBCC को दी थी। उनके मुताबिक करीब 21 महीने बीत जाने के बाद भी परियोजनाओं में जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि निर्माण में लगातार हो रही देरी से हजारों होमबायर्स परेशान हैं। NCLAT ने 6 मई 2026 को NBCC को 31 जुलाई 2026 तक निर्माण कार्य के लिए कॉन्ट्रैक्ट देने का निर्देश दिया था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ।
शुरुआती निवेश और फंडिंग को लेकर सवाल
होमबायर्स का कहना है कि NBCC की ओर से शुरुआत में 100 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश का भरोसा दिया गया था। इसके अलावा परियोजनाओं के लिए बैंक फंडिंग मिलने की बात भी कही गई थी। इसके बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से खरीदारों में असंतोष बढ़ रहा है।
नेफोवा के अनुसार बटुआ के होमबायर्स ने NBCC को कई बार ई-मेल भेजकर परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण की योजना और काम शुरू होने की संभावित तारीख की जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
‘निर्माण शुरू नहीं तो पैसे क्यों खर्च हो रहे’
होमबायर्स ने आरोप लगाया है कि उनके पैसों का इस्तेमाल निर्माण कार्य शुरू करने के बजाय समिति के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों के वेतन तथा गैर-निर्माण गतिविधियों में किया जा रहा है। उनका सवाल है कि जब परियोजनाओं में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है तो होमबायर्स की राशि लगातार अन्य मदों में क्यों खर्च की जा रही है।
RERA से पूरी छूट की मांग पर जताई चिंता
NBCC द्वारा सुप्रीम कोर्ट में RERA के नियमों से पूरी तरह छूट की मांग किए जाने पर भी होमबायर्स ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि RERA के प्रावधानों से पूरी छूट मिलने की स्थिति में निर्माण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय पर फ्लैट की डिलीवरी को लेकर जोखिम बढ़ सकता है।
होमबायर्स ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि बिना किसी और देरी के परियोजनाओं में निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और फ्लैटों की डिलीवरी के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए।
‘कागजी कार्रवाई नहीं, जमीन पर निर्माण चाहिए’
होमबायर्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने राजीव जैन को Amicus नियुक्त किया है। हालांकि खरीदारों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि अब उनकी प्राथमिकता स्पष्ट है—कागजी कार्रवाई के बजाय परियोजनाओं में वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होना चाहिए।
NEFOWA ने कहा कि होमबायर्स अपने घर और निवेश से जुड़े मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट और NCLAT के समक्ष लगातार उठाते रहेंगे और परियोजनाओं के निर्माण तथा फ्लैटों की डिलीवरी को लेकर जवाबदेही तय कराने की मांग जारी रखेंगे।
