यूपीसीडा सीईओ ने उद्योग संगठनों के साथ की बैठक, औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
ग्रेटर नोएडा, 17 अगस्त। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के नवनियुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. बलकार सिंह ने सोमवार को साइट-5 कासना स्थित यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालय में औद्योगिक संगठनों और उद्यमियों के साथ बैठक की। बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, आधारभूत सुविधाओं और उद्यमियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA), गौतमबुद्धनगर समेत विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास संबंधी सुझाव यूपीसीडा सीईओ के सामने रखे।
बैठक के बाद डॉ. बलकार सिंह ने ईपीआईपी औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने वहां स्थित कुछ औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया और उद्यमियों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं एवं विकास कार्यों का जायजा लिया।
समयबद्ध समाधान प्राथमिकता: यूपीसीडा सीईओ
डॉ. बलकार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक, सुव्यवस्थित, सुरक्षित और निवेश-अनुकूल बनाने की है। उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान यूपीसीडा की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने, आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और पारदर्शी एवं सरल प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने के लिए प्राधिकरण पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगा।
उन्होंने औद्योगिक संगठनों के साथ नियमित संवाद और समन्वय के माध्यम से विकास कार्यों को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।
मार्च के बाद विकास कार्य धीमे होने का आरोप
आईबीए अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने डॉ. बलकार सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में यूपीसीडा ने गौतमबुद्धनगर के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रवेश द्वार, सड़क, हाईमास्ट एवं स्ट्रीट लाइट, कियोस्क, वेंडिंग जोन, सार्वजनिक शौचालय, श्रमिक सुविधा केंद्र और मालवाहक वाहनों के लिए पार्किंग जैसी सुविधाओं का विकास कराया है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों के स्वरूप और कार्य वातावरण में सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि मार्च 2026 के बाद विकास एवं अनुरक्षण कार्यों की गति धीमी हुई है। ड्रेनों की नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण और अनुरक्षण कार्य प्रभावित होने के कारण हल्की बारिश में भी औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। इससे उद्योगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कवरयुक्त ड्रेनेज और सीवरेज समेत कई मांगें
आईबीए अध्यक्ष ने सभी औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक और कवरयुक्त आरसीसी ड्रेनेज प्रणाली विकसित करने, सीवरेज व्यवस्था संचालित करने, पेयजल पाइपलाइन और पानी की टंकियां स्थापित करने तथा अधूरी सड़कों को पूरा करने की मांग रखी।
इसके अलावा ग्रीन बेल्ट का विकास, नियमित साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट, सीसीटीवी, ट्रांसपोर्ट पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय और श्रमिक सुविधाओं को बेहतर करने की मांग की गई। उद्यमियों ने अनुमतियों और एनओसी को सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन एवं समयबद्ध उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
स्थानीय स्तर पर सक्षम अधिकारी की तैनाती की मांग
आईबीए ने गौतमबुद्धनगर में ACEO स्तर के सक्षम अधिकारी की नियमित तैनाती की मांग भी रखी। एसोसिएशन ने कहा कि अधिकारी सप्ताह में कम से कम तीन दिन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रहें, ताकि उद्योगों से जुड़े मामलों में तत्काल निर्णय लिए जा सकें।
साथ ही हर माह अथवा 15 दिन में उद्योग संगठनों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर विकास कार्यों की प्रगति और समस्याओं के समाधान की समीक्षा करने का सुझाव दिया गया।
अमित कुमार उपाध्याय ने कहा कि आईबीए समस्याएं उठाने के साथ उनके स्थायी समाधान के लिए प्रशासन के साथ मिलकर काम करने में विश्वास रखती है। एसोसिएशन का उद्देश्य गौतमबुद्धनगर के यूपीसीडा औद्योगिक क्षेत्रों को विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं से युक्त, स्वच्छ, सुरक्षित और निवेश-अनुकूल औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।
बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। डॉ. बलकार सिंह ने उद्योग संगठनों की ओर से रखे गए सुझावों और मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए औद्योगिक क्षेत्रों के समग्र विकास तथा उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
बैठक में आईबीए अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय, कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, जॉइंट सेक्रेटरी विकास राय, यूपीसीडा साइट-5 औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर सेक्रेटरी वीरेंद्र रावल, उपाध्यक्ष राजेश खन्ना समेत संस्था के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
